सुराज पर भारी कांग्रेस की चौपाल…

IMG-20160516-WA0191 बिलासपुर–मस्तूरी विधानसभा के पचपेढी मे आज कांग्रेस के ग्राम चलो चौपाल लगाओं अभियान लोकसुराज अभियान पर भारी पड़ गया। कांग्रेसियों की चौदह सूत्रीय प्रस्ताव और ज्ञापन को अधिकारियों ने लेने से इंकार कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने अधिकारियों और पूर्व विधायक के खिलाफ जमकर नारेबजी की। भाजपा सरकार को भी आड़े हाथ लिया। बोनस,मजदूरी फसल बीमा, धान खरीदी,नान घोटाला समेत कई मामलों को लेकर जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला और स्थानीय विधायक दिलीप लहरिया ने सुराज अभियान की जमकर आलोचना की। चिलचिलाती धूप में कांंग्रेसियों को सुनने भारी संख्या में लोग उपस्थित हुए।

                         कांग्रेस के चौदह सूत्रीय मांग को आज पचपेढ़ी के जनता ने एक सुर में समर्थन किया। सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेन्द्र शुक्ला ने कहा कि भाजपा की तानाशाह सरकार ने पिछले 13 साल से जनता के साथ छलावा किया है। चुनाव जीतने के बाद भाजपा सरकार के राज्य में केवल और केवल भ्रष्टाचारियों को बढ़ावा मिला है। इसके पहले राजेन्द्र शुक्ला,दिलीप लहरिया और विरेन्द्र शर्मा की उपस्थिति में सभी ग्रामीणों ने कांग्रेस की 14 सूत्रीय मांगो का एक सुर में हाथ उठाकर समर्थन किया। ग्राम चलो चौपाल अभियान ने उपस्थित सभी ग्रामीणों ने कहा कि सुराज अभियान केवल दिखावा है। क्षेत्र की जनता बिजली पानी और राशन के लिए दर दर भटक रही है। अधिकारी उन्हें कार्यालय से भगा देते हैं।

                                                ग्राम चलो चौपाल लगाओ अभियान में किसानो ने बताया कि आज तक उन्हें ना तो बोनस मिला है और ना ही ऋणी माफी योजना का लाभ। फसल बीमा योजना का कहीं अता पता नहीं है। किसानों के अनुसार क्षेत्र में पानी के लिए लोगो त्राही त्राही कर रहे हैं। अधिकारी उनकी परेशानियों को सुनने के लिए तैयार नहीं है। मनरेगा के मजदूरों को आज तक पुराना भुगतान नहीं हुआ है। राजेन्द्र शुक्ला ने उपस्थित सभी लोगों को बताया कि पास में ही सरकार का लोकसुराज अभियान भी चल रहा है। इस मौके पर यहां जिले के सभी आलाधिकारी भी मौजूद हैं। इसलिए चौपाल से प्रस्तावित पास को सुराज अभियान में शामिल अधिकारियों को दिया जाएगा।

                           इस मौके पर उपस्थित लोगों ने राजेन्द्र शुक्ला और स्थानीय विधायक दिलीप लहरिया की अगुवाई में लोक सुराज अभियान शिविर में पहुंचकर जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जे.पी.मौर्य को चौदह सूत्रीय प्रस्ताव को देने का प्रयास किया। लेकिन जे.पी.मौर्य ने प्रस्ताव लेने से इंकार करते हुए कहा कि यह अभी संभव नहीं है। प्रस्ताव के लिए उन्हें सही स्थान पर ही आना होगा। प्रस्ताव लेने से इंकार करते ही कांग्रेस नेताओं ने अधिकारियों और पूर्व विधायक डॉ.कृष्णमूर्ती बांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। शिविर में हड़कंप मचते ही समय से पहले अधिकारियों ने लोकसुराज अभियान को खत्म कर दिया गया।

                                                   बाद में कांग्रेसियों ने जेपी मौर्य को ज्ञापन देने का प्रयास किया लेकिन उन्होने लेने से इंकार कIMG-20160516-WA0190र दिया। इस बीच एसडीएम ओ.पी.वर्मा ने कांग्रेसियों से चौपाल से प्रस्तावित चौदह सूत्रीय प्रस्ताव को लेकर मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

