मेरा बिलासपुर

सीवीआरयू में डिग्री के साथ काबिलियत की भी कसौटी

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बिलासपुर। आज के समय में विद्यार्थियों के पास डिग्री के साथ काबिलियत होना जरूरी है, यही काबिलियत जीवन के संघर्ष  में  सफलता दिलाती है। यही कारण है कि डाॅ.सी.वी.रामन् वि.वि. में हर विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास का एक कोर्स अनिवार्य किया गया है। भारत सरकार और यूजीसी के निर्देश पर प्रदेश में सिर्फ हमारे वि.वि. में प.दीनदयाल कौशल केंद्र की स्थापना की गई है, यहां से पढ़कर निकलने वाले विद्यार्थियों के पास इंजीनियरिंग की डिग्री के अलावा एक काबिलियत की अतिरिक्त योग्यता होगी। विद्यार्थियों को शिक्षा सेल्फ मेड बनाती है।
उक्त बातें सीवीआरयू में इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों के परिचय सम्मेलन में कुलसचिव शैलेष  पाण्डेय ने कहीं। श्री पाण्डेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज वह विद्यार्थी सफल नहीं हो सकता है जिसके पास सिर्फ डिग्री हो। देश भर में कुशल लोगों की जरूरत है। इसलिए वि.वि. को सरकार ने यह जिम्मेदारी सौंपी है कि हम सभी कोर्स पढ़ाने के साथ उन विद्यार्थियों को काबिल भी बनाएं, ताकि वे रोजगार के लिए जाएं तो डिग्री के साथ वे सीधे काम करने के लिए दक्ष हों। श्री पाण्डेय ने भावी इंजीनियरों को संबोधित करते हुए कहा कि सीवीआरयू  में वो सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं जो एक अच्छा इंजीनियरिंग बनाने के लिए जरूरी है। साथ ही देश-दुनिया से जोड़ने के लिए वाईफाई कैंपस और प्रतिभा को निखारने के लिए रेडियो रामन् भी स्थापित किया गया है, लेकिन सफल होने के लिए विद्यार्थियों को संकल्प लेने की जरूरत है कि वे यहां पूरी ईमानदारी और मेहनत से पढ़ाई करेंगे।

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श्री पाण्डेय ने बताया कि शिक्षा ही व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारकर उसके जीवन स्तर को तय करती है। अब यहां उपस्थित विद्यार्थियों को तय करना है कि वो व्यक्त्वि को कितना निखारना चाहते हैं और अपने जीवन को किस स्तर तक ले जाना चाहते हैं। इस अवसर पर वि.वि. में एआईयू के समन्वयक और शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ.पी.के.नायक ने विद्यार्थियों को बताया कि वि.वि. में रिसर्च तक पढ़ाई की जा सकती है, आज ही विद्यार्थी अपना लक्ष्य तय करें और उनकी तैयारी में जुट जाएं। आप शिक्षा के बड़ें केंद्र में पढ़ाई करने आए हैं। इसलिए नजरिया और लक्ष्य भी बड़ा रखना होगा, ताकि आप शिक्षा की अंतिम पढ़ाई तक यहां शिक्षा ले सके। श्री नायक ने बताया कि वि.वि. एआईयू के सदस्य है, इसलिए यहां के विद्यार्थियों को देश के सभी विश्वविद्यालय  के बीच अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है। इसलिए भी आप मानसिक रूप से तैयार रहें कि यहां से आगे अपनी कला को ले जाना हैं। इस अवसर पर सभी   विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में इंजीनियरिंग के विद्यार्थी उपस्थित थे। सभी ने नए विद्यार्थियों के उज्जवल भविश्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी।
स्कील पाठ्यक्रम सबके लिए अनिवार्य-कुलसचिव
श्री पाण्डेय ने बताया कि सीवीआरयू के  के हर विद्यार्थियों के लिए स्कील पाठ्यक्रम अनिवार्य किया गया है। क्योंकि छत्तीसगढ़ राज्य अब अपनी तरूणाई पर है, जिहाजा यहां हर क्षेत्र में काम के अपार अवसर है। ऐसे में इस बात पर कोई प्रश्न नहीं होना चाहिए कि यहां इंजीनियिरों का भविष्य कैसा  होगा। हर ओर विकास की गति तेज है और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाएं चलाई जा रही है। सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रानिक्स,इलेक्ट्रिकल आईटी के क्षेत्र में अवसर हैं ही। इसके साथ राज्य सरकार देश-विदेश की नामी कंपनियों को इनवेस्टर्स मीट करके उद्योग लगाने आमंत्रित कर रही है और उन्हें हर संभव सुविधा का वादा किया गया है। इसके अलावा केन्द्र सरकार के कई महत्वपूर्ण विभाग भी प्रदेश मेंस्थापित किए जाने है। जिनमें रक्षा,सैन्य,हवाई,तकनीक,शोध,विज्ञान,सूचना,संचार सहित कई ऐसे विभाग है, जो केंद्र के स्थापित किए जाएंगे या उन्हें अपडेट किया जाएगा।
पाषाण युग से आज तक इंजीनियर ही विकास के सूत्रधार-डाॅ.दुबे
इस अवसर पर वि.वि. के प्रभारी कुलपति डाॅ.आर.पी.दुबे ने कहा कि पाषाण युग से आज के आधुनिक युग तक इंजीनियरों के दिमाग से विकास हुआ है। इस बात में कोई शक नहीं है विकास की गति और दिशा को इंजीनियर ही करेंगे। डाॅ.दुबे ने विद्यार्थियों को वि.वि. की प्रणाली और यहां शिक्षा के अवसर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तक किए बिना कभी भी यात्रा की शुरूआत नहीं होती। इसलिए विद्यार्थी आज ही लक्ष्य तय करें और मंजिल की ओर कूच करें। डाॅ. दुबे ने कहा कि यहां रेगुलर और दूरवर्ती शिक्षा में सबसे ज्यादा विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे है। आप उनके साथ जुड़ गए है।

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