सामने आया शिक्षा विभाग का सच,आदिवासी बालक 5 वीं पास,फिर भी लिखना नहीं जानता..लगाता है अँगूठा

बलरामपुर । इस आदिवासी बालक की उम्र करीब 12 साल है…….. यह सरकारी स्कूल से 5 वीं कक्षा पास कर चुका है….इसके पास 5 वीं पास का सर्टिफिकेट भी है….। लेकिन वह अपना नाम भी नहीं लिख सकता…. दस्तखत की जगह पर वह अपना अँगूठा लगाता है….। यह कहानी है बलरामपुर – रामानुजगँज के कृष्ण नगर गाँव में रहने वाले भुइहर  ( आदिवासी ) समाज के बालक रामलाल ( बदला हुआ नाम)  की…. जिसकी यह सचाई बाल कल्याण समिति के सामने आई तो समिति ने डीईओ- बीईओ को चिट्ठी लिखकर   इसे एक आदिवासी बालक के साथ धोखाधड़ी पूर्ण कार्य की श्रेणी में माना है और  उसकी पढ़ाई के बारे में प्रतिवेदन मांगा है।

बलरामपुर – रामानुजगंज जिले में किशोर न्याय  ( बच्चों की देख-रेख एवं संरक्षण ) के लिए बाल कल्याण समिति का गठन किया गया है। यह प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट की न्यायपीठ है। समिति की ओर से बलरामपुर – रामानुजगंज के जिला शिक्षा  अधिकारी, बलरामपुर के विकास खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानपाठक कृष्णनगर के नाम पिछले 16 मार्च को एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि कृष्ण नगर के रहने वाले 12 वर्षीय बालक को बाल कल्याण  समिति के सामने पेश किया गया ।

जिसकी माता ने बालक के लिए छात्रावास की मांग की है। बालक 5 वीं कक्षा उत्तीर्ण है। लेकिन वह दस्तखत करने में असमर्थ है। उसने समिति के सामने अँगूठा निशान लगाया है। साथ ही शिकायत की है कि स्कूल में उसे कभी पढ़ाया नहीं गया । जबकि बालक अपना नाम तक नहीं लिख पाता है  तो उसे कक्षा 5 वीं का शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र कैसे जारी किया गया ।

कक्षा 5 वीं उत्तीर्ण बालक यदि अँगूठा छाप है, तो यह किसकी जिम्मेदारी है। कक्षा 5 वीं उत्तीर्ण होने के बावजूद बालक शिक्षित होना ते दूर साक्षर भी नहीं हो सका। इस बालक को 5 वीं कक्षा का शिक्षा पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करना एक आदिवासी बालक के साथ धोखाधड़ी पूर्ण कार्य की श्रेणी में आता है।

समिति ने अपने पत्र में निर्देशित किया है कि इस बालक की शिक्षा के संबंध में आगे क्या किया जाएगा, इस संबंध में प्रतिवेदन 26 मार्च तक समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। समिति ने पत्र की प्रति संचालक शिक्षा विभाग सहित कलेक्टर व अध्यक्ष जिला बाल संरक्षण समिति बलरामपुर , सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जिला बलारामपुर और कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को भी भेजी है।

जाँच चल रही हैः  प्रभारी डीईओ

इस संबंध में पूछने पर बलरामपुर – रामानुजगंज जिले की प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी आशारानी टोप्पो ने बताया कि – मैने  कुछ दिन पहले ही प्रभार ग्रहण किया है। मामले की जाँच चल रही है। कल ही इस बारे में कुछ बता पाउंगी।

बच्चे  और शिक्षक को बुलाया गया हैः बीईओ

 इस संबंध में जानकारी के लिए जब विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बलरामपुर गोविंद तिवारी से संपर्क किया गया तो उन्होने   बताया कि –  26 तारीख को बच्चे  और  शिक्षक को बुलाया गया है। उनके  सहित जिला शिक्षा अधिकारी  चाइड केयर में उपस्थित होंगे । जाने के बाद ही पूरी जानकारी आपको दे पाऊंगा ।  किस कारण से बच्चा लिख पढ़ नहीं पा रहा है .  कल बच्चे को पढ़ा और लिखा कर देखा भी जाएगा ।
स्कूल न आने के बावजूद पास हो जाते हैं बच्चेः उपाध्याय
 छत्तीसगढ़ पंचायत नगरी निकाय शिक्षक संघ के सचिव ऋषिकेश उपाध्याय का कहना है कि  छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था दुर्भाग्य जनक पहलू बलरामपुर ही नहीं पूरे प्रदेश के विद्यालयों में ऐसे दो चार बच्चे मिल जाएंगे । यह स्कूल ना आने के बावजूद भी उत्तीर्ण  हो जाते हैं ।  क्योंकि आरटीई के नियमों के कारण शिक्षक न  उन्हें फेल कर सकता है और न  उनका नाम खारिज कर सकता है ।  क्षेत्र के बालकों में  जागरूकता का अभाव रहता है । इस मामले में शिक्षकों को दोषी नहीं माना जा सकता ।

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