समीक्षा बैठक में गुटबाजी की गूंज…प्रभारी मंत्री ने कहा टिकट बांटने नहीं आया…जरूरत पड़ी तो सस्पेन्ड करूंगा…मनाऊंगा भी

बिलासपुर— एक दिनी प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे प्रभारी मंत्री ने निकाय चुनाव के मद्देनजर निकाय जनप्रतिनिधि संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक की। जिले के सभी नगर पंचायत.नगर पालिका समेत निगम जनप्रतिनिधियों ने बैठक में हिस्सा लिया। दिन भर आधे आधे घंटे की बैठक में क्षेत्र के संगठन पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने समस्याओं को पेश किया। साथ ही पार्टी में गुटबाजी होने की शिकायत की। इसके अलावा दलबलुओं को तवज्जो दिए जाने की बात कही । पदाधिकारी और निकाय जनप्रतिनिधियों ने प्रभारी मंत्री से बताया कि अधिकारी आज भी भाजपा शासन काल के खुमारी से बाहर नहीं आए हैं।इस दौरान नगर निगम बिलासपुर में मेयर प्रत्याशी को लेकर भी जमकर बातचीत हुई।
                                                 समीक्षा बैठक आयोजन लखीराम अग्रवाल आ़डिटोरियम में किया गया। बैठक में गौरैेला पेन्ड्रा से लेकर मस्तूरी पचपेढ़ी के ब्लाक संगठन पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी ने अपने सुख दुख को प्रभारी मंत्री के सामने बेखौफ होकर रखा। बिल्हा ब्लाक के एक कांग्रेस नेता ने प्रभारी मंत्री को बताया कि संगठन में गुटबाजी चरम पर है। इसका जीता जागता नमूना देखने को मिल जाएगा। बिल्हा में 11 पार्षद कांग्रेस के है। भाजपा के मात्र 4 पार्षद है। बावजूद इसके उपाध्यक्ष भाजपा से है। सरकार बनने के बाद भी कोई अधिकारी कांग्रेस जनप्रतिनिधियों को तवज्जो नहीं देते हैं। आज भी अधिकारी और कर्मचारी भाजपा शासन काल की खुमारी से बाहर नहीं आए है। जिसके चलते जनहितैषी काम नहीं हो रहे है। बिजली पानी सड़क से लेकर किसी भी प्रकार की छोटी बड़ी समस्या का निराकरण नहीं हो पा रहा है।
                            कमोबेश सभी कांग्रेस नेताओं ने पीडा जाहिर करते हुए कहा कि जिला में पैरलल संगठन देखने को मिल जाएगा। लोग अनुशासनहीन हो चुके हैं। यही कारण है कि अधिकारी और कर्मचारियों से कांग्रेस नेताओ को तवज्जो नहीं मिल रहा है।
          समीक्षा बैठक का अन्त निगर निगम बिलासपुर से हुआ। इस दौरान निगम पार्षद,जिला संगठन समेत ब्लाक संगठन के नेताओं ने अपनी बातों को पेश किया। इस दौरान सिवरेज से लेकर अमृत मिशन योजना से सड़को की दुर्दशा के बारे में कांग्रेस नेताओं ने बताया। सभी विभागों पर भाजपा शासन काल की तर्ज पर कामकाज करने का आरोप लगाया। शहर कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि बिलासपुर नगर निगम मेयर का पद सामान्य हो चुका है। टिकट देते समय जाति विशेष से ऊपर उठकर निर्णय लिया जाना चाहिए। क्योंकि यहां सभी वर्गों के लोग रहते हैं। एक दूसरे नेता ने कहा कि बिलासपुर से किसी सामान्य वर्ग से ही मेयर प्रत्याशी बनाया जाए।
                         दिन भर की बैठक के बाद प्रभारी मंत्री ने जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों के खिलाफ थोड़ा नरम और गरम की नीति को अपनाया। उन्होने कहा टिकट बांटने नहीं समीक्षा करने आया हूं। प्रत्याशी कोई हो…सबको मिलकर कांग्रेस को जिताना है। महापौर प्रत्याशी को जिताने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा। अधिकारियों पर दोषारोपण ठीक नहीं। क्योंकि अधिकारी सबके शासनकाल में काम करते हैं।
                                                बैठक में ताम्रध्वज ने कहा कि बिलासपुर में कांग्रेस का महापौर नहीं है। हो सकता है कि पार्षदों और पदाधिकारियों को काम करने में मुश्किल आ रही है। लेकिन हमें निकाय चुनाव में मिलकर कांग्रेस प्रत्याशी को महापौर बनाना है। सभी लोगों को सरकार की उपलब्धियों को लेकर जनता के बीच जाना होगा। यदि अधिकारी काम नहीं करता है तो बताएं…जरूरत पड़ी तो सख्त कार्रवाई करूंगा। सस्पेंड भी करुंगा। इतना ही नहीं नाराज पदाधिकारी और टिकट दावेदारों को मनाउंगा भी।
                   सूत्रों ने बताया कि इस दौरान कुछ पार्षद और ब्लाक संगठन के नेताओं ने जिला संगठन की जमकर खिंचाई की। नेताओं ने आरोप लगाया कि दलबदल कर आए लोगों को कुछ खास लोग कुछ खास तवज्जों दे रहे हैं। खासकर जोगी कांग्रेस से आए नेताओं की जमकर आवाभगत हो रही है। ऐसे लोग टिकट की दावेदारी भी कर रहे हैं। संगठन के स्वास्थ्य के लिए यह उचित नहीं होगा।
                        समीक्षा बैठक के दौरान प्रदेश महामंत्री अटल श्रीवास्तव, जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी, शहर अध्यक्ष नरेन्द्र बोलर,बिलासपुर विधायक शैलेश पाण्डेय, तखतपुर विधायक रश्मि सिंह समेत कई बड़े नेता ताम्रध्वज साहू के साथ मंच पर मौजूद थे।

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