हवाई सेवा की जन भावना ने मौसम को भी पछाड़ा,सर्दी – बारिश के बाद भी कैंडल मार्च में उमड़ी भीड़

बिलासपुर।हवाई सुविधा जन संघर्श समिति का अखंड धरना आंदोलन को चलते हुए आज 62वें दिन जिला युवा कांग्रेस बिलासपुर के जनप्रतिनिधि धरने पर बैठे। छात्र शक्ति के धरने में शामिल होने से आज आंदोलन को अत्यधिक ऊर्जा मिली।एयरपोर्ट आंदोलन को संबोधित करते हुये युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष भावेन्द्र गंगोत्री ने कहा कि हम बिलासपुर के दोनो विवि का जन्म ही आंदोलन और संघर्ष से हुआ है। बिलासपुर के युवा हमेषा से जन संघर्ष में आगे रहे है ओैर एयरपोर्ट के आंदोलन में भी इसी तरह कंधे से कंधा मिलाकर लडेगे।

युवा कांग्रेस के गौरव दुबे ने ने कहा कि हमारे विश्वविद्यालय में नेशनल सेमीनार आदि होने पर उच्च स्तरीय वक्ता केवल एयरपोर्ट नही होने के कारण नही आते है। इसी तरह खेल के बडे आयोजन भी प्रभावित हो रहे है। राज्य बनने के बाद सारा विकास रायपुर और नया रायपुर में केन्द्रित है, उन्होंने पूछा कि क्या छत्तीसगढ के विकास का मतलब सिर्फ रायपुर का विकास है?

सभा को संबोधित करते हुये युवा कांग्रेस के लोकेश नायक, लखन नामदेव और महेन्द्र साहू ने कहा कि बिलासपुर के आसपास मल्हार, ताला, चैतुरगढ, अचानकमार और अमरकंटक जैसे पर्यटन स्थल है परन्तु इनका विकास एयरपोर्ट नही होने के कारण बाधित हो रहा है। एयरपोर्ट होने पर बडी संख्या में पर्यटक दूसरे राज्यों से इन्हे देखने के लिए आयेगे।

जिला युवा कांग्रेस बिलासपुर की ओर से संतोश ढीमर, गौरव सिंह, भूपेन्द्र साहू-बिट्टू, तरूण यादव, मोहसिन खान खोखर, निखिल राय, राहुल बोले, साजिद खान, राहुल कश्यप, ऋशि कश्यप, गौरव नामदेव, रोशन पटेल, विपिन साहू, शब्बर अली, वीरेन्द्र गौरहा, मनोज श्रीवास, अमित नागदेव आदि उपस्थित थे। आज धरना आंदोलन में समिति की ओर से देवेन्द्र सिंह बाटू, अषोक भण्डारी, केशव गोरख, शेख़ अल्फाज-फाजू, पप्पू तिवारी, संतोश पिपलवा, रघुराज सिंह, समीर अहमद-बबला, गोपाल दुबे, पवन पाण्डेय, भी उपस्थित थे। अखण्ड धरना आंदोलन के 63वें दिन 27 दिसम्बर को केशरवानी वैष्य समाज के प्रतिनिधि धरने पर बैठेगें ।

सर्दी बारिश के बाद भी समिति के कैण्डल मार्च भारी भीड उमडी, हवाई सेवा की जनभावना ने मौसम को भी पछाडा

समिति के द्वारा अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत 26 दिसम्बर सांय 6 बजे आंदोलन स्थल से रिवर व्यू तक एक ‘‘कैण्डल मार्च’’ का कार्यक्रम रखा गया था। गौरतलब है कि आंदोलन की षुरूआत 26 अक्टूबर को हुई थी और 26 नवम्बर को मौन रैली का सफल आयोजन हुआ था।

आज दोपहर से ही मौसम का मिजाज काफी बिगडा हुआ था और शाम 4 बजे के लगभग आधे घंटे तेज बारिश भी हुई थी।शाम 5.30 बजे तक हल्की बूंदाबंादी जारी थी और यह देखकर समिति के सदस्य कैण्डल मार्च की सफलता के लिए कुछ आशंकित हो गये थे। परन्तु बिलासपुर में हवाई सुविधा की मांग के लिए जन भावना इतनी मजबूत है कि बडी संख्या में युवा एवं नागरिकगण 6 बजते तक आंदोलन स्थल पर इकठ्ठा हो चुके थे। कम भीड की आशंका देखकर केवल 100 मोमबत्तियां आयोजकों के द्वारा मगांई गयी थी।

