सहकारिता मंत्री दयालदास ने कहा…जाली अंकसूची वालों पर होगी कार्रवाई…CEO ने बताया..दो से मांगा स्पष्टीकरण

बिलासपुर— जिला सहकारी बैंक ने एक आदेश जारी कर दो कर्मचारियों को फर्जी मार्कशीट मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। तीन दिन के भीतर दोनों कर्मचारियों को सीईओ के सामने जवाब लिखित और मौखिक जवाब पेश करना होगा। जबाव मिलने के बाद थाने में दोनों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। जानकारी मिली है कि इसके अलावा अन्य 48 लोगों पर बैठक में निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद उन्हें भी स्पष्टीकरण भेजा जा सकता है। या फिर सभी के खिलाफ सीधे आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।

                                    सूत्रों के अनुसार जिला सहकारी बैंक ने नोौकरी से निलंबित विकास गुरूदीवान और सरकण्डा जिला सहकारी बैंक शाखा प्रभारी संजीव जायसवाल को फर्जीवाड़ा कर नौकरी हासिल करने के आरोप में स्पष्टीकरण मांगा गया है। दोनों कर्मचारियों को तीन दिन के भीतर यानि सोमवार या मंगलवार को लिखित और मौखिक जवाब देना होगा। जवाब मिलने के बाद जांच रिपोर्ट के अनुसार दोनों कर्मचारियों के खिलाफ फर्जी मार्कशीट मामले में थाने में आपराध दर्ज कराया जाएगा।

                 मालूम हो कि करीब दो साल पहले जिला सहकारी बैंक में वित्तीय अनियमितिता और कर्मचारियों की भर्ती में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच हुई थी। राज्य शासन के आदेश पर संयुक्त पंजीयक के.एल.ठारगावे की अगुवाई में टीम ने जांच के बाद रिपोर्ट शासन के हवाले कर दिया। जांच टीम ने वित्तीय अनियमितता के अलावा पचास से अधिक लोगों की मार्कशीट फर्जी पाया। रिपोर्ट में बताया कि पचास कर्मचारियों ने फर्जी मार्कशीट जमाकर नौकरी हासिल किया है। कई विश्वविद्यालय तो अस्तित्व में नहीं है। कुछ है तो उन्हें यूजीसी से मान्यता हासिल नहीं है। जबकि ऐसे विश्वविद्यालयों के बारे यूजीसी ने समय समय पर पत्र पत्रिकाओं के माध्यम से आगाह कर ब्लैक लिस्ट में डाला भी है। वेवसाइट पर केवल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों को ही डाला है। बावजूद इसके तात्कालीन बैंक प्रबंधन ने जानबूझकर फर्जी अंकसूची जमा करने और गलत दस्तावेज पेश करने वालों को नौकरी पर रखा। इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सैकड़ों कर्मचारियों की नियुक्ति नियमों के अनुसार नहीं हुई। सैकड़ों लोगों को नियम विरूद्ध प्रमोशन भी दिया गया।

                                रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद भी फर्जी अंकसूची जमाकर नौकरी हासिल करने वालों पर डे़ढ़ साल बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। धीरे धीरे जब मामला सामने आने लगा तो जिला बैंक प्रबंधन ने विकास गुरूदीवान और संजीव अग्रवाल को तीन दिन के अन्दर जवाब देने का आदेश दिया है। इसके बाद दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की बात सामने आयी है।

कार्रवाई का दिया आदेश–दयालदास बघेल

                            सहकारिता मंत्री दयालदास बघेल ने सीजी वाल को बताया कि फर्जीवाड़ा करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा। हमने रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई का आदेश दिया था। फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पता लगाएंगे कि बैंक प्रबंधन ने आदेश के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं की। दयालदास ने बताया कि घोटालेबाजों और फर्जीवाड़ा करने वालों को बैंक से बाहर निकाला जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई होगी।

दोनों को थमाया नोटिस…बैठक में करेंगे फैसला

                      जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक तिवारी ने बताया कि दोनों विकास और संजीव के खिलाफ कार्रवाई होगी। दोनों को तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा है। उन्हें पहले भी रिपोर्ट से अवगत कराया जा चुका है। बैंक प्रबंधन ने भी जांच पड़ताल पूरी कर ली है। नैर्सिक अधिकार के तहत दोनों को सुना जाएगा। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर कानूनी तरीके से उचित कार्रवाई की जाएगी।

                                                 अभिषेक ने बताया कि अन्य लोगों के मामले को लेकर बैठक होगी। बैठक के बाद सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय का पालन होगा। जांच रिपोर्ट को भी सामने रखा जाएगा। जरूरी हुआ तो स्पष्टीकरण मांगेगे। अन्यथा बैठक के निर्णय के अनसुार एक्शन लिया जाएगा। एफआईआर भी दर्ज किया जाएगा।

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