संविलयन पर MP के नेताओँ की प्रतिक्रिया-सावधान और सचेत रहे…सरकार देती कम और ढिंढोरा अधिक पीटती है

भोपाल।छत्तीसगढ़ से पहले मध्यप्रदेश के शिक्षा कर्मियों के संविलयन का एलान हो चुका है। लेकिन इसकी प्रक्रिया अब भी जारी है। इस पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए मध्यप्रदेश अध्यापक संघर्ष समिति के सदस्य रमेश पाटिल ने कहा है कि इस घोषणा के बाद अब छत्तीसगढ़ के शिक्षा कर्मियों को ज्यादा सचेत और सावधान रहने की जरूरत है। साथ ही उन्हे अपनी संगठनात्मक गतिविधियां जारी रखने और आपत स्थिति में आँदोलन की मानसिकता तैयार रखने की भी सलाह दी है।रमेश पाटिल ने कहा कि ईश्वर करे हमारे बंधु-बहने छत्तीसगढ के शिक्षाकर्मियो का शिक्षा विभाग मे संविलियन बगैर किसी बाधा के सम्पन्न हो जाए।अध्यापक संघर्ष समिति मध्यप्रदेश की ओर से अग्रिम बधाई।अब छत्तीसगढ के शिक्षाकर्मियो को ज्यादा सचेत सावधान रहने की जरूरत है।छत्तीसगढ मंत्रिमंडल मे निर्णय लिये जाने के बाद आदेश होगे।यह लम्बी एवं जटिल प्रक्रिया है।

उन्होने कहा कि अनुभव ये कहता है कि किसी भी दल की सरकार हो।सरकार का रवैया एक जैसा ही रहता है।वे कर्मचारियो को बहुत कम लाभ दिये जाने के बावजूद ढिंढोरा खूब पीटते है।आर्थिक लाभ कम से कम देते है।भविष्य मे सरकार को आर्थिक लाभ और अन्य सुविधाएं न्यायालय के माध्यम से देना न पड़ जाए इसलिए वरिष्ठता पर लगाम लगा देते है। मध्यप्रदेश के अध्यापक इसका ताजातरीन उदाहरण है।वादा शिक्षा विभाग मे संविलियन,समान कैडर,समान पदनाम एवं जनवरी 2016 से सातवे वेतनमान का था   । लेकिन मिला कुछ नही।वरिष्ठता भी नियुक्ति देकर समाप्त कर दी गई।

इसलिए जरूरी है कि छत्तीसगढ के शिक्षाकर्मी सरकार पर पूर्ण विश्वास ना कर अपनी संगठनात्मक गतिविधी जारी रखे।आपातकालीन स्थिति मे आन्दोलन करने की मानसिकता के साथ तैयार रहे।रमेश पाटिल  ने कहा कि  अध्यापक संघर्ष समिति मध्यप्रदेश को  डाॅ• रमनसिंह,मुख्यमंत्री छत्तीसगढ पर पूरा विश्वास है कि वे बात के धनी है और शीघ्रताशीघ्र बगैर किसी विसंगति के शिक्षाकर्मियो का शिक्षा विभाग मे संविलियन करेगे।बुढापे और भविष्य की चिंताओ से शिक्षाकर्मियो को मुक्त कर छत्तीसगढ का स्वर्णिम शैक्षणिक भविष्य बनाने मे मजबूती से कदम बढायेंगे।

मप्र शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री क्षत्रवीर सिंह राठौर ने कहा कि  मप्र शासन द्वारा अध्यापको के शिक्षा विभाग में संविलियन हेतु अधीनस्थ राज्य शिक्षा सेवा कैडर में नियुक्ति का प्रस्ताव मप्र शिक्षक संघ को मान्य नहीं है।छतीसगढ़ में मूल शिक्षा विभाग में संविलियन की तर्ज़ पर मप्र में भी अध्यापकों को 1994वाले डाईंग कैडर वाले मूल पदों पर पुरानी वरिष्ठता के साथ संविलियन दिया जाये।शिक्षा विभाग में अध्यापक संवर्ग के संविलियन के लिए संघ पुरजोर प्रयास कर रहा है।

मध्यप्रदेश शिक्षक संघ नरसिंहपुर के सत्यप्रकाश त्यागी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में शिक्षा कर्मियों के संविलियन की रमन सरकार की घोषणा का स्वागत करते हैं।मप्र में भी शिक्षा विभाग में एक ही कैडर में अध्यापकों के संविलियन के आदेश जारी करने की शिवराज सरकार से लगातार माँग की जा रही है ।साथ ही मप्र में भी छत्तीसगढ़ की तरह वर्ष2013 से 6 वाँ वेतनमान और 2016 से 7  वाँ वेतनमान देने की पुरजोर तरीके से गुजारिश की जा रही हैं।मप्र में भी शिक्षा विभाग के मूल पदों पर सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता के पदों पर ही संविलियन किया जाये ।

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