परन्तु ये देखते ही देखते खत्म हो गयी। कैण्डल मार्च प्रारंभ करने के पूर्व एक सभा का आयोजन भी सभा स्थल पर किया गया। जिसमें विधायक रश्मि सिंह के साथ साथ ब्राम्हण समाज के प्रभात मिश्रा, मर्चेन्ट एसोसिएशन के जय प्रकाश मित्तल, कायस्थ समाज के अषोक रंजन वर्मा, शिक्षक संघ के विवेक दुबे, अधिवक्ता संघ के संदीप दुबे, आदिवासी विकास परिषद के संत कुमार नेताम, दक्षिण पूर्व रेल मजदूर कांग्रेस के बी.कृश्णकुमार, सिंधी समाज के अमर बजाज, बिलासपुर व्यवसायी एसोसियेशन के देवीदास बाधवानी, आदर्ष युवा मंच के महेश दुबे, आटो संघ के मनोज श्रीवास, सिद्धांषु मिश्रा एवं अकबर खान समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया ओैर बिलासपुर के धैर्य की परीक्षा न लेने की चेतावनी केन्द्र व राज्य सरकार को दी।

ठीक 6 बजे कैण्डल मार्च प्रारंभ किया गया और निर्धारित मार्ग देवकीनंदन चौक से पुराना प्रताप टाॅकीज होते हुये रिवर व्यू की ओर रवाना हुये। मार्च मे भाग ले रहे छात्रों और युवाओं की मांग पर तुरन्त ही 150 मोमबत्तियों को प्रबंध कर उनमें वितरित किया गया। परन्तु उसके बाद भी बहुत से लोग कैण्डल मार्च में बिना मोमबत्ती के साथ चल रहे थे। रास्ते भर बिलासपुर में हवाई सुविधा के समर्थन में तेज नारे बाजी की जाती रही।

गौरतलब है कि आंदोलन स्थल से रिवर व्यू तक मार्च में भाग ले रहा एक भी व्यक्ति रिवर व्यू के पहले मार्च से बाहर नही निकला। रिवर व्यू पहुंचने के बाद वहां लगेे हुए तिरंगा झण्डे के नीचे सभी व्यक्तियेां ने अपनी अपनी मोमबत्तियेां केा लगाकर अपनी भावनाएं प्रदर्षित की।

रिवर व्यू पर कार्यक्रम के समापन के वक्त एक संक्षिप्त सभा रखी गयी, जिसमें विभिन्न संगठनों से आये एक एक वक्ता ने आंदोलन को समर्थन के साथ जारी रखने की बात कही। अंत में आभार समिति की ओर से देवेन्द्र सिंह एवं बद्री यादव के द्वारा दिया गया। समिति के रजिस्टर में जिन व्यक्तियेां ने मार्च में उपस्थिति दर्ज की है उनके नाम क्रम से प्रभात मिश्रा, अरविन्द दीक्षित, अभय नारायण राय, डाॅ. राघवेन्द्र कौषिक, राघवेन्द्र सिंह, विजय वर्मा, संजय दवे, योगेश पाण्डेय, अनिल गुप्ता, गणेश सोनवानी, मिथिलेश देवांगन, नरेश गायकवाड, प्रषान्त सिंह, जग वलेचा, कमल सिंह ठाकुर, गोपाल दुबे, पंचराम सूर्यवंषी, तजम्मुल हक, आकाष दुबे, सिद्धास मिश्रा, अर्पित केशरवानी, लकी मिश्रा, तरू तिवारी, राहुल सराफ, संदीप दुबे, डाॅ. तरू तिवारी, गणेश रजक, पप्पू तिवारी, केषव गोरख, यतीश गोयल, मनीश सक्सेना,शेख अल्फाज-फाजू, राम प्रसाद धु्रव, भक्त प्रहलाद धु्रव, प्रज्ञेष साहू, प्रदीप कुमार पात्रे, संजय कुमार गुप्ता, सुखनंदन साहू, मोनू, षब्बर अली, अमित नागदेव, अशोक बजाज, विजय कुमार खरे, बसीम खान, राज सिंह चैहान, राघवेन्द्र सिंह, कुणाल बाधमारे, विषाल साहू, के.पी.गुप्ता, एम.एस.ठाकुर, उज्ज्वल देव, सुरेश ढीमरा, उत्कर्श जलान, प्रमोद सिंह, पवन पाण्डे, स्वप्निल शुक्ला, संतोश पिपलवा, अशोक रंजन वर्मा, संजय पिल्ले, एस.आर.टाटा, शेख असलम, नसीम खान, अतुल सिंह दीपक रजक, प्रतीक तिवारी के साथ सैकडों लोग शामिल थे।

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