सिम्सः मरीजों की भीड़ और नया वार्ड का अद्भुत संयोग…पहुंची 3 सदस्यीय MCI टीम…डॉक्टरों ने कहा रिपोर्ट गोपनीय

बिलासपुर–हमेशा की तरह एक बार फिर एमसीआई की टीम सिम्स का निरीक्षण करने बिलासपुर पहुंची । टीम करीब 9 बजे पहुंच गयी। इस दौरान सिम्स की सारी अव्यवस्था व्यवस्थित नजर आयी। टीम ने मेडिकल कालेज के एक-एक विभाग को घूम-घूम कर देखा। हास्टल का भी निरीक्षण किया। अन्त में सिम्स अस्पातल का मुआयना किया। 100 बिस्तर वाले वार्ड को भी देखा। सिम्स के डॉक्टरों की मानें तो इस बार 100 बिस्तारों का नया वार्ड और मरीजों की भीड़ के अद्भुत संयोग से सिम्स को एमबीबीएस की पुरानी खोयी हुई 50 सीट जरूर मिल जाएगी।

                                  मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की तीन सदस्यीय टीम आज सुबह सिम्स का निरीक्षण करने बिलासपुर पहुंची। टीम में देश के ख्यातिनाम डॉक्टर शामिल हुए। टीम में शामिल डॉक्टर ड़ॉ.पावेल कोल्हापुर, डॉ. बी.गिरिजा बैंगलुरू और डॉ.सिकदेव अभिजीत पोर्टब्लेयर ने बताया कि यह गोपनीय निरीक्षण होगा। रिपोर्ट को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को दिया जाएगा। हमने निरीक्षण के दौरान क्या पाया इसकी जानकारी भी सिम्स को नहीं देंगे।

               डॉ.पावेल और डॉ गिरिजा ने कहा कि तीन सदस्यी टीम सिम्स की सुविधाओं और आधारभूत संरचना का निरीक्षण की है। क्या अच्छा और क्या गलत है..इस बारे में बताना मुनासिब नहीं होगा। हम निर्देश के अनुसार रिपोर्ट जरूरी जगह सौंप देंगे। डॉ पावेल ने बताया कि सिम्स के एक-एक विभागों और दी गयी सुविधाओं का निरीक्षण किया है। हमने क्या देखा और क्या पाया इसकी जानकारी हम ऊपर देंगे।

रेडियोलाजी विभाग का विशेष निरीक्षण

                 तीन सदस्यीय टीम ने मेडिकल कालेज के कमोबेश सभी विभागों में दस से पन्द्रह मिनट खर्च किया। सिम्स अस्पताल परिसर पहुंचकर उन्होने रेडियोलाजी विभाग का बारीकी से अवलोकन किया। लेक्चर हाल की स्थिति का जायजा लिया। टीम ने दीवारों पर सीपेज और दरार को  भी देखा। रेडियोलाजी विभाग के सभी यंत्रो का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान सिम्स प्रबंधन से भी बातचीत की। टीम ईएनटी विभाग पहुंचकर डॉ.आरती पाण्डेय से भी टीम ने  सवाल जवाब किया।

नए वार्ड का किया मुआयना

                तीन सदस्यीय टीम ने नए वार्ड का भी मुआयना किया। टीम के सदस्यों से व्यवस्था से संतोष जाहिर की। लेकिन सिम्स प्रबंधन ने टीम को इस बात की जानकारी से दूर रखा कि नए वार्ड की सारी सविधाएं उधार की हैं। सिम्स प्रबंधन ने भानुमति की कुनबा की तरह रायगढ़,बिल्हा,तखतपुर और कोटा समेत अन्य जगहों से बेड और गद्दों का इंतजाम किया गया है। सेन्ट्रल एसी की सप्लाई भी बंद है।

भीड़ देखकर खुश हुई टीम

               सिम्स में आज मरीजों की जमकर भीड़ देखने को मिली। आपरेशन भी आज बहुत दर्ज किए गए। मरीजों की भीड़ देखकर टीम के सदस्यों के चेहरे पर साफ खुशी दिखाई दे रही थी। यद्यपि निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्यों को भीड़भाड का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके टीम के सदस्यों ने काफी शांत मु्द्रा को बनाए रखा। खासकर ईएनटी डिपार्टमेन्ट के सामने टीम के सदस्यों का मरीजों की भीड़ से गुजरना मुश्किल हो रहा था। ओपीडी की भीड़ को टीम के सदस्य देखते रह गए। अन्य विभागों में भी टीम को कमोबेश ऐसी ही भीड़ देखने को मिली।

कूल नजर आई टीम..मिल सकती है सीट

                      सूत्रों की माने तो इस बार एमसीआई की टीम काफी कूल थी। हमेशा की तरह टीम के सदस्यों का व्यवहार रूखा नहीं था। यद्यपि निरीक्षण के दौरान टीम के सदस्य पसीना पोछते नजर आए। लेकिन चेहरे का भाव किसी को पढ़ने नहीं दिया। सूत्रों की माने तो इस बार कुछ ऐसा संयोग है कि यदि सिम्स को एमबीबीएस की पचास सीट मिल जाएं को आश्चर्य की कोई बात नहीं होगी।

जब लिफ्ट ने दिया धोखा…एमसीआई बेखबर

               एमसीआई की टीम जब निरीक्षण कर रही थी उसी दौरान मरीज को दूसरे प्लोर ले जा रही लिफ्ट ने  काम करना बंद कर दिया। इस दौरान लिप्ट के अन्दर से लगातार सायरन की आवाज आती रही। कर्मचारी कभी फर्स्ट तो कभी सेकन्ड प्लोर का चक्कर काटते रहे। लेकिन पन्द्रह मिनट बाद लिफ्ट का दरवाजा अपने आप खुल गया। दरवाजा खुलते ही मरीज के परिजनों ने राहत की सांस  ली। मामले में सिम्स प्रबंधन के लोगों ने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। बताया कि एमसीआई की टीम निरीक्षण कर रही है। हमें कुछ भी नहीं बोलने को कहा गया है।

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