सरकार का आर्थिक पैकेज-स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 15 हजार करोड़ रूपये की घोषणा,स्कूली शिक्षा के लिए दीक्षा प्लेटफॉर्म की शुरूआत,पढिए 5वीं प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बातें

दिल्ली।वित्त मंत्री ने कहा कि नाफेड,एफसीआई और राज्य सरकारों का धन्यवाद कहना चाहूंगी कि ऐसे संकट के समय मे गरीबों और जरूरतमंदों को अनाज देने में बड़ी भूमिका निभा रहे है.  डीबीटी के जरिये लाभार्थियों तक सहायता राशि भेजी जा रही है. यह तभी संभव हो पाया जब हम आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल पिछले 4 सालों से अधिक समय से कर रहे है.  20 करोड़ जनधन खातों में पैसे भेजे गए जिसमे 10025 करोड़ की मदद दी गई. 6.81 करोड़ फ्री सिलेंडर उज्जवला योजना के तहत. गरीबों के लिए फ्री अनाज मुहैया कराया जा रहा है. निर्माण कार्य मे मज़दूरों की मदद की जा रही है. सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप NEWS ग्रुप से जुडने के लिए यहाँ क्लिक कीजिये

8.19 करोड़ किसानों के खातों में 2000 रुपये की किश्त दी गई.उन्होंने कहा कि आईटी का उपयोग करते हुए ईस्ट संजीवनी कंसल्टेंसी सर्विस की शुरुआत की गई. आरोग्य सेतु ऐप को करोड़ों लोगों ने डाउनलोड किया. भीम ऐप की तरह ये भी लोगों को बहुत लाभकारी है. पहले जहां भारत में एक भी पीपीई किट बनाने की एक भी कंपनी नहीं थी, आज 300 से ज्यादा यूनिट हैं. आज एक दिन में 3 लाख से ज्यादा पीपीई किट बनाई जाती हैं. एन95 मास्क भी लाखों की संख्या में बनाये जा रहे हैं. करीब 11 करोड़ एचसीक्यू टैबलेट का भी का उत्पादन किया.

वित्त मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिए पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज पालिसी लाई जाएगी.  सभी सेक्टर्स को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोला जाएगा पर साथ में सरकारी कंपनी भी रहेगी. सभी स्ट्रेटेजिक सेक्टर्स में एक सरकारी कंपनी तो रहेगी ही निजी कंपनी के साथ. दूसरे सेक्टर्स में भी सरकारी कंपनी का निजीकरण किया जाएगा. फिजूल खर्च और एडमिनिस्ट्रेटिव खर्च को कम करने के लिए एक से चार ही इंटरप्राइजेज रहेंगी बाकी का निजीकरण किया जाएगा या विलय किया जाएगा या फिर होल्डिंग कंपनी के साथ विलय किया जाएगा.

वित्त मंत्री ने बताया कि सरकार ने कोविड19 के समावेश के लिए अब तक स्वास्थ्य संबंधी उपायों के लिए 15,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जिसमें पीएमजीकेवाई के तहत स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए प्रति व्यक्ति 50 लाख रुपये बीमा शामिल है.

राज्यों के पास फंड की समस्या देखते हुए निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया कि राज्य 2020 – 21 में 6.41 लाख करोड़ रुपये 3 फीसदी राज्य के जीडीपी के हिसाब से कर्ज उठा सकते थे. अभी तक राज्यों ने केवल 14 फीसदी ही अपनी क्षमता का कर्ज उठाया है, 86 फीसदी नहीं उठाया है. लेकिन कोरोना के मद्देनजर सरकार ने राज्यों को 2020 – 21 में राज्यों के जीडीपी का 5   फीसदी कर्ज राज्य ले सकते हैं ये केवल एक साल के लिए है. इससे राज्यों को अतिरिक्त 4.28 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त रकम मौजूद होगा.

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण की 5वीं प्रेस कॉन्फ्रेंस की खास बातें Live Updates 

– राज्यों को कर्ज लेने की क्षमता को अब 3 फीसदी से बढ़ाकर 5 फीसदी कर दी गई है. 

– अब एक तिमहाी तक राज्य अपने पास ओवर ड्राफ्ट रख सकते हैं. 

-आत्मनिर्भर भारत के लिए पब्लिक सेक्टर एन्टरप्राइज़ पॉलिसी लाई जाएगी

– कंपनी एक्ट में मामूली उल्लंघन चूक के लिए अपराधीकरण के कैटगरी के बाहर निकाला जाएगा. जिसमें सीएसआर की रिपोर्टर्टिंग, बोर्ड रिपोर्ट फाइलिंग डिफ़ॉल्टस, एजीएम की होल्डिंग. 7 कंपाउंडिंग offence को खत्म किया गया

– कोविड19 की वजह से कर्ज न चुका पाने वाली कंपनियों को डिफाल्ट में नही डाला जाएगा. 

