सिकल सेल के मरीज भी आएंगे दिव्यांग की श्रेणी में

ajay_chandrakar_sikal_cel_file♦चंद्राकर बोले मरीजों को खोजकर,नियंत्रण के कारगर उपाय करे
रायपुर।स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अजय चन्द्राकर की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में ‘छत्तीसगढ़ सिकल सेल रोग संस्थान’ संचालक मंडल की बैठक हुई।जिसमे चन्द्राकर ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में सिकल सेल रोग से पीड़ित मरीजों को खोजकर, नियंत्रण के कारगर उपाय किया जाए।उन्होंने पीड़ित मरीजों के उपचार के बाद फीडबैक लेने के भी निर्देश दिए।चन्द्राकर ने नवजात शिशुओं में भी सिकल सेल रोग की पहचान कर उनका नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने प्रदेश में सिकल सेल रोग के प्रति लोगो में जागरूकता की कमी के लिए असंतुष्टि जाहिर की तथा सघन अभियान चलाकर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।

                                               बैठक में शासकीय मेडिकल कॉलेज राजनादगांव और शासकीय मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर में भी सिकल सेल रोग से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए क्लीनिक एवं परामर्श केन्द्र प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। सिकल सेल से पीड़ित मरीजों को दिव्यांग की श्रेणी में शामिल करने पर भी सहमति बनी।

                                                बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में अब तक सिकल सेल रोग से पीड़ित साढ़े 16 लाख मरीजों का पंजीयन हो चुका है। इसमें से दस प्रतिशत मरीज सिकल सेल पॉजिटिव पाये गए है। चालू वर्ष 2016-17 में माह दिसम्बर तक एक हजार 331 मरीज सिकलसेल से संबंधी परामर्श के लिए जांच केन्द्र में उपस्थित हुए।

                                               अधिकारियो ने बताया कि सिकल सेल रोगी की पहचान रक्त की इलेक्ट्रोफोरेसिस जांच द्वारा ही हो सकती है। यह जांच सिकल सेल संस्थान छत्तीसगढ़ मे उपलब्ध है।जांच में सिकल सेल की पुष्टि होने पर मरीजों को फोलिग एसिट टेबलेट वितरण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त निरंतर फलोअप भी किया जाता है।

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