मेरा बिलासपुर

सादगी से त्योहार मनाने सिख समाज का फैसला

sikhsamaajबिलासपुर। बरगाड़ी पंजाब मे कुछ असामाजिक तत्वो के द्वारा श्री गुरु ग्रंथ साहब जी की गई बेअदबी (अपमान) के विरोध मे रोष और दुख प्रकट करने के लिए बिलासपुर और आसपास के इलाके की प्रबन्धक कमेटियों की एक मीटिंग श्री गुरुद्वारा साहेब दयालबंद मे की गई। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा दयालबंद के प्रधान अमरजीत सिंघ दुआ ने बंदी छोड़ दिवस (दिवाली) मनाने के बारे मे उपस्थित जानो से सुझाव मांगे। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि बंदी छोड़ दिवस (दिवाली) मे लाइटिंग, मिठाइयाँ और आतिशबाज़ी न की जाये। दिवाली वाले दिन गुरुद्वारों मे  रात्रि दीवान की समाप्ती के बाद आतिशबाजी न की जाये और दीपमाला भी न की जाये। इस तरह का (मता) प्रस्ताव पास किया गया।

समूह गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी ने सिख समाज से अनुरोध किया है कि अपने निवास स्थान और प्रतिष्ठानो मे लाइटिंग, आतिशबाज़ी और मिष्ठान वितरण न करें।

इस अवसर पर दयालबंद गुरुद्वारा के प्रधान अमरजीत सिंघ दुआ, 27 खोली कलगीघर गुरुद्वारा के प्रधान विक्रम सिंह, तरबहार  सिरगिट्टी गुरुद्वारा के प्रधान  चरणजीत सिंह खनुजा, यदुनन्दन नगर गुरुद्वारा के प्रधान दिलदार सिंह , बिल्हा गुरुद्वारा के गुरबचन लाल सवन्नी, अमरजीत सिंह सवन्नी, सरगाव के जोगिंदर सिंह खालसा, नरेंद्र सिंह हुरा, कवर्धा से विनीत सिंह सलूजा, बेमेतरा से जसबीर सिंह गुंबर, जसपाल सिंह होरा, मंगत सिंह होरा, मंजीत सिंह, मोहिंदर सिंह, परमजीतसिंह सलूजा, जगमोहन सिंह अरोरा, त्रिलोचन सिंह अरोरा, भूपेंदर सिंह गांधी, चरणजीत सिंह दुआ, अजीतसिंह गंभीर, अमरजीत सिंह छाबड़ा, जोगेन्दर सिंह गंभीर, सुरजीतसिंह सलूजा, मनदीप सिंह गंभीर उपस्थित थे।

इस अवसर पर सेंट्रल गुरुद्वारा के प्रधान प्रीतम सिंह सलूजा ने समूह गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी द्वारा पास किए गए मत्ते (प्रस्ताव) का समर्थन किया।

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