25 गाय की मौत…गायब हुई उद्घाटन पट्टिका..अधिकारियों के भ्रमण बाद…फंदा तैयार…अब निरीह गर्दन की तलाश..कांग्रेस ने भी पेश किया रिपोर्ट

  बिलासपुर—- सोन लोहर्सी स्थित गौठान मे 25 गायों की मौत के बाद प्रदेश में सनसनी फैल गयी। बिलासपुर में पत्रकार वार्ता कर मस्तूरी विधायक डॉ.कृष्णमूर्ति बांधी ने गायों की मौत के लिए सीधे तौर पर सरकार को दोषी बताया है। वहीं कांंग्रेस कमेटी और मस्तूरी के पूर्व विधायक दिलीप लहरिया ने गायों की मौत मेंं सीधे तौर पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। प्रशासन ने भी मौके पर जाकर हालात का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने फांसी का फंदा तैयार कर लिया है। जांच के बाद उचित गर्दन मिलने के बाद दोषी को लटका दिया जाएगा।
                                        बताते चलें कि प्रदेश कांग्रेस सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट नरवा गरवा घुरवा बारी की देश में जमकर चर्चा है। चर्चा ने देश की सीमाओं को भी तोड़ दिया है। विश्व समुदाय ने भी योजना की तारीफ की है। योजना के तहत सरकार ने जलधन, पशुधन,जैवक खाद और गौठान को संवर्धन का फैसला लिया है। योजना के तहत प्रदेश के मुखिया ने हरेली पर्व पर गनियारी में गौठान का उद्घाटन किया। ठीक उसी समय मस्तूरी जनपद के सोन लोहर्सी में सम्पूर्ण क्षेत्र के गौठान का उद्घाटन क्षेत्रीय विधायक भाजपा नेता डॉ.कृष्णमूर्ति बांधी ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर किया। इस दौरान स्थानीय प्रशासनिक तंत्र भी मौजूद था।
              तीन दिन पहले प्रशासन को जानकारी मिली कि सोन लोहर्सी गौठान की 25 गायों की मौत हो गयी है। स्थानीय अधिकारियों के अलावा जिला स्तर के अधिकारियों ने मौके का जायजा लिया। इस बीच अधिकारियों ने गांयों की मौत की संख्या और कारण अलग-अलग बताए। देर से सही जिला पंचायत सीईओ रीतेश अग्रवाल ने भी गौठान का जायजा लिया। उन्होने भी कमिश्नर बंंजारे के साथ स्थिति का जायजा लिया।
                                              जानकारी के अनुसार मौके पर अधिकारियों ने पत्रकारों के सवालों का सीधे तौर पर कोई जवाब नहींं दिया। पूरे समय अधिकारी पत्रकारों के सवालो से बचते रहे। यदि कुछ बताने का प्रयास किया तो आवाज को दबा दिया गया।
                            सूत्रों के अनुसार गौठान निर्माण से लेकर गायों की रखरखाव और प्रबंधन की जिम्मेदारी जिला पंंचायत के तथाकथित सदस्य और ठेकेदार ने किया है। तथाकथित जिला पंचायत सदस्य भाजपा नेता और ठेकेदार सबका ध्यान रखