हमार छ्त्तीसगढ़

हर-एक घर औऱ झोपड़ी में होगा डी.डी.टी का छिड़काव

maleria

रायपुर । मलेरिया की समय पूर्व रोकथाम के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यापक रणनीति बनाकर अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारिक रूप से दावा किया गया है कि यह अभियान राज्य के 27 में से 23 जिलों के दो हजार गांवों में चलाया जाएगा। अभियान के तहत इन गांवों के पन्द्रह लाख घरों में मच्छर नाशक दवाई का छिड़काव किया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा 379 छिड़काव दलों का चयन कर उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण दिलाया गया है। ये छिड़काव दल संबंधित गांवों में लोगों को तीन दिन पहले सूचना देकर दवाई का छिड़काव कर रहे हैं। लोगों के मकानों के साथ-साथ झोपड़ियों में भी शयन कक्षों में इसका छिड़काव किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने  बताया कि अभियान के तहत बस्तर राजस्व संभाग के सभी सात जिलों- दंतेवाड़ा, कांकेर, कोण्डागांव, नारायणपुर, बीजापुर, बस्तर और सुकमा को भी शामिल किया गया है। इन जिलों के अलावा बिलासपुर, बालोद, गरियाबंद, जांजगीर-चाम्पा, रायगढ़, राजनांदगांव, कबीरधाम, धमतरी, सरगुजा, कोरबा, कोरिया, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा और महासमुन्द जिले में भी अभियान शुरू हो गया है। बस्तर संभाग के सभी जिलों और बिलासपुर जिले के चार विकासखण्डों में सिंथेटिक पाइरेथाइड का छिड़काव किया जा रहा है। शेष जिलों में डीडीटी का छिड़काव हो रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि छिड़काव दल द्वारा प्रत्येक ग्राम में छिड़काव के तीन दिवस पहले सूचना देकर छिड़काव किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी घर कीटनाशक छिड़काव से वंचित न रहें। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि मच्छर नाशक दवा का छिड़काव करने के लिए आने वाले दलों को पूरा सहयोग प्रदान करें और छिड़काव होने के बाद कम से कम दो महीने तक अपने मकानों की रंगाई-पोताई ना करें। छिड़काव के समय घर के भीतर खाद्य पदार्थो का ढंककर सुरक्षित रखा जाए। मच्छरों के लार्वा चूंकि बरसात के दिनों में रूके हुए पानी में पनपते हैं, इसे ध्यान में रखकर मच्छर नाशक दवाई का छिड़काव किए जाने से मलेरिया फैलाने वाले मच्छर मर रहे हैं।

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