हमार छ्त्तीसगढ़

सात और तहसीलें सूखाग्रस्त घोषित

IMG_20151124_212653_996रायपुर।मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को निवास कार्यालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के सूखा पीड़ित किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के बाद राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने बताया कि मंत्रिपरिषद ने 50 प्रतिशत से कम आनावारी वाले सात और तहसीलों को सूखा ग्रस्त घोषित करने का निर्णय लिया है। इनमें जिला सूरजपुर के अंतर्गत तहसील प्रेमनगर, ओड़गी और भैयाथान, जिला जशपुर के अंतर्गत जशपुर और बगीचा, जिला दुर्ग में धमधा और जिला बस्तर में बास्तानार तहसील शामिल हैं। इन्हें मिलाकर राज्य के 26 जिलों की कुल 117 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है।

                                    मंत्रिपरिषद ने सूखा प्रभावित तहसीलों के किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधानों के तहत मुआवजा वितरण अगले माह से शुरू करने का निर्णय लिया। राजस्व मंत्री ने बताया कि इसके लिए सभी संबंधित जिला कलेक्टरों को आवश्यक रिपोर्ट जल्द से जल्द भेजने के निर्देश दिए गए। मंत्रिपरिषद ने सूखा प्रभावित किसानों के व्यापक हित में उन्हें 1500 यूनिट अतिरिक्त बिजली निःशुल्क देने का भी निर्णय लिया।

                                  उल्लेखनीय है कि कृषक जीवन ज्योति योजना के तहत कृषक जीवन ज्योति योजना में स्थायी एवं अस्थायी, 3 एचपी तक के पंपों पर 6000 हजार यूनिट तथा 3 से अधिक एवं 5 एचपी तक के स्थायी एवं अस्थायी पंपों पर 7500 हजार यूनिट निःशुल्क विद्युत की सुविधा दी जा रही है। मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य में सूखे की स्थिति को देखते हुए कृषक जीवन ज्योति योजना के अन्तर्गत किसानों को दी जा रही निःशुल्क विद्युत की वर्तमान सीमा के अतिरिक्त 1500 यूनिट की छूट दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इस प्रकार प्रभावित किसानों को इस वर्ष कुल नौ हजार यूनिट बिजली निःशुल्क मिलेगी। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2015-16 में कुल रूपए 1866 करोड़ का अनुदान राज्य शासन द्वारा दिया जाएगा, जिसमें 1500 यूनिट के लिए अनुदान की राशि 208 करोड़ रूपए शामिल है। योजना के अंतर्गत अधिकतम 5 एचपी तक के पंप कनेक्शन हेतु प्रत्येक परिवार के एक पंप पर निःशुल्क विद्युत की पात्रता रखी गयी है। वर्तमान में तीन लाख 92 हजार 525 किसानों के सिंचाई पम्पों को निःशुल्क विद्युत की सुविधा दी जा रही है, जिसमें 44 हजार पम्प कनेक्शन अस्थायी है। राज्य सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों को अगले साल खरीफ के दौरान बोनी के लिए एक क्विंटल तक धान बीज निःशुल्क देने का भी निर्णय लिया है।

                                 श्री पाण्डेय ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज की केबिनेट बैठक में लिए गए एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के अनुसार खनिज निधि की राशि का उपयोग राज्य में रेल और सड़क जैसी अधोसंरचनाओं के विकास के लिए किया जाएगा। यह राशि लगभग 600 करोड़ रूपए की होती है। भारत माता वाहिनी योजना का क्रियान्वयन आबकारी विभाग के माध्यम से करने का निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण निधि अधिनियम 1982 में संशोधन का निर्णय लिया गया है। इसके अंतर्गत संगठित क्षेत्र के ऐसे समस्त कारखानों में जहां 9 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, उनका पंजीयन हर साल माह जून और माह दिसम्बर में किया जाएगा, ताकि उन्हें श्रम कल्याण मंडल के माध्यम से संचालित योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में महानिदेशक स्तर का 01 असंवर्गीय पद एक वर्ष की अवधि के लिए निर्मित करने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में पुलिस महानिदेशक का संवर्गीय पद 01 तथा असंवर्गीय पद 02 स्वीकृत है। एक और पद स्वीकृत हो जाने के बाद अब पुलिस महानिदेशकों के असंवर्गीय पदों की संख्या 03 हो जाएगी।

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