सामान्य सभा बैठक का बहिष्कार

0508015_BILASPUR_SAMANY_SABHA_VIUVAL 007बिलासपुर—जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक बिना बहस के खत्म हो गयी। कांग्रेसियों ने जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा जनप्रतिनिधियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि सभा में जब हमारी सुनी नहीं जाती तो ऐसे में सामान्य सभा की बैठक की औपचारिकता ही क्या रह जाती है।

       जिला पंचायत समान्य सभा की बैठक आज बिना कुछ कहे सुने ही खत्म हो गयी। बैठक में वन विभाग, मनरेगा और खाद्य विभाग से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी थी। लेकिन बैठक में एक दो को छोड़ ज्यादातर भाजपाई जनप्रतिनिधि नदारद रहे। कांग्रेसियों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष की तानाशाही के चलते भाजपा के सदस्य बेहद नाराज हैं शायद इसलिए उन लोगों ने भी बैठक पहले से ही बहिष्कार कर दिया।

                  बैठक का बहिष्कार करते हुए कांग्रेसी जनप्रतिनिधियों ने बताया कि चुनाव के बाद अभी तक के बैठक में सिर्फ चाय नास्ता पर ही चर्चा हुई है। निवेदन प्रतिवेदन के बाद भी कांग्रेसी जनप्रतिनिधियों के क्षेत्रों में अभी तक कोई काम नहीं हुआ है। महिला जनप्रतिनिधियों ने बताया कि बैठक में सिर्फ जिला पंचायत अध्यक्ष की मनमानी चलती है। सरकार की जितनी भी विकासकारी योजनाएं आती हैं सबसे पहले दीपक साहू के क्षेत्र में ही पहुंचती है। दीपक साहू की इन नीतियों से भाजपा जनप्रतिनिधियों में भी आक्रोश है। शायद इसीलिए भाजपा प्रतिनिधि जिला पंचायत बैठक में शामिल नहीं हुए।

               सीजी वाल से बातचीत करते हुए कांग्रेसी जनप्रतिनिधि जितेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष की मनमानी से कांग्रेसी ही नहीं बल्कि भाजपा के सदस्य भी नाराज हैं। उनके इशारे पर ही फारेस्ट, और खाद्य विभाग के अधिकारी काम करते हैं। कांग्रेस नेत्री ममता कौशिक ने बताया कि फारेस्ट विभाग की तरफ से जब भी कोई कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। तो विभाग के अधिकारी जिला पंचायत अध्यक्ष के इशारे पर उन्हें निमंत्रित नहीं करते हैं। ममता कौशिक ने बताया कि महिलाओं से हमेशा उपेक्षित व्यवहार किया जाता है। खाद्य या अन्य विभाग के भी कार्यक्रम में उन्हें नहीं बुलाया जाता ।

             जिला पंचायत अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए जितेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि कभी कभी ऐसा लगता है कि जिला पंचायत में मात्र एक ही क्षेत्र है जहां से दीपक साहू जीतकर आए हैं। क्योंकि शासन की सारी योजनाएं सबसे पहले वहीं पहुंचती है। कभी कभी तो ऐसा लगता है कि अधिकारियों और जिला पंचायत अध्यक्ष के बीच गहरी सांठ गांठ हैं। उन्हें जानबूछकर परेशान किया जा रहा है। ममता कौशिक ने कहा कि उनके क्षेत्र में पेंशन और राशन के लिए लोग दर-दर भटक रहे हैं। बेरोजगारों को रोजगार नहीं मिल रहा है। बावजूद इसके उनकी आवाज को बैठकों में दबा दिया जाता है।

               बैठक के लिए कुछ कोरम का होना जरूरी है। इसलिए आज बैठक नहीं हो सकी। भाजपा के जनप्रतिनिधि रायपुर बैठक में शामिल होने गए हैं। इसलिए यहां नहीं पहुंच सके। कांग्रेसियों का आरोप सरासर गलत हैं। कि मुझसे नाराज होकर भाजपा जिला पंचायत सदस्य बैठक में शामिल नहीं हुए। रही बात महिला जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों द्वारा उपेक्षित किये जाने की तो मेरे संज्ञान में ऐसा कुछ मामला अभी तक सामने नहीं आया है।

                             दीपक साहू…जिला पंचायत अध्यक्ष बिलासपुर

बैठक में सदस्यो की संख्या पर्याप्त नहीं थी। ज्यादातर सदस्य नहीं पहुंच पाये। इसलिए बैठक को टाल दिया गया। आज सामान्य सभी की बैठक में खाद्य,मनरेगा और फारेस्ट संबधित कुछ विशेषयों पर विशेष चर्चा होनी थी। कोरम पूरा नहीं होने के कारण बैठक का आयोजन नहीं हो पाया।

                         सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे…सीईओ.जिला पंचायत बिलासपुर

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