सघन चेकिंग अभियानः टैक्सी मालिकों में हलचल

IMG-20150730-WA0000बिलासपुर— जिला कलेक्टर आदेश के बाद स्कूल से बच्चों को घर लाने ले जाने वाले छोटे वाहन संचालकों ने आज कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। इसके पहले सभी आटो चालकों और टैक्सी चालकों ने कोन्हेंर गार्डन में एक बैठक कर शासन पर दबाव बनाने की रणनीति भी बनाई। कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर वाहन चालकों ने कलेक्टर प्रतिनिधि एस.पी वैद्य से मिलकर बताया कि हमें वेवजह परेशान किया जा रहा है। हमें बड़े वाहनों की तरह कोई रास्ता निकालते हमें भी शासन अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए सुझाव दे।

                     कोन्हेंर गार्डन में रणनीति बनाने के बाद आज भारी संख्या में आटो और टैक्सी चालकों ने कलेक्टर पहुंचकर घेराव किया। स्कूल आटो और टैक्सी चालक संघ ने बताया कि यातायात अधिकारी उन्हें जबरदस्ती परेशान कर रहे हैं। हम लोग शिक्षित बेरोजगार हैं छोटे से आटो के सहारे अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। यदि हम आटो में दो या तीन बच्चों या वरिष्ट लोगों को बैठाएंगे तो हमारे घर में चुल्हा जलना मुश्किल हो जाएगा। संघ के अध्यक्ष सुधीर सिंह परिवार ने बताया कि हम शासन और कलेक्टर का आदेश मानने को तैयार हैं। लायसेंस और गाड़ी के कागजात भी पूरा करने की कोशिश करते हैं। लेकिन सवारी को लेकर सरकार ही बताए कि हम किन नियमों का अनुकरण करें।

                         परिहार ने बताया कि जब हम लायसेंस देते हैं तो अधिकारी गाड़ी में कुछ खामियां निकालकर पेनाल्टी ठोंक देते हैं। हम गरीब हैं सीसीटीवी कैमरा भी अपनी गाड़ी में नहीं लगा सकते है। परिहार ने एस.पी.वैद्य से बताया कि एक बच्चे पर हमें इतना रूपया नहीं मिल सकता कि अपना परिवार पाल सकें। अभिभावक यदि हमें प्रति बच्चें दो हजार रूपए दे तो हम भी नियमों का बैहतर तरीके से पालन करेंगे।

                         एसडीएम एस.पी.वैद्य ने बताया कि कलेक्टर के दिशा निर्देश पर बिना लायसेंसधारी और ओव्हर लोड परिवहन करने वाली गाड़ियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। उन्हें वार्निंग और पेनाल्टी के बाद छोड़ा भी जा रहा है। बच्चे स्कूल बेहतर सुविधा के साथ जाएं। इस बात को ध्यान में रखते हुए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। कल 27 वाहनों पर कार्रवाई भी की गयी है। स्कूली बच्चों को लाने ले जाने वाले छोटे वाहनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गयी है। इनकी मांग है कि शासन ही हमें रास्ता दिखाए कि हम कितना बच्चों का परिवहन करें और कितना शुल्क ले जिससे हमारा परिवार भी खुश रहे। बैद्य ने बताया कि इनकी शिकायत को कलेक्टर के सामने रखा जाएगा। जो भी निर्णय होगा इन्हें सूचित कर दिया जाएगा।

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