हवाई सेवा मांग को लेकर राष्ट्रपति से मिलने जा रहे…प्रदर्शनकारी छत्तीसगढ़ भवन पहुंचने से पहले गिरफ्तार.. सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई

बिलासपुर—- करीब पिछले चार महीने से हवाई सेवा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हवाई सेवा संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को आज सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति से मिलने शाम 6 बजे धरना स्थल राघवेन्द्र सभा भवन से छत्तीसगढ़ भवन के लिए रवाना हुए। लेकिन सभी को पुलिस ने छत्तीसगढ़ भवन पहुंचने से पहले गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल सभी प्रदर्शनकारियों को सिविल लाइन में रखा गया है।  एक घण्टे बाद सभी को निशर्त रिहा भी कर दिया गया है।

                         सर्वदलीय हवाई सेवा मंच संघर्ष समिति के सदस्य सुदीप श्रीवास्तव,देवेंद्र सिंह, सुशांत शुक्ला,रविन्द्र सिंह, महेश दुबे की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों को राष्ट्रपति से मिलने  ही हिरासत ले लिया गया। करीब 70 से अधिक लोगों को चांटापारा पहुचते ही गिरफ्तार कर गाड़ी में बैठाकर सिविल लाइन थाना में लाया गया। इस दौरान सभी प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। करीब एक घंटे बाद सभी को निशर्त रिहा भी कर दिया गया।

               सुदीप श्रीवास्तव ने बताया कि हम लोगों ने प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा। लेकिन हवाई सेवा संघर्ष समिति को समय नहीं दिया गया। सुदीप ने बताया कि गर्व के साथ दुख की बात है महामहिम बिलासपुर में हैं और हमें मिलने का मौका नहीं दिया गया। हम चाहते थे कि राष्ट्रपति से मिलकर बताएं कि बिलासपुर को हवाई सेवा की क्यों जरूरत है। बिलासपुर के साथ केन्द्र सरकार अन्याय कर रही है। इस बात की जानकारी दी।

              सुदीप ने कहा कि हम बताने चाहते थे कि चकरभाठा में सेना की 980 एकड़ जमीन है। उसका यदि कुछ भाग दिया जाए तो चकरभाठा में एक अन्तर्राष्ट्रीय हवाई सेवा की सुविधा का विकास किया जा सकता है। लेकिन हमें मिलने नहीं दिया गया। 

                 प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तारी में सुदीप श्रीवास्तव समेत रविन्द्र सिंह, महेश दुबे, देवेन्द्र सिंह, सुशांत शुक्ला, समीर अहमद बबला,राघवेन्द्र सिंह, राकेश तिवारी मनोज श्रीवास, पप्पू तिवारी,पप्पू पिल्लै,बद्री यादव,गोपाल दुबे,शेख अल्फ़ाज़,बद्री यादव,अभिषेक सिंह, केशव गोरख, कप्तान खान समेत अन्य शामिल हुए।

               मामले में कांग्रेस नेता रविन्द्र सिंह ने बताया कि हम लोगो को जबरदस्ती गिरफ्तार किया गया है। लोकतंत्र में प्रदर्शन और अपनी मांगो को रखना संवैधानिक है। लेकिन केन्द्र सरकार के इशारे में हमारी बोलने की आजादी को दबाया गया है।

               बताते चलें कि प्रदर्शनके दौरान पुलिस और जिला प्रशासन के प्रदर्शनकारियों के बीच में जमकर झूमा झटकी हुई। पुलिस के अनुसार सभी प्रदर्शनकारियों को समाइश के बाद निशर्त रिहा किया गया है।

 

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