सिम्स अधीक्षक को महिला आयोग की फटकार

rajiya mahila ayog ki sunwai (2)बिलासपुर—ब्लड बैंक में पदस्थ नर्स ने सिम्स प्रभारी एमएस दास पर प्रताडना का आरोप लगाया है। नर्स ने राज्य महिला आयोग से शिकायत दर्ज की है। शिकायत की जांच के लिए आज महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय  ने सिम्स के प्रभारी अधीक्षक डॉक्टर दास को मंथन सभागार में बुलाया। फटकार लगाते हुए 7 दिन के भीतर लिखित जवाब देने को कहा है। हर्षिता पाण्डेय ने तीन माह में योजना बनाकर सप्ताह में दो बार महिलाओ को मिले अधिकारो की जानकारी देने कार्यशाला आयोजित करने के निर्देश दिये है।

                           सिम्स में नर्सो की ड्यूटी लगाने के नाम पर मानसिक रूप से प्रताडित करने की शिकायत एक नर्स ने महिला आयोग से की थी। जांच के लिए आज महिला आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय ने सिम्स के प्रभारी सिम्स अधीक्षक  दास को बुलाकर शिकायत संबंधी जानकारी ली। सुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष हर्षिता पाण्डेय ने डॉक्टर रविकांत दास को जमकर फटकार लगाई। श्रीमती पाण्डेय ने कहा की महिलाओ के साथ किसी भी प्रकार की प्रताड़ना बर्दास्त नही की जाएगी।

पाण्डेय ने कहा कि महिलाओ को शासन से मिले अधिकारों को ईमानदारी से पालन किया जाए। आयोग अध्यक्ष ने कडे शब्दो में सिम्स प्रभारी अधीक्षक को कहा की शिकायत के संबंध में सात दिन के अंदर जवाब दस्तावेज के साथ पेश करें।

मालूम हो की पिछले कुछ दिनो से नर्सो की ड्यूटी किसी भी वार्ड में लगा दी जाती है। थोड़ी से भी लेट पर उन्हे हाजरी रजिस्टर में साईन नहीं करने दिया जाता है। हाजिरी रजिस्टर प्रभारी सिम्स आधीक्षक अपने वार्ड में मंगवा लते हैं। रजिस्टर में साईन करने गई नर्सो के साथ दुरव्यहार किया जाता है वेतन कटौती की धमकी भी दी जाती है। परेशान होकर  ब्लड बैंक की नर्स ने राज्य महिला आयोग से मामले की शिकायत की थी। शिकायत के बाद जांच के लिए महिला आयोग अध्यक्ष आज अपनी टीम के साथ सिम्स पहुची । जांच के दौरान महिला आयोग अध्यक्ष ने सिम्स के प्रभारी अधीक्षक से महिलाओ के ड्यूटी से जूुडे मुद्दो पर विस्तार से चर्चा की।

आठ मामलों में सुनवाई
राज्य महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमती हर्षिता पाण्डेय ने  जिले से प्राप्त आवेदनों, शिकायतो की सुनवाई मंथन सभाकक्ष कलेक्ट्रेट में की। सुनवाई में कुल 10 मामलो मे 20 आवेदक, अनावेदक बुलाये बुलाये गये। 8 मामलो मे उभयपक्ष की उपस्थिति मे सुनवाई की गयी। तीन मामलो को उभयपक्ष के मध्य नस्तीबध्द किया गया। आज की सुनवाई मे मुख्य रूप से दहेज प्रताडना,संपत्ति विवाद,कार्यस्थल पर प्रताडना,दहेज घरेलू हिंसा आदि के मामले थे। सुनवाई के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी आनंद किसपोट्टा, सुनीता मानिकपुरी, उषा भांगे, सुधा गुप्ता,रेखा गर्ग, अभिजीत कुमार, अनुभव, मीना उपाध्याय, दुर्गावती कंवर, उर्मिला निर्मलकर, राजश्री मेश्राम आदि उपस्थित थे।

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