हवाई सेवा आंदोलनः धर्मजीत ने कहा- आखिर दम तक रहेगा साथः मूर्ति ने की मॉडल स्टेशन बनाए जाने की मांग

बिलासपुर–हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति का अखंड धरना आंदोलन के 41 वें दिन विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि समिति के पदाधिकारियों ने शिरकत किया। विधानसभा में हवाई सेवा को लेकर अशासकीय संकल्प पेश करने वाले लोरमी विधायक धरमजीत सिंह धरना स्थल पहुंचकर आंदोलन करने वालों का ना केवल हौसला बढ़ाया।ब बल्कि फिर दुहराया कि संघर्ष समिति के आंदोलन के साथ अंत तक कंधा से कंधा मिलाकर चलते रहेंगे। 

                      सभा को  ट्रेड यूनियन काउन्सिल के राजकुमार ने संबोधित किया। उन्होने कहा कि बिलासपुर में रेलवे जोन की मांग के लिए भी बडा जन आंदोलन किया गया था। एयरपोर्ट के लिए भी ऐसा ही आंदोलन किया जा रहा है। बिलासपुर क्षेत्र व्यवसाय के मामले में लगातार पिछडता जा रहा है। विकास और रोजगार के लिए जरूरी है कि बिलासपुर मेें एयरपोर्ट की स्थापना की जाये।  रायगढ से आंदोलन में शामिल होने पहुंचे गुरमीत चावला ने कहा कि बिलासपुर में हवाई अड्डा बनने से जांजगीर चांपा, रायगढ और कोरबा जिलों को भी सीधा लाभ होगा। वर्तमान में रायगढ के लोग रायपुर की बजाय झारसुकडा हवाईअड्डा जाना पसंद करते हैं। क्योंकि रायगढ वालों को दो-तीन घण्टे में ही हवाई अडडा मिल जाता है। जबकि रायपुर जाने में 6 घण्टे से अधिक समय लगता है।

                                              सभा को संबोधित करते हुए तखतपुर क्षेत्र की  सामाजिक कार्यकर्ता श्याम मूरत कौशिक ने संबोधित किया। उन्होने कहा कि रेलवे जोन की तर्ज पर ही बिलासपुर का यह आंदोलन हर हालत में सफल होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान में यहां के लोगों के जो बच्चे दिल्ली, पुणे बैंगलोर, बाम्बे शहरों में पढ रहे हैं। उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बिलासपुर में एयरपोर्ट होने से समस्या खत्म हो जाएगी। 

                कुर्मी समाज के अध्यक्ष जय प्रकाश सिंगरौल ने कहा कि बिलासपुर में एयरपोर्ट होने पर रोजगार और व्यवसाय का तेजी से विस्तार होगा। पूंजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा। कौशिक ने बताया कि उत्तर छत्तीसगढ में बडा आदिवासी अंचल आता है। क्षेत्र के विकास के लिए बिलासपुर मे हवाई अड्डा होना अत्यन्त आवश्यक है। 

                         सभा को कमल सिंह ठाकुर, समीर अहमद, बद्री यादव, गोपाल दुबे, शेख फाजू और सुषांत षुक्ला ने भी संबोधित किया। धरना आंदोलन में अशोक भण्डारी, युवराज, रशीद बख्श, केशव गोरख, पप्पू तिवारी, संतोष पिपलवा, मनीष सक्सेना, पवन सोनी, हमीद खान, साबर अली, डी.पी.गुप्ता, गुड्डू सिंह, रंजीत शिंदे, संजय पिल्ले, सौरभ षुक्ला, आकाश दुबे, प्रेमदास मानिकपुरी, ई. वी. शास्त्री , धीरेन्द्र सिंह विशेष रूप से मौजूद थे। 

मॉडल स्टेशन बनाए जाने की मांग

           दक्षिण पूर्व रेलवे मजदूर कांग्रेस ने महाप्रबंधक को पत्र लिखकर चकरभाठा रेलवे स्टेषन को माॅडल स्टेशन बनाने और एक्सप्रेस ट्रेनों के स्टापेज की दिए जाने की मांग की। दक्षिण पूर्व रेलवे मजदूर कांग्रेस की तरफ से के.एस.मूर्ति ने महाप्रबंधक द.पू.म.रेलवे को पत्र लिखकर निकट भविश्य में बिलासपुर एयरपोर्ट के विकास को देखते हुए चकरभाठा रेल्वे स्टेशन को माॅडल स्टेषन के रूप में विकसित करने की मांग की है। मूर्ति ने बताया कि संभवतः देश में बिलासपुर हवाईअड्डा ही एक ऐसा हवाईअड्डा होगा जिसके एकदम नजदीक मेन लाईन का रेल्वे स्टेशन है। यहां एक्सप्रेस ट्रेनेों का स्टापेज होने पर छत्तीसगढ के लोग आसानी से  हवाई जहाज पकड सकेगे। के.एस.मूर्ति ने अपने पत्र में छत्तीसगढ सरकार की तरफ से हवाई अड्डे के विकास के लिए घोषित किए गए 27 करोड का भी जिक्र किया है। मूर्ति ने रेलवे प्रबंधन को बताया कि भिलाई पाॅवर हाउस स्टेषन की तर्ज पर ही चकरभाठा में एक्सप्रेस ट्रेन का स्टापेज जरूरी है।

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