मेरा बिलासपुर

स्मार्ट सिटी के लिए प्रयास की जरूरत..अटल

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बिलासपुर— भाजपा के शासन में बिलासपुर के साथ अन्याय हो रहा है। भोली जनता को लगातार छला जा रहा है। समय रहते यदि बिलासपुर की जनता नहीं जागी तो शहर का बहुत कुछ नुकसान हो जाएगा। यह बातें प्रदेश कांग्रेस महासचिव अटल श्रीवास्तव ने कमिश्नर सोनमणि वोरा से मुलाकात के बाद कही। अटल श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले दिनों शहर विकास समिति में बैठक के नाम आम जनता को केवल गुमराह करने का काम हुआ है।

                   सीजी वाल से पीसीसी महासचिव ने बताया कि जब तक एक निश्चित रणनीति के तहत बिलासपुर के बारे में नहीं सोचा जाएगा तब तक हमारा शहर कस्बाई जीवन से बाहर नहीं आएगा। उन्होंने बताया कि बिलासपुर को प्रदेश में सी ग्रेड का दर्जा हासिल है। इस ग्रेड को बदलने के लिए समुचित प्रयास की जरूरत है। इसके लिए विशेष रूप से मंत्री को आगे आने की जरूरत है। लेकिन उन्हें बिलासपुर की कोई चिंता नहीं है।

                        समझने वाली बात यह है कि क्या उन्हें नहीं मालूम कि केन्द्र सरकार से किसी शहर को अनुदान या सहयोग या फिर विकास के नाम पर जो राशि मिलती है। उसमें ग्रेड का विशेष महत्व होता है। अटल ने कहा कि यह एक सामान्य जनता को भी मालूम है। बावजूद इसके मंत्री महोदय का कहना है कि हम बिलासपुर को स्मार्ट सिटी बनाएंगे तो प्रश्न उठता है..कैसे।

                            कांग्रेस महासचिव ने बताया कि बिलासपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा मिलना चाहिए। लेकिन कैसे मिले… इस बात को भाजपा के नेता भली भांति जानते हैं। लेकिन उनकी तरफ से अभी तक कोई प्रयास नहीं किया गया। इसी उदासीनता के चलते बिलासपुर से पीछे के कई शहर विकास के मामले मीलों आगे निकल गए। अटल ने कहा कि केन्द्र से किसी भी राज्य को ग्रेड के अनुसार सहयोग मिलता है। जाहिर सी बात है कि सी ग्रेड होने के कारण बिलासपुर को विकास के लिए सबसे कम रकम मिलेगा। ऐसे में बिलासपुर को स्मार्ट सिटी का दर्जा फिर कहां से हासिल होगा।

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                     अटल श्रीवास्तव ने कमिश्नर सोनमणि वोरा से मुलाकात के बाद सीजी वाल से बताया कि नगर विकास समिति के बैठक में शहर विकास और विस्तार के लिए 62 गांवों को शामिल करने की बात कही गई है। जो समझ से परे है। बिलासपुर में केन्द्र के पांच बड़े संस्थान हैं बावजूद इसके हम सी ग्रेड के शहर हैं सोचकर अच्छा नहीं लगता है। कोनी स्थित केन्द्रीय विश्वविद्यालय, बीच शहर में रेलवे जोन,सकरी में कानन पेण्डारी सीपत में एनटीपीसी,लिंगियाडीह में एसईसीएल और बोदरी में हाईकोर्ट है। इतना सब कुछ होने के बाद भी हम सी ग्रेड के शहर हैं। कहने और सुनने में अच्छा नहीं लगता कि यहां हाईकोर्ट तो है लेकिन केन्द्रीय लां विश्वविद्यालय नहीं है। कांग्रेस महासचिव ने बताया कि हम भाजपा नेताओं की कमियों के कारण ही ट्रिपल आई टी और आईआईएम जैसे संस्था को हासिल नहीं कर पाये।

                            श्रीवास्तव ने बातचीत के दौरान यह भी बताया कि स्मार्ट सिटी बनाने के लिए बेहद जरूरी है कि लिंगियाडीह,कोनी,बोदरी,सकरी जैसे पंचायतों को बिलासपुर में मर्ज करें। इससे शहर की जनसंख्या बढ़ेगी और बिलासपुर अपने आप बी ग्रेड शहर का दावेदार हो जाएगा। लेकिन किया क्यों नहीं जा रहा है। जो फिलहाल समझ से परे है।

                  अटल श्रीवास्तव ने सोनमणि बोरा से मुलाकात के दौरान बताया कि चकरभाठा में नियमित विमान सेवा शुरू करने की बात कही जा रही है। यह कई मायनों में अच्छा प्रयास है लेकिन किश्तों में बंटे शहर के लिए दुर्भाग्य की बात है कि चाहकर भी हम स्मार्ट सीटी और बी ग्रेड सिटी का दावा नहीं कर सकते हैं। अटल ने कहा कि बिलासपुर के साथ सोची समझी साजिश रची जा रही है। यदि शहर को स्मार्ट सिटी और बी ग्रेड की सिटी बनाना है तो सभी महत्वपूर्ण पंचायतों को बिलासपुर से जोडना ही होगा। उन्होने कहा ऐसा करने से सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारियों को भी सीधा फायदा होगा। उनके एलावंस में इजाफा होगा,महगाई भत्ते में भी वृद्धि होगी। केन्द्र से अनुदान की राशि बढने से शहर का जीवन स्तर भी सुधरेगा। यदि यह सब नहीं किया गया तो तारबाहर जैसे अण्डरब्रीज की ही तरह ही बिलासपुर में केन्द्रीय निर्माण होंगे। क्योंकि सी ग्रेड शहर का स्तर ऐसा ही होता है।

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