मेरा बिलासपुर

स्वास्थ्य संयोजकों की सरकार को धमकी….दूर करें वेतन विसंगति..अन्यथा 80 लाख बच्चों को नहीं लगेगा टीका

बिलासपुर— प्रदेश के ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों ने 17 जुलाई को सांकेतिक हड़ताल का एलान किया है। पत्रवार्ता में प्रदेश स्वास्थ्य संगठन कर्मचारी संघ के नेता ने बताया कि यदि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है…स्वास्थ्य विभाग पर गलत असर पड़ेगा। इसका खामियाजा सरकार को भुगतना होगा। इतना ही नहीं कर्मचारी नेता ने धमकी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संयोजक अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाएंगे। इसका असर टीकाकरण अभियान पर भी पड़ेगा।

                       प्रदेश स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संगठन ने वेतन विसंगित दूर करने की मांग की है। कर्मचारी नेता शत्रुघ्न केवट और मिर्जा बेग ने पत्रकार वार्ता में बताया कि पिछले पांच सालों से स्वास्थ्य संयोजकों के भावनाओं से खिलवाड किया जा रहा है।साल 2013 तक लैब टैक्निशियन,नेत्र सहायक और रेडियो आपरेटर का वेतन स्वास्थ्य संजोयत के बराबर था। बाद में स्वास्थय संयोजकों के साथ अन्याय शुरू हो गया।

             संगठन नेता शत्रुघ्न ने बताया कि पिछले पांच सालों में तीन चार बार हड़ताल कर सरकार पर दबाव बनाया गया। बेमियादी हड़ताल कर वेतन विसंगति को दूर करने की मांग भी की गयी। सरकार ने मांग को स्वीकार भी किया। बावजूद इसके आज तक संयोजकों को कोई फायदा नहीं हुआ है। पत्रवार्ता में मिर्जा और शत्रुघ्न ने बताया कि ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक 17 जुलाई को वेतन विसंगति को दूर करने को लेकर  रायपुर में सांकेतिक धरना देंगे।

              यदि सरकार ने हमारी मांग को गंभीरता से नहीं लिया तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे । दोनों नेताओं ने बताया कि पिछले कई वर्षों से वेतन विसंगति की मार झेल रहे । शासन प्रशासन से पत्राचार कर अपनी मांग को रख रहे हैं। लेकिन उनकी माग को अनसुना किया जा रहा है। ना तो उन्हें समय पर उचित वेतन दिया जा रहा है और नाही र्य अवधि को निर्धारित ही किया जा रहा है।

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                         ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजकों ने कहा कि यदि उनकी मांगों को सरकार पूरी नहीं करती है तो आगामी एम.आर(मीजल्स रूबेला) टीकाकरण में सेवा देने का बहिष्कार करेंगे। इसका प्रभाव प्रदेश भर 80 लाख बच्चों पर पड़ेगा। इसके लिए केवल और केवल सरकार जिम्मेदार होगी।

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