सीएमएचओ और बीएमओ को क्यों पड़ी कलेक्टर की फटकार ?

 

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बिलासपुर ।सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव के मामले म कोताही हेल्थ विभाग के जिम्मेदार अफसरों पर भारी पड़ गई।  जिला स्वास्थ्य समिति अंतर्गत जिला स्तरीय समीक्षा बैठक  में गुरुवार को  कलेक्टर  सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने जिले में संस्थागत प्रसव की खराब प्रगति पर सीएमएचओ एवं सभी बीएमओ को कड़ी फटकार लगाई और सख्त निर्देश दिया कि हरेक अस्पतालों में संस्थागत प्रसव होना चाहिए। आगामी माह में 60 प्रतिशत से कम प्रगति पर संबंधित बीएमओ पर कड़ी कार्यवाही करने की चेतावनी दी गई।

मंथन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव के लिए सभी अस्पतालों में मासिक लक्ष्य निर्धारित करते हुए इसके अनुरूप कार्य करने कहा। कलेक्टर ने सीएमएचओ को निर्देशित किया कि नियमित रूप से अस्पतालों का सघन निरीक्षण करें। जो अस्पताल बंद पाये जाते हैं, डॉक्टर समय पर उपस्थित नहीं होते हैं या एएनएम मुख्यालय में नहीं रहते तो संबंधितों पर कड़ी कार्यवाही करें तथा फील्डवर्कर, सुपरवाईजर ठीक से कार्य नहीं करते तो उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जाये। उन्होंने संस्थागत प्रसव अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कोटा, मस्तूरी व तखतपुर के बीएमओ और बीपीएम को नोटिस जारी करने कहा। अगले माह तक प्रगति नहीं लाने वाले बीपीएम को बर्खास्त करने की भी कड़ी चेतावनी दी।

कलेक्टर ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि आंगनबाड़ी एवं स्कूल जाने वाले शतप्रतिशत बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाये। सीएमएचओ ने बताया कि चिरायु योजना के तहत् पाँच लाख से अधिक बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जायेगा। जिसमें 3 लाख 81 हजार बच्चे स्कूलों के और 86 हजार आंगनबाड़ी के बच्चे शामिल हैं।

कलेक्टर ने सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में जीवनदीप समिति कार्यकारिणी की नियमित बैठके करने के निर्देश दिए। जिले में टीकाकरण, जननी सुरक्षा योजना के तहत् भुगतान, शतप्रतिशत महिलाओं का गर्भपंजीयन, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में ब्लड स्टोरेज यूनिट का सुचारू संचालन, निर्माणाधीन तथा अपूर्ण अस्पताल भवनों   की समीक्षा बैठक में की गई। कलेक्टर ने अस्पताल स्टाफ के लिए निर्मित हो चुके शासकीय आवासीय भवनों को शीघ्र हेण्डओवर करने के निर्देश पी.डब्ल्यू.डी. के अधिकारी को दिए तथा जो भवन अपूर्ण हैं उन्हें भी समयसीमा में पूर्ण कराने कहा गया ।

बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ बीआर नंदा, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. के.के.ऐरी एवं अन्य स्वास्थ्य अधिकारी सभी बीएमओ, बीपीएम उपस्थित थे।

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