15 साल में जो संभव नहीं हुआ..सीएम ने 18 महीने में कर दिखाया..राजस्व मंत्री ने कहा..टाप रैंक किया हासिल

बिलासपुर—- कांग्रेस की भूपेश सरकार ने मात्र 18 महीने में वह कर दिखाया..जिसे किसी भी भाजपा शासित सरकार के लिए आश्चर्य से कम नहीं है। इस छोटे से ही कार्यकाल में मुख्यमंत्री की लोकप्रियता जनता के सिर चढ़कर बोल रही है। यह बातें प्रदेश के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने सीजीवाल से बातचीत के दौरान कही। अग्रवाल ने बताया कि कोरोना काल में मुख्यमंत्री के निर्देश पर ना केवल प्रदेश बल्कि बाहरी राज्य के लोगों को जिस प्रकार की सुविधाएं मिली है। उसकी तारीफ आज पूरा देश कर रहा है। सी वोटर के सर्वे मं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को देश के लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों में दूसरा स्थान हासिल हुआ है। वहीं मध्य प्रदेश के भाजपा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को  जनता ने 12 वां स्थान दिया है।

                  राजस्व मंत्री जयसिंह ने बताया कि सरकार बनने के साथ ही प्रदेश का किसान मुख्यमंत्री ने सारा ध्यान किसानों की चिंता दूर करने में लगाया। अपने काम काज से उन्होने लोकप्रियता के सारे रिकार्ड को ध्वस्त किया है। मात्र 18 महीने में ही देश के अन्य मुख्यमंत्रियों को पछाड़ते हुए सर्वे में लोकप्रियता के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के लेकर प्रदेश की जनता को गर्व है।

                  राजस्व मंत्री ने बताया कि शपथ ग्रहण के तत्काल बाद मात्र 10 घंटे के अन्दर मुख्यमंत्री ने किसानों का कर्ज माफ कर दिया। बिना किसी बात की चिंता किए वादा के अनुसार धान 2500 रूपए प्रति क्विंटल खरीदने का एलान किया। और लगातार दो बार ऐसा करके दिखाया। आने वाले समय में भी मुख्यमंत्री ने संकल्प लिया है कि आने वाले समय में भी किसानों से किए गए वादे को पूरा किया जाएगा।

रिजर्व बैंक ने की तारीफ

                                  अग्रवाल ने बताया कि रिजर्व बैंक ने एक रिपोर्ट में बताया कि छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के दौरान कृषि और सम्बन्धित कार्यों को बेहतर अजाम दिया गया है। सरकार ने लाख की खेती को अब कृषि का दर्जा दिया है। इंदिरावती नदी पर 22 हजार 653 करोड़ की बोधघाट बहुद्देशीय परियोजना का काम तेजी से चल रहा है। इससे बस्तर संभाग के 3 लाख 66 हजार हेक्टेयर जमीन को लाभ मिलेगा। 300 मेगावॉट की बिजली पैदा होगी। शायद ही कोई ऐसा मुख्यमंत्री होगा कि सालों से ढंडे बस्ते में पड़ी योजना को मात्र 18 महीने में झाड़फूंककर खड़ा किया हो।

उद्योग को मिली ताकत

                      जमीन से जुड़े प्रदेश के मुखिया ने विश्व आदिवासी दिवस , छठ पूजा,तीज और हरेली त्यौहारो पर अवकश घोषित किया। जिसकी पूरे देश में सराहना हो रही है। कोविड-19 की वजह से उत्पन्न परिस्थितियों से उबरने उद्योगों में नई जान डाल दिया है। उद्योग और अस्पतालों को 5 प्रतिशत बिजली दरों में छूट प्रदान किया है। घरेलू और कृषि बिजली दरों में इस वर्ष कोई वृद्धि नहीं किया है। किसी भी बच्चें को पढ़ाई का नुकसान ना हो मुख्यमंत्री ने पढ़ाई तुंहर दुआर वेबपोर्टल प्रारंभ किया है। लॉक डाउन के दौरान विद्यालयों में फीस वसूली पर रोक लगा दिया गया है। राजस्थान के कोटा में फंसे 2252 छात्र-छात्राओं को लॉक डाउन के दौरान सुरक्षित प्रदेश लाया गया। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत साढ़े तीन लाख से अधिक हितग्राहियों को लॉक डाउन के दौरान सूखा राशन पहुचाने का काम किया गया है। 

कोरोना को पटखनी

                 मंत्री जयसिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कार्य क्षमता से ही कोरोना वायरस संक्रमण को पटखनी देने में सफलता मिली है। यह जानते हुए भी कि कोरोना से अन्य राज्यों में ज्यादा लोग ग्रस्त हुए..और जनहानि भी हुयी है। पिछले कुछ दिनों में संक्रमितों की संख्या में वृद्धि जरूर हुई है लेकिन प्रदेश के चिकित्सकों ने बेहतर इलाज से नियंत्रण पाया है।

विमान और ट्रेन से श्रमिकों को लाया गया

                जय सिंह ने बताया कि भूपेश बघेल के प्रयास से 56 ट्रेनों से करीब 77 हजार श्रमिकों को देश के कोने कोने से राज्य में वापस लाया गया। गरीबों को बस ही नहीं बल्कि विमान से भी लाया गया। अब तक राज्य में कुल करीब ढाई लाख  श्रमिकों को राज्य में वापसी हुई है। लॉक डाउन के बावजूद भूपेश सरकार ने मात्र दो माह में सर्वाधिक परिवारों को 100 दिनों का रोजगार देकर देश में रिकार्ड स्थापित किया है।

उठाया दूरदर्शी भरा कदम

            जब देश के प्रधानमंत्री थाली ताली और दीया जलवा रहे थे…ठीक उसी समय भूपेश बघेल ने कोरोना की भयावहता को भांप लिया था। उन्होने बिना देर किए लाकडाउन का एलान किया। जिसका फायदा निश्चित रूप से प्रदेश की जनता को मिला है। उन्होने कोरोना प्रकोप को ध्यान में रखते हुए कुछ क्रांतिकारी निर्णय लिए । राज्य में अल्कोहल आधारित हैंड सैनिटाइजर के औद्योगिक निर्माण के लिये दो डिस्टिलरी को लाइसेंस दिया। जिलों में संक्रमण की रोकथाम के लिए मुख्यमंत्री सहायता कोष में रूपयों की कमी नहीं होने दी। राज्य के 56.55 लाख परिवारों को अप्रैल, मई और जून माह के लिए प्रति परिवार 105 किलो चावल निःशुल्क वितरण का एलान किया।

18 महीने बराबर 15 साल

               मुख्यमंत्री के बेहतर निर्णय की क्षमता के काहण ही लॉकडाउन के दौरान क्रय शक्ति में कमी नहीं देखने को मिली। लोगों में ज़मीन खरीदने बेचने में आज भी रूचि देखने को मिल रही है। सीएम ने 75 लाख रुपए मूल्य या उसके बराबर की ज़मीन पर शुल्क में 50 फीसदी की छूट दी है। ऐसा उन्होने राजस्व बढ़ाने के लिए ही किया है। इस निर्णय को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाया गया है। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मात्र 18 महीने में जनहित में जितना काम किया है। जो भाजपा के लिए 15 साल में संभव नहीं हुआ। 

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