Online Exam की मांग,विद्यार्थी सड़कों पर उतरे, शिक्षा मंत्री के घर का किया घेराव

मुबई-मुंबई के कई इलाकों में 10 वीं और 12 वीं के छात्रों ने ऑनलाइन एग्जाम लेने की मांग करते हुए सड़कों पर उतरे. इन विद्यार्थियों ने मुंबई की धारावी में स्थित स्कूली शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड के बंगले का घेराव किया. सैकड़ों की तादाद में जमा हुई छात्र-छात्राओं की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. विद्यार्थियों का तर्क है कि जब पढ़ाई ऑनलाइन हुई है तो एग्जाम ऑफलाइन क्यों लिया जा रहा है. विद्यार्थियों ने TV9 से बात करते हुए कहा कि वे सोशल मीडिया पर चर्चित हिंदुस्तानी भाऊ (विकास पाठक) के कहने पर जमा हुए हैं. मुंबई पुलिस द्वारा दी गई जानकारियों के मुताबिक हिंदुस्तानी भाऊ पर आंदोलनकारी छात्रों को भड़काने के आरोपों की जांच की जा रही है. जांच में तथ्य पाया गया तो आगे की कार्रवाई होगी. इस बीच खबर आ रही है कि गिरफ्तारी से पहले जमानत के लिए हिंदुस्तानी भाऊ वकीलों से मशवरा कर रहे हैं. गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने इस पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं.

रविवार को स्कूली शिक्षामंत्री वर्षा गायकवाड ने कहा था कि राज्य में 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा तय समय पर होगी और ऑफलाइन पद्धति से होगी. इस बात को लेकर विद्यार्थियों में आक्रोश है. विद्यार्थी परीक्षा का समय बढ़ाने और ऑनलाइन पद्धति से एग्जाम लेने की मांग कर रहे हैं. विद्यार्थिओं के आंदोलन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड ने कहा कि जो भी मांगें हैं उसके लिए चर्चा की जा सकती है, आंदोलन की क्या जरूरत है? शिक्षा राज्य मंत्री  बच्चू कडू ने कहा कि बिना सूचना दिए आंदोलन करना गलत है. कल (1 फरवरी) इस मुद्दे पर विचार करने के लिए एक अहम बैठक बुलाई जाएगी और समस्याओं का हल खोजने की कोशिश की जाएगी.

मुंबई, नागपुर, औरंगाबाद, उस्मानाबाद, नांदेड़, जलगांव में विद्यार्थी सड़कों पर उतरे

राज्य में कोरोना का कहर कायम है. इस वजह से सारे कार्यालयों में ऑनलाइन तरीके से कामकाज हो रहा है. विद्यार्थियों की पढ़ाई भी ऑनलाइन तरीके से हो रही है. ऐसे में विद्यार्थियों की जान जोखिम में डालते हुए 10वीं और 12 वीं की बोर्ड परीक्षा ऑफलाइन पद्धति से लेने का फैसला किस आधार पर किया जा रहा है? इस तर्क के आधार पर  ऑनलाइन एग्जाम लेने की मांग करते हुए विद्यार्थी सैकड़ों की तादाद में सिर्फ मुंबई में ही नहीं बल्कि नागपुर,औरंगाबाद, उस्मानाबाद, नांदेड़ और जलगांव में भी  सड़कों पर उतरे. विद्यार्थियों द्वारा इन शहरों में कहीं-कहीं तोड़-फोड़ की घटनाऐं भी सामने आईं.

वर्षा गायकवाड़ मंगलवार को करेंगी इस मुद्दे पर चर्चा

विद्यार्थियों के इस आंदोलन के बाद वर्षा गायकवाड़ ने हमारे सहयोगी न्यूज चैनल TV9 मराठी से बात करते हुए कहा, ‘विद्यार्थियों की दो अलग-अलग मांगें सामने आ रही हैं. कुछ बच्चों की मांग है कि परीक्षा रद्द करें और कुछ की मांग है कि परीक्षा ऑनलाइन ली जाए. महाराष्ट्र की भौगोलिक परिस्थिति अलग-अलग है. इस वजह से परीक्षा लेने में कई अड़चनें पेश आती हैं. 10 वीं और 12 वीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संख्या 30 लाख से अधिक है. राज्य भर में एक ही दिन में, एक ही वक्त पर परीक्षा ली जाती है. आदिवासी भागों और दूर-दराज के इलाकों में भी विद्यार्थी रहते हैं. पिछले दो सालों से कोरोना की वजह से हालात काफी बदले हैं. विद्यार्थियों पर भी कोरोना और एग्जाम का दोहरा बोझ है. विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए दूर ना जाना पड़े इसके लिए कोशिशें भी जारी हैं. हम परीक्षा जल्दी करवाना चाहते हैं जिससे जिससे अगली क्लास में एडमिशन में देरी ना हो.  रास्तों पर उतरने के लिए उन्हें उकसाना सही नहीं है. अगर कोई समस्या है तो हम चर्चा के लिए तैयार है.’

आगे वर्षा गायकवाड़ ने यह भी कहा जो लोग विद्यार्थियों के हित में उनकी मांग लेकर सामने आ रहे हैं उनसे वे कल चर्चा करेंगी. उन्होंने कहा ‘TV9 के माध्यम से मेरी बात विकास पाठक उर्फ हिंदुस्तानी भाऊ से हो गई है. उन्होंने मुझसे प्रॉमिस किया है कि वे बच्चों से अपील करेंगे कि वे घर जाएं और पढ़ाई पर ध्यान दें ‘ विधानपरिषद में विपक्षी नेता प्रवीण दरेकर ने कहा कि अगर विद्यार्थियों की मांगों पर पहले ही गौर किया जाता तो आज उन्हें सड़कों पर उतरने की नौबत ही नहीं आती. फिलहाल विद्यार्थियों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया है.

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