-देश के 100 विश्वविद्यालय 30 मई तक ऑनलाइन कोर्स की शुरुआत कर देंगे. 

-पहली से 12 वीं के छात्रों के लिए हर क्लास का अलग टीवी चैनल होगा.  

-स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी खर्च निश्चित रूप से बढ़ाया जाएगा. हर जिले में संक्रामक रोग सेंटर बनाए जाएंगे

-मनरेगा के लिए 40,000 करोड़ अतिरिक्त जारी किया गया. 

-किसानों को 2 महीनें के लिए मुफ्त अनाज और दाल देने की घोषणा की गई, इसके अलावा 20 करोड़ लाभार्थियों के खातों में पैसे पहुंचाए गये : वित्त मंत्री

-स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 15 हजार करोड़ रूपये की घोषणा की गई : वित्त मंत्री

– कोरोना के बाद की तैयारियों पर भी रहेगी सरकार की नज़र – मनरेगा, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यापार और कोविड-19 पर दिया जाएगा जोर : वित्त मंत्री

-देश में 300 से अधिक कंपनियां पीपीआई किट बना रही हैं. पहले एक भी कंपनियां नहीं थी. 1 लाख पीपीई किट एक दिन  बनाए जा ही हैं. 

– 200 नई पाठ्यपुस्तकें ई-पाठशाला में जोड़ी गईं: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

-आज हम मनरेगा, हेल्थ, शिक्षा, बिजनेस, कंपनी एक्ट, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और राज्य सरकारों के रिसोर्स पर केंद्रित करेंगे. 

-निर्माण कार्य में लगे मजदूरों तक भी मदद पहुंचाई गई है. 

– प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई गई ट्रेनें का किराया 85 फीसदी केंद्र सरकार ने दिया है. ट्रेन के अंदर खाना भी मुहैया करवाया गया. 

– हम आपका ध्यान इस ओर आकर्षित कराना चाहते हैं हमने किस तरह से अनाज, गैस और कैश मदद लोगो तक पहुंचाया है.

-20 करोड़ जनधन खाते में सीधे पहुंचाए गए हैं. उज्ज्वला योजना का लाभ आम जनता का तक पहुंचाया गया है.

-गरीबों को अनाज मुहैया करवाया जा रहा है : निर्मला सीतारमण

– पीएम ने कहा- जान भी जहान भी : निर्मला सीतारमण

– वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीएम मोदी के भाषण के अंशों को पढ़कर प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत की. 

-वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू कर दी है.

पैकेज की चौथी किस्त की मुख्य बातें: 

  • रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में स्वत: मंजूरी मार्ग से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 49 से बढ़ाकर 74 प्रतिशत की जाएगी. 
  • ऐसे हथियारों और प्लेटफॉर्म की सूची जारी की जायेगी, जिनका आयात प्रतिबंधित होगा. इन्हें भारत में ही खरीदा जा सकेगा. 
  • यात्री उड़ानों के लिये भारतीय वायु क्षेत्रों पर लगी पाबंदियों में ढील दी जायेगी, इससे ईंधन और समय की बचत होगी.  
  •  पाबंदियों में ढील से विमानन क्षेत्र को एक साल में एक हजार करोड़ रुपये का लाभ होगा. 
  • 12 हवाई अड्डों में निजी कंपनियों से 13 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश मिलेगा.
  • कोयला क्षेत्र में निजी कंपनियों को वाणिज्यिक खनन का अधिकार मिलेगा। सरकार का एकाधिकार समाप्त होगा. 
  • क्षेत्र में उतरने के प्रावधान सरल किये जायेंगे, तत्काल नीलामी के लिये करीब 50 ब्लाक पेश किये जायेंगे. 
  • केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) का निजीकरण किया जायेगा.
  • अस्पतालों समेत सामाजिक बुनियादी संरचना के विकास में वीजीएफ में सरकार की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत, इससे 8,100 करोड़ रुपये खर्च होंगे. 
  • उपग्रहों, प्रक्षेपणों और अंतरिक्ष-आधारित सेवाओं समेत भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में निजी कंपनियों को भगीदारी के अवसर मिलेंगे. 
  •  कैंसर एवं अन्य बीमारियों के किफायती उपचार के लिये पीपीपी आधार पर अनुसंधान नाभिकीय संयंत्र बनाये जायेंगे. 

आर्थिक पैकेज की चौथी किस्त के ऐलान पर पीएम मोदी ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित आर्थिक उपायों से कारोबार के अवसर बढ़ेंगे और अर्थव्यवस्था का कायाकल्प करने में मदद मिलेगी. पीएम मोदी ने ट्वीट किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को जो घोषणाएं की हैं उनमें कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों मसलन कोयला, खनिज, रक्षा, विमानन, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा को शामिल किया गया है. 

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