                  मालूम हो कि कांग्रेस ने लोकसुराज अभियान के विरोध में जिले में ग्राम चलो चौपाल लगाओं अभियान का एलान किया है। इसी कड़ी में आज पचपेढ़ी में ग्राम चौपाल लगाया गया। आज ही प्रदेश सरकार ने पचपेढ़ी में लोकसुराज अभियान लगाया। लेकिन कांग्रेसियों के आगे लोकसुराज अभियान को मुंह की खानी पड़ी। सुराज अभियान के बीच चौदह सूत्रीय प्रस्ताव देने पहुंचे कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि स्थानीय विधायक को अधिकारी लोग तवज्जो नहीं देते है। पूर्व विधायक कृष्णमूर्ती बांधी के इशारे पर अधिकारी काम करते हैं।

                                                सीजी वाल को राजेन्द्र शुक्ला ने बताया कि ग्राम सुराज अभियान केवल ढकोसला है। पिछले तेरह साल से स्थानीय जनता सरकार की नीतियों और अधिकारियों की तानाशाही से परेशान है।  स्थानीय विधायक को अधिकारी तवज्जो नहीं देते हैं। किसानों मजदूरो को हाल बेहाल है। शुक्ला ने बताया कि हम ग्रामीणों के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी को 14 सूत्रीय मांंग देने गए थे। लेकिन उन्होेने लेने से इंकार कर दिया। जबकि सुराज अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनना और निराकरण करना है। लेकिन अधिकारियों ने प्रस्ताव लेने ना केवल इंकार कर दिया बल्कि स्थानीय विधायक का अपमान भी किया है। ग्रामीणों के प्रस्ताव को ना लेकर अधिकारियों ने लोक सुराज अभियान की कलई भी खोल दी है।  शउक्ला ने बताया कि लोकसुराज अभियान शिविर में ज्ञापन देने पहुंचे लोगों के साथ  पुलिस ने धक्कामुक्की की है। लोगों को जबरदस्ती बाहर निकालने का आदेश दिया गया है। यहां तक विधायक को भी अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया। इस हरकत को किसी भी सूरत में बर्दास्त नहीं किया जाएगा।

            स्थानीय विधायक दीलिप लहरिया ने बताया कि मस्तूरी में जनता का प्रतिनिधी होने के नाते मैने जनहित में जितने भी प्रयास या काम करवाए  उसमें अधिकारियों ने बाधा डालने का काम किया है।  लहरिया ने कहा कि लोक सुराज अभियान का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनना और निराकरण करना है। लेकिन आज ग्रामीणों के प्रस्ताव को सरकार के अधिकारियों ने ही लेने इंकार कर दिया है। विधायक ने बताया कि मस्तूरी में लोग पानी राशन मजदूरी के लिए दर दर भटक रहे हैं। लेकिन उनका सुनने वाला कोई नहीं है। लहरिया ने बताया कि मैं कांग्रेस का नेता हूं इसलिए उनके हर काम में अधिकारी टांग अड़ाते हैं। क्षेत्र में हो रहे सरकारी कार्याों के बारे में भी जानकारी नहीं देते हैं। आज भी ऐसा ही हुआ। अधिकारियों ने जनता के साथ दुर्रव्यवहार किया है।

                                पचपेढ़ी में ग्राम चौपाल को राजेन्द्र शुक्ला दिलीप लहरिया के अलावा विरेन्द्र शर्मा और सुनील शुक्ला ,नरेन्द्र बोलर, शेख नजरूद्दीन,,दुबई सिंह, अभिषेक राजा सिंंह,अनिल चौहान, विनोद दिवाकर, कौशल पाण्डेय,मनोहर कुर्रे.राजकुमार अंचल, मणि वैष्णव, अरविंद शुक्ला, महेशा पाण्डेय, और स्थानीय कांंग्रेस नेता विशेष रूप से उपस्थित थे।

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