मेरा बिलासपुर

सीवीआरयू में स्वामी विवेकानंद के आदर्शोें पर चलने का संकल्प

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बिलासपुर। राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस के अवसर पर डाॅ.सी.वी.रामन् वि.वि. में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने आदर्श पुरूष स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। वि.वि. परिवार ने परिसर में पौधारोपण किया। कार्यक्रम में समाज सेवा के लिए वर्श भर की कार्य योजना तैयार की गई। इस कार्यक्रम में विद्यार्थी ने बढ़ – चढ कर हिस्सा लिया।
इस अवसर पर सीवीआरयू के कुलसचिव शैलेष  पाण्डेय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र की सेवा भावना ही सर्वोपरि है। इस लिए हर विद्यार्थियों को छात्र जीवन में एनएसएस से जुड़ना चाहिए,इस दौरान जो राष्ट्र की सेवा भावना मन में घर करती है, वह जीवन के अंतिम पड़ाव तक साथ रहती है। श्री पाण्डेय ने कहा कि जब गांव,जिला,प्रदेश और देश का हर विद्यार्थी राष्ट्र सेवा की भावना से सराबोर रहेगा तो दूसरे वर्ग के लोगों की राष्ट्र सेवा की भावना स्वतः ही आ जाएगी। ऐसे ही एक समय बाद यह हमारी संस्कारों में होगी। श्री पाण्डेय ने विद्यार्थियों से कहा कि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी एनएसएस से जुड़े और लोगों की सेवा करें।

श्री पाण्डेय ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की कई ऐसे योजनाएं हैं, जिसमें वर्षों तक लगातार काम किया जा सकता है। स्वच्छ भारत अभियान और शिक्षा की जागरूकता जैसे कई कार्यक्रम हैं जिसमें विद्यार्थी विस्तृत रूप में कार्य कर सकते हैं। इस अवसर पर वि.वि. के षिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ.पी.के.नायक ने विद्यार्थी से कहा कि समाज की सेवा करते करते ही व्यक्तित्व का पूर्ण विकास होता है। सिर्फ विद्या अर्जन करने से ही समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। सही मायने में पूर्ण व्यक्त्वि का विकास ऐसे कार्य में भूमिका निभाने से ही होता है। कार्यक्रम में विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डाॅ.मनीष उपाध्याय ने कहा अनुशासन से ही जीवन संयमित होता है, यह अनुशासन समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने और खुलकर काम करने से आता है।इस अवसर पर वि.वि. के सभी विभागों के विभागाध्यक्ष,प्राध्यापक,अधिकारी-कर्मचारी सहित शारीरिक शिक्षण प्राध्यापक उपस्थित थे।
कैंपस में पौधारोपण
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कैपस सफाई की और विभिन्न प्रकार के 100 पौध लगाए। कार्यक्रम में विद्यार्थियों प्रेरक गीत गाया और विद्यार्थियों को एनएसएस का बैच और पुस्तिका वितरण किया गया। वि.वि. में 100 ईकाई है, जिनके द्वारा समय-समय पर कैंपस के अलावा आसपास के गाँव,कस्बे और वनांचल क्षेत्र में सेवा कार्य किया जाता है।

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समर्थ और क्षमतावान बनाती से सेवा-पाण्डेय
श्री पाण्डेय ने बताया कि राष्ट्र सेवा से हम अपने आप को समर्थ और क्षमतावान बना सकते है, लेकिन आज की आधुनिक जीवन शैली में हम अपने आप की ध्यान भी नहीं रखते है और स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह होते जा रहे है। ऐसे में हम यदि सेवा के माध्यम से अपने आप को समर्थ और क्षमतावान बनाते है। सही मायने में इसकी शुरूआत छात्र जीवन में राश्ट्रीय सेवा योजना दिवस के रूप में होती है। श्री पाण्डेय ने कहा कि हम सब आज इस बात का संकल्प लें कि राष्ट्र सेवा भाव को अपने जीवन में उतारकर हम भारत को दुनिया के सामने ताकत के रूप में खड़ा करेंगें।

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मन को प्रसन्न और स्थिर रखती है सेवा-डाॅ.दुबे
इस अवसर पर सीवीआरयू  के प्रभारी कुलपति डाॅ. आर.पी.दुबे ने कहा कि आज के तनावग्रस्त जीवन में मन को स्थिर रखना ही सबसे बड़ी चुनौती है। इस बात के लिए व्यक्ति अपने-अपने तरीके और माध्यम से प्रयास करते हैं, लेकिन सही मायने में हमे हर अवस्था में मन को सामान्य रखना चाहिए। इसके लिए सेवा ही सबसे अच्छा माध्यम है, जिससे हम अपने मन की प्रसन्न रख सकते है। इसका दूसरा पक्ष यह है कि हम लोगों के काम आते हैं।

 

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