सब जगह स्मार्ट सिटी की चर्चा

nagar nigam 1बिलासपुर—- स्मार्ट सिटी प्रस्ताव भेजे जाने के बाद बिलासपुर में उत्सव का माहौल है। स्मार्ट सिटी कैसा होगा ऐसे तमाम प्रश्न लोगों के अब जुबान पर है। भारतीय जनता पार्टी के नेता स्मार्ट सिटी को लेकर जहां सधी हुई प्रतिक्रिया दे रहे हैं। तो वहीं कांग्रेस नेता भी अब स्मार्ट सिटी मुद्दे पर संभलकर बयानबाजी कर रहे हैं। इससे अलग बिलासपुर की जनता एक दूसरे से मिलकर स्मार्ट सिटी के फायदे और नुकसान को लेकर कोने खोमचों पर गुणाभाग कर रहा है। कुल मिलाकर इन दिनों बिलासपुर को स्मार्ट बनने की चर्चा आम है। लोगों में भारी उत्साह भी देखने को मिल रहा है।

       सीजी वाल ने आज बिलासपुर स्मार्ट सिटी की आधिकारिक घोषणा के पहले भाजपा और कांग्रेस दोनों ही नेताओं से चर्चा कर जानने का प्रयास किया कि स्मार्ट सिटी बिलासपुर को लेकर उनकी क्या राय है और इसमें किसकी कितनी भूमिका है। लगभग सभी लोगों ने समवेत सुर में स्वीकार किया कि न्यायधानी होंने के कारण बिलासपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलना ही चाहिए था। बावजूद इसके दावे को मजबूती देने में सर्वाधिक योगदान न्यायधानी की जनता को जाता है।

सभी के प्रयास से मिला हक

29 JULY 15                                                  निगम सभापति अशोक विधानी ने बताया कि बिलासपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिले बिलासपुर की जनता ने ही तय कर लिया था। निकाय मंत्री अमर अग्रवाल ने पुरजोर कोशिश कर जनता के मंसूबों को सच कर दिखाया। अब यह बात मायने नहीं रखती कि यहां क्या है और क्या नहीं है। हमें स्मार्ट सिटी का दर्जा मिल चुका है। हम सब मिलकर मंत्री अमर अग्रवाल और बिलासपुर की जनता के सपनों को साकार करेंगे। विधानी ने बताया कि बिलासपुर नैसैर्गिक संसाधनों से भरा पड़ा है। यहां की जनता अपना हक मांगना जानती है। अमर अग्रवाल ने उनका हक दिया है। अशोक विधानी ने बताया कि यह बेकार की बातें है कि हमारे पास हवाई पट्टी नहीं है। हाईकोर्ट नहीं है। एसईसीएल और कानन उद्यान नहीं है। मुझे कोई बताए कि किस शहर के बीचो बीच उद्यान,उद्योग हाईकोर्ट या हवाई पट्टी है। शहर का विस्तार कुछ इसी तरह से होता है। शहर बड़ा होता है तो महानगर का स्वरूप ले लेता है। कितने गांव जुडे या फिर नहीं जुड़े इसका कोई मतलब नहीं रह जाता है। हमने अस्सी प्रतिशत सिवरेज का काम पूरा कर लिया है। प्रदेश में सबसे अच्छी जल आवर्धन योजना का काम बिलासपुर में ही हुआ है। विधानी ने बताया कि बिलासपुर स्मार्ट सिटी मिलने का मुख्य कारण केन्द्रीय योजनाओं का शत प्रतिशत लागु किया जाना है।

         कमिश्नर को बधाई

29 JULY 15               भाजपा नेता विजय ताम्रकार ने बताया कि अमर अग्रवाल के प्रयासों से ही बिलासपुर को स्मार्ट सिटी का तोहफा मिला है। इसमें निगम कमिश्नर के योगदान को भुलाया नही जा सकता है। कांग्रेस हमारी विरोधी पार्टी है लेकिन उसके योगदान को भी हम भूल नहीं सकते हैं। उन्होंने जितना विरोध किया हम उतने ही तेजी से स्मार्ट सिटी की ओर कदम बढ़ाते गए। ताम्रकार ने कहा कि कौन कहता है कि हाईकोर्ट, हवाई पट्टी कानन उद्यान या फिर केन्द्रीय विश्वविद्यालय और एसईसीएल शहर के के बाहर है। जो ऐसी बात करते हैं उन्हें हम बताना चाहते हैं कि सरकण्डा थाना, कोनी थाना,चकरभाठा और सिरगिट्टी थाने को शहर से बाहर क्यों नहीं माना जाता। विजय ने कहा कि निकाय मंत्री के प्रयास से ही हमें स्मार्ट सिटी का तोहफा मिलने जा रहा है। तीन तारीख को इसकी घोषणा हो जाएगी। विजय ने बताया कि बिलासपुर को स्मार्ट सिटी मिलने का दर्जा इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि चार विधानसभा का क्षेत्र बिलासपुर से ही जुड़े हैं। मै इसके लिए जनता और कमिश्नर रानू साहू को धन्यवाद देना चाहता हूं कि जिन्होंने रात दिन एक कर बिलासपुर वासियों को सौगात दिया है।

योजनाओं का मिला लाभ

29 JULY 15                                                        भाजपा पार्षद उमेश चन्द्र कुमार स्मार्ट सिटी का दर्जा हासिल होने के बाद कुछ ज्यादा ही खुश नजर आए। उन्होंने बताया कि अरपा विकास प्राधिकरण,सिवरेज और जल आवर्धन योजना बिलासपुर में भली भांति काम कर रही है। केन्द्र की सभी योजनाओं का सबसे अच्छी तरह से संचालन बिलासपुर में ही हो रहा है। मोदी ने खुद दिल्ली के विज्ञान भवन में छत्तीसगढ़ का खासकर बिलासपुर में शौचालय योजना पर हुए काम की जमकर तारीफ की थी। जाहिर सी बात है कि बिलासपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलना ही था।

अंकों की बाजीगरी

29 JULY 15                 कांग्रेस नेता अभय नारायण राय भाजपाइयों से कुछ अलग ही विचार रखते हैं। उनका मानना है कि अंको बाजीगरी से बिलासपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा हासिल हुआ है। कमिश्नर रानू साहू को इसका श्रेय जाता है। हमें खुशी है कि बिलासपुर को उप राजधानी ना सही लेकिन स्मार्ट सिटी का दर्जा तो हासिल हुआ। देखने वाली बात है कि इसका हश्र क्या होता है। मुझे उम्मीद है कि सिवरेज और अरपा विकास प्राधिकरण की हालत तो कम से कम स्मार्ट सिटी योजना की नहीं होगी। अभय ने बताया कि जनता और कांग्रेस के दबाव से स्मार्ट सिटी का दर्जा हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारे पास जमीन नहीं है। कर्मचारियों का तनख्वाह नहीं दे पा रहे हैं। बावजूद इसके स्मार्ट सिटी का तोहफा मिलना बहुत अच्छी बात है। कांग्रेस नेता ने बताया कि हम स्मार्ट सिटी का स्वागत तब बेहतर तरीके से करेंगे जब शहर के पेड़ों का बलि नहीं चढाया जाएगा। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर किसी का घर ना टूटे और ना ही करों की अनावश्यक बोझ आम जनता पर थोपा जाए। कांग्रेस ऐसे किसी भी प्रकार की योजनाओं का विरोध करेगी जब जनता को बेवजह सताया जाएगा।

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