संजय ने कहा…संविलियन को लेकर गंभीर नहीं सरकार…मूल्यांकन कार्य का करेंगे बहिष्कार..

बिलासपुर— शिक्षकों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मुठ्ठी तान लिया है। मूल्यांकन कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया है। मामले में 26 मार्च को शासन के सामने मांग के साथ मूल्यकांन बहिष्कार ज्ञापन देने का फैसला किया है। शिक्षक मोर्चा के संचालक संजय शर्मा ने कहा कि संविलियन और शासकीयकरण समेत 9 मांगो को लकर कमेटी गंभीर नहीं है। इसलिए शिक्षाकर्मी संगठनों ने फैसला किया है कि तीन अप्रैल से होने वाले मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया जाए।

                         शिक्षाकर्मियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ कड़ा फैसला लेने का एलान कर दिया है। शिक्षक मोर्चा संचालक संजय शर्मा ने बतााय कि कमेटी शिक्षाकर्मियों के संविलियन और शासकीकरण समेत 9 सूत्रीय मांग को लेकर किसी भी तरह गंंभीर नहीं दिखाई दे रही है।इन तमाम बिन्दुओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षाकर्मी संगठनों ने शासन को 26 मार्च को पत्र देकर मूल्यांकन कार्य बहिष्कार का मन बनाया है।

                         संजय ने बताया कि 3 अप्रैल से मूल्यांकन कार्य शुरू होगा। शिक्षाकर्मी मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेंगे। इसकी जानकारी 26 मार्च को पत्र के माध्यम से मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन, सचिव छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल और स्थानीय कलेक्टर को दिया जाएगा। इसके अलावा बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन प्रभारी को जानकारी दी जाएगी।

                           मोर्चा संचालक संजय शर्मा ने बताया कि शिक्षाकर्मियो की मांगो को ध्यान में रखकर सरकार ने कमेटी का गठन किया है। संविलियन, शासकीकरण समेत 9 सूत्रीय मांगों पर अभी तक सकारात्मक रिपोर्ट नही सौपा गया है। इसके अलावा अन्य गतिविधियों से जानकारी मिल रही है कि कमेटी मांगो के निराकरण को लेकर गम्भीर नही है।

                  संजय ने बताया कि कमेटी को तीन माह के अन्दर सरकार के सामने रिपोर्ट पेश करना था। लेकिन कमेटी का कार्यकाल एक माह के लिए बढ़ा दिया गया। इस बात को भी लेकर शिक्षाकर्मियो में आक्रोश है। संविलियन, शासकीकरण समेत 9 सूत्रीय मांगों पर सकरात्मक निर्णय नही होने के कारण शिक्षक मोर्चा ने 3 अप्रैल को प्रारंभ होने वाले मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।

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