सिम्स का बदलेगा भूगोल..स्वास्थ्य मंत्री ने कहा..धान पर केन्द्र कर रही राजनीति.. विकल्प नहीं होने पर ही होगा बाहर इलाज..गौठान संरक्षण बनेगी समिति

बिलासपुर— पंचायत एवं स्वाध्य मंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि धान खरीदी में राज्य नहीं बल्कि केन्द्र सरकार राजनीति कर रही है। उसकी नीति बहुत भ्रमित करने वाली है। केन्द्र ने धान खरीदी के लिे दो दर निर्धारित किए हैं।  लेकिन उत्पादन के आधार पर कोटा का निर्धारण नहीं किया गया है। हमारे मंत्री ने भावनाओं में आर्थिक नाकेबन्दी की बात कही थी। आखिर जब किसानों और आम जनता के साथ अन्याय होगा तो आखिर कोई कितना नियंत्रण करेगा। भावनाओं में जय सिंह अग्रवाल ने आर्थिक नाकेबन्दी की बात कही।टीएस ने बताया कि सिम्स में बहुत सुधार की गुंजाइश है।  सबसे पहले सिम्स को यहां से हटाकर कोनी शिफ्ट किया जाएगा। जमीन की तलाश भी खत्म हो चुकी है। वर्तमान बिल्डिंग को जिला प्रशासन के हवाले कर दिया जाएगा। 

अल्प प्रवास के दौरान छत्तीसगढ़ भवन में टीएस सिंहदेव ने पत्रकारों से बातचती की उन्होमे कहा कि किसानों को असमंजस की स्थिति में रहने की जरूरत नहीं है। 2500 रूपए के समर्थन मूल्य में धान की खरीदी होगी। किसी को परेशआन होने की जरूरत नही है। सवाल जवाब के दौरान पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करते समय क्या क्यों नहीं सोचा कि किस राज्य का कोटा कितना होना चाहिए। सममर्थन मूल्य दो स्तर 1815 और 1835 रूपए घोषित किया गया है। अब उस दर पर भी खरीदी नहीं हो रही है।यह तो अन्याय है। केन्द्र की नीति ठीक नहीं है। दरअसल राज्य नहीं बल्कि केन्द्र सरकार धान के समर्थन मूल्य पर राजनीति कर रही है। किसानों के साथ ऐसा करना ठीक नहीं है। लेकिन यह तय है कि छत्तीसगढ़ सरकार अपने किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा देने को दृढ़ प्रतिज्ञ है।क लेकिन केन्द्र सरकार ऐसा नहीं होने देना चाहती है।

गौठान अव्यवस्था और शिकायत के सवाल पर टीएस ने कहा कि बहरहाल गौठान किस मंत्रालय या विभाग का हिस्सा होगा फिलहाल कहना कुछ जल्द बाजी होगी है। लेकिन इसके लिए एक नोड़ल एजेंसी बनेगी जरूर है। लेकिन गौठान को बेहतर बनाने के लिए दो बातों पर ध्यान दिया जाएगा। पहला चारा की व्यवस्था दूसरा चरवाहों की । टीएस ने कहा कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से लावारिश मवेशियों को अच्छी खासी संख्या में गौठान में डाल रहे हैं। दरअसल गौठान योजना को लोग साजिश के तहत विफल करने का प्रयास कर रहे हैं।

टीएस ने कहा कि गौठान डे शेल्टर की नीति पर तैयार की गयी है। कांजी हाउस वाली नीति यहां लागू नहीं है। मंत्री ने बताया कि इस साल 3 हजार गौठान निर्माण करेंगे। ग्राम पंचायत स्तर पर गौठानों के संरक्षण के लिए 13 सदस्यी समिति का गठन करेंगे। समिति में पदाधिकारी भी होंगे। जनभागीदारी से पशुओं को चारे की व्यवस्था की जाएगी। समितियों को शासन स्तर पर भी पोषित किया जाएगा।

आयुष्मान योजना से डेंटल को क्यों अलग किया गया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने 845 करोड रूपए की व्यवस्था की है। यह राशि अस्पतालों में बीमा कम्पनी के माध्यम से आती है। लेकिन सरकार ने फैसला किया है कि अब यह राशि ट्रस्ट माध्यम से नागरिकों तक पहुंचेगी। सरकार का निर्णय है कि जिसका इलाज सरकारी अस्पताल में संभव है तो उसका इलाज निजी अस्पतालों में क्यो किया जाए। हम समझते हैं कि जब जनता की भारी भरकम राशि से सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारी भरकम राशि खर्च करते हैं तो इसका इलाज नीजि नर्सिंग क्षेत्र में क्यो किया जाए। यह तो सरासर गलत है। बीमा कम्पनी इस राशि से 15 प्रतिशत काट लेती है। इसके बाद निजी अस्पतालों को राशि मिलती है। हमारे पास विशाल आधारभूत संरचना है। इसलिए हमने सरकारी अस्पतालों में ही डेन्टल का इलाज कराने का फैसला किया है। इसका अर्थ यह नही कि हम नीजि अस्पतालों को बाहर कर रहे हैं। आयुष्मान यकेन्दं सरकार की योजना है। बन्द करने का सवाल ही नहीं उठता है। योजना मेें 60 राशि केन्द्र की है। बाकी राज्य सरकार की।

राज्य में 6 अलग अलग प्रकार की योजनाएं चल रही थी । वर्तमान में राज्य सरकार ने सभी 6 योजना को एक योजना के रूप में संचालित करने को कहा है। क्योंकि कमोबेश सभी योजनाओं में कामन रोग और इलाज की बात थी। चिरायु,संजीवनी,मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना और आयुष्मान योजना में भी कामन इलाज की बात है। फिर इसको एक क्यों नहीं किया जाए। टीएस ने कहा जो इलाज शासन के पास विकल्प में नहीं है..उसी का इलाज निजी अस्पतालों में होंगे।

सिम्स में सुधार क्यों होते दिखाई दे रहा है। सिंहदेव ने कहा कि सुधार निरन्तर प्रक्रिया है। अभी सिम्स में बहुत कुछ किया जाना बाकाी है। धीरे धीरे सब ठीक कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सिम्स को यहां से हटाया जाएगा। कोनी स्थित मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल निर्माण स्थल के पास जमीन मिल चुकी है। इसी जमीन पर सिम्स के लिए भवन का निर्माण होगा। जल्द से जल्द निर्माण के बाद यहां से सिम्स को हटाया जाएगा।

आखिर इस भवन का क्या उपयोग होगा। टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह जिला प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि इसका क्या उपयोग करे। यह भवन भी उन्ही का है। जिला असप्ताल भी खुल सकता है। सिम्स बिल्डिंग की स्थिति का भी आंकलन किया जाएगा। इसके बाद जिला प्रशासन जो उचित समझे भवन का उपयोग कर सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *