सरपंच चुनाव में धांधली की शिकायत.. मोहतरा और गुमा वासियों में आक्रोश… पूर्व सरपंच ने कराया फर्जी मतदान

बिलासपुर— सरपंच चुनाव में धांधली की शिकायत लेकर गुमा और मोहतरावासियों ने कलेक्टर प्रशासन से शिकायत की है। अच्छी खासी संख्या में गांव वालों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुची महिलाओं ने बताया कि जहां गुमा के पूर्व सरपंच ने पत्नी को जिताने के लिए जमकर धांधली की है। वहीं मोहतरा गांव में भी संगीता भार्गव के परिवार ने चुनाव जीतने के लिए गलत हथकंडा अपनाया है। शिकायत कर्ताओं ने गुहार लगाई है कि दोनों ही जगह फिर से चुनाव कराया जाए।
 
                           सरपंच चुनाव में जमकर धांधली हुई है। ऐसा आरोप बिल्हा से गुमा और मस्तूरी क्षेत्र के मोहतरा के लोगों ने खासकर महिलाओं ने जिला प्रशासन से कही है। मोहतरा ग्रामीणों के साथ पहुंची चुनाव में हारी हुई प्रत्याशियों ने बताया कि संगीता भार्गव का चुनाव निरस्त किया जाए। खासकर हारी हुई प्रत्याशी रानी कोसले, राजे मिरी, कुसुम बाई सुमन, गजमती सुमन,अरूण सुमन और शशिकला ने कलेक्टर प्रशासन को लिखित में बताया कि संगीता भार्गव ने चुनाव जीतने के लिए गैर संवैधानिक हथकंडो को अपनाया है। लंच के समय केन्द्र का खिड़की दरवाजा बंद कर संगीता के समर्थन में फर्जी मतदान कराया गया है। परिवार के सदस्यों ने आम जनता को ना केवल बेवकूफ बनाया बल्कि मतगणना के दौरान भी धांधली की है।
 
               शशिकला और अरूणा सुमन ने बताया कि चुनाव परिणाम आने के बाद ग्रामीण स्तब्ध हैं। मोहतरा निवासी परिणाम को लेकर खुश नहीं है। जबकि समूचा गांव कह रहा है कि हमने संगीता भार्गव को वोट दिया ही नहीं। ऐसे में वह चुनाव कैसे जीत गयी। इससे जाहिर होता है कि मतगणना के दौरान धांधली हुई है। । हम लोग चाहते हैं कि वर्तमान चुनाव को निरस्त करते हुए प्रशासन गुमा में फिर से चुनाव कराया जाए।
       
गुमावासियों ने भी किया परिणाम का विरोध
 
        वहीं बिल्हा जनपद पंचायत क्षेत्र के गुमा वासियों ने भी सरपंच चुनाव में धांधली किए जाने का आरोप लगाया है। अच्छी खासी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे महिलाओं ने बताया कि पत्नी को जिताने के लिए पूर्व सरपंच ने मतदाताओं पर दबाव बनाया है। मतदान केन्द्र में बैठकर फर्जीवाड़ा कर फर्जी मतदान कराया है। ऐसे लोगों ने वोट डाला है जो गांव में है ही नहीं। 
   
        लिखित शिकायत कर महिलाओं ने बताया कि संगीता गेंदले का पति जितेन्द्र गेंदले..फर्जी मतदान कराने से पहले सभी एजेन्टों को मतदान केन्द्र से बाहर कर दिया। इतना ही नहीं आंगनबाडी कार्यकर्ताओं को भी मतदान केन्द्र से निकाल दिया। फर्जी मतदान के लिए केन्द्र के पीठासीन अधिकारी पर दबाव बनाया। बाहर से पांच छः व्यक्तियों को बुलाकर फर्जी तरीके से मतदान कराया गया।
 
              महिलाओं ने बताया कि मतगणना के समय सील खोलने से पहले किसी भी एजेन्ट को नहीं बताया गया। ना ही प्रत्याशियों को जानकारी ही दी गयी । इसलिए हमारी मांग है कि गुमा में दुबारा मतदान कराया जाए।
 

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