सीएमओ नहीं मानता सीएम का आदेश..संगठन में आक्रोश..कहा खुद को गांधी से ऊपर मानता है अधिकारी

बिलासपुर—मुंगेली में संगठन और नगर पालिका परिषद सीएमओ के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर राजेन्द्र पात्रे पर अकर्मण्ता और हीलाहवाली का आरोप लगाया है। संगठन अध्यक्ष और पदाधिकारियों ने आरोप लगाया है कि सीएमओ राजेन्द्र पात्रे खुद को कानून और गांधी से ऊपर मानते हैं। इस प्रकार के तानाशाह वकर्मचारी की मुंगेली को जरूरत नहीं है। 

                     संगठन नेताओं ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि गांधी पदयात्रा के दौरान राजेन्द्र पात्रे ने भारी लापरवाही की है। शासन के निर्देश के बाद भी अपने आपको यात्रा से ना केवल दूर रखा। बल्कि घोर लापरवाही करते हुए आदेश का पालन करना भी मुनासिब नहीं समझा। यहां तक की व्यवस्था बनाने में भी सहयोग नहीं किया है। संगठन के नेताओं ने राजेन्द्र पात्रे पर कार्रवाई की मांग की है।

                  जिला मुंगेली कांग्रेस संगठन ने नगर पालिका परिषद मुख्य कार्यपालन अधिकारी पर अकर्मण्य होने का भी आरोप लगाया है। संगठन ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया कि राजेन्द्र पात्रे ने गांधी पदयात्रा के दौरान शासन के किसी भी आदेश का पालन नहीं किया है। यह जानते हुए भी गांधी विचार पदयात्रा का आयोजन राज्य सरकार का फैसला है।

                      नेताओं ने बताय कि गांधी विचार पदयात्रा मुख्यमंत्री के निर्देश पर 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर के बीच कण्डेल से रायपुर के बीच आयोजन किया गया। आयोजन में राज्य सरकार के मंत्री समेत संगठन के बड़े नेताओं ने हिस्सा लिया। कण्डेल और रायपुर के बीच आयोजित गांधी विचार पदयात्रा की अगुवाई मुख्यमंत्री ने किया। बावजूद इसके राजेन्द्र पात्रे ने गाधी विचार पदयात्रा को गंभीरता से नहीं लिया। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर पदयात्रा का आयोजन प्रदेश के कोने कोने में 11 से 17 अक्टूबर के बीच  किया गया। इसी क्रम में मुंगेली में भी गाधी विचार पदयात्रा समेत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 

              शासन के निर्देश के बावजूद नगर पालिका अध्यक्ष ने अपने आपको कार्यक्रम से ना केवल दूर रखा। बल्कि व्यवस्था में भी सहयोग नहीं किया। इस दौरान उन्होने अपने आपको राष्ट्रपिता के विचारों से ऊपर मानते हुए शासन के निर्देशों की माखौल भी उड़ाया। यहां तक कि गांधी विचार पदयात्रा आयोजन के प्रचार प्रसार में भी हिस्सा नहीं लिया। जिसे लेकर जिला प्रशासन समेत आम जनता में गहरी नाराजगी है। 

                    संगठन ने सीएम को लिखे पत्र में जानकारी दी है कि नगर पालिका सीएमओ की कार्यशैली अलोकतांत्रिक है। खुद को जनता और जनप्रतिधियों से ऊपर देखने की उनकी आदत है। जनप्रतिनिधियों के साथ उनका व्यवहार ठीक नहीं है। शासन के निर्देशों को अपने जेब में रखते हैं। इसके कारण मुंगेली नगर पालिका का कामकाज बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। बेहतर होगा कि ऐसे लापरवाह और नाफरमान कर्मचारी को जल्द से जल्द मुंगेली से हटाया जाए। संगठन के नेताओं ने बताया कि गांधी विचार पदयात्रा को लेकर उन्हें कई बार गंभीरता से लेने को कहा गया। बावजूद इसके उन्होने अपनी ऊंची रसूख की धमकी देकर शासन के आदेश को मानने से इंकार कर दिया।

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