सीएम रमन बोले किसी भी घूसखोर को बख्शा नहीं जाएगा

cm_feb_kota♦मुख्यमंत्री ने दी रिश्वत खोरों को कड़ी चेतावनी
♦बोले घुस मांगने वाले को ठीक कर दिया जाएगा
महासमुंद।
मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह शनिवार को महासमुन्द जिले के तेन्दूकोना (विकासखण्ड बागबाहरा) में प्रधानमंत्री आवास योजना का शुभारंभ किया और विशाल जनसभा मे कहा कि सरकारी योजनाएं आम जनता के लिए हैं।लोग किसी भी शासकीय योजना का लाभ उठाने के लिए किसी को भी एक रूपए भी रिश्वत न दें।पात्रता रखने वाले हर आवेदक को योजनाओं का लाभ मिलेगा।सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2022 तक पूरे देश में सभी आवास विहीन परिवारों को मकान दिलाने का लक्ष्य है। इस योजना के लिए लोग ऑनलाईन भी आवेदन कर सकते हैं।साथ ही अगर कोई योजना का लाभ दिलाने के लिए रिश्वत मांगें तो उसकी शिकायत भी टोल फ्री नम्बर पर की जा सकती है।सीएम ने कहा कि रिश्वतखोरों को कठोर शब्दों में चेतावनी दी है कि वे घूस लेने से बाज आएं,नहीं तो कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें ठीक कर दिया जाएगा।

                     मुख्यमंत्री ने कहा कि रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ लोग बेझिझक अपनी शिकायत आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) में भी दर्ज करवा सकते हैं।डॉ. सिंह ने इस मौके पर जिले के विकास के लिए लगभग 45 करोड़ रूपए के 37 निर्माण कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया।सीएम ने खल्लारी क्षेत्र के विधायक चुन्नीलाल के आग्रह पर शिकारीपाली में व्यपवर्तन सिंचाई योजना की स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की और कहा कि इस योजना से इलाके में लगभग दो हजार एकड़ खेतों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

                साथ ही मुख्यमंत्री ने तीन अप्रैल से शुरू हो रहे लगभग डेढ़ महीने के प्रदेश व्यापी लोक सुराज अभियान में सभी लोगों से सक्रिय सहयोग की अपील की।सीएम ने कहा कि इस अभियान में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का उचित निराकरण किया जाएगा। उन्होंने ग्राम तेन्दूकोना में महासमुन्द जिले के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का शुभारंभ किया। इस योजना के प्रथम चरण में महासमुन्द जिले के ग्यारह हजार 500 परिवारों को पक्के मकान दिए जाएंगे।हर परिवार को मकान निर्माण के लिए एक लाख 47 हजार रूपए की सहायता दी जाएगी। इसमें से 12 हजार रूपए शौचालय निर्माण के लिए होंगे।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य है कि देश के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार के मकान का सपना साकार हो। इस उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य में हमने एक वर्ष में दो लाख परिवारों को योजना में शामिल करने का लक्ष्य तय किया है।

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