मेरा बिलासपुर

सवाल सुनकर भड़के शिक्षामंत्री…कोई दुकानदारी नहीं…सब नियम से हो रहा…मंत्री हटाना,बनाना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार

बिलासपुर—-  स्कूली शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम आज अल्पप्रवास पर बिलासपुर रूके। इस दौरान पत्रकारों से संक्षिप्त बातचीत की। उन्होने कहा मंत्रीमण्डल में फेरबदल या मंत्री हटाने और बनाने का मुख्यमंत्री को विवेकाधिकार है। ओएसडी से मोहभंग नहीं हुआ है। सरकार पांच साल चलेगी। पुरानी सरकार के चलते ही शिक्षा विभाग पर लोड है। स्थानांतरण प्रक्रिया को दुकानदारी नहीं कह सकते है। इसके बाद मंत्री ने बीच में ही सवाल जवाब छोड़कर चले गए।सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

                                  स्कूली शिक्षामंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम आज अल्प प्रवास पर बिलासपुर पहुंचे। उन्होने बताया कि विभाग में सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है। सरकार को किसी प्रकार की परेशानी नहीं है। एक सवाल के जवाब में प्रेमसाय सिंह ने बताया कि मंत्रीमंडल में फेरबदल या हटाने रखने का मुख्यमंत्री को विवेकाधिकार है। मैं कैसे बताउं की मंत्रीमंडल में फेरबदल या हटाने रखने की बात हो रही है।

            ऐसा क्या कारम है कि मात्र 6 महीने में आपने दो ओएसडी हटा दिए। कोई खास वजह जिसके कारण दोनों ओएसडी से मोहभंग हो गया है। स्कूली शिक्षामंत्री ने कहा कि किसको रखना है या किसको हटाना है इसका फैसला आप नहीं करेंगे। मोहभंग नहीं हुआ है..सरकार पांच साल चलेगी। ऐसे में मोहभंग का सवाल ही नहीं उठता है।

                    जिले में शिक्षक ज्यादा हो गए हैं..एक जगह तीन तीन शिक्षक हो गए हैं। सब कुछ अव्यवस्थित हो गया है। कैसे व्यवस्थित करेंगे। सवाल के जवाब में प्रेमसाय ने कहा कि सारी परेशानी पुरानी सरकार की दी हुई है। पन्द्रह साल का लोड है…जल्द ही सब कुछ ठीक हो जाएगा। लोग स्थानांतरण चाहते थे। इसलिए लोगों का स्थानांतरण किया गया।

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             आखिर पन्द्रह साल का लोड कैसे हुआ। आपके विभाग ने ही तो एक पद पर तीन शिक्षक भेजे हैं। क्या स्थानांतरण को दुकान बना दिया गया है। सवाल सुनते ही शिक्षा मंत्री भड़क गए। उन्होने कहा कि दुकानदारी या उद्योग नहीं चल रहा है। सामान्य प्रक्रिया के तहत स्थानांतरण हुआ है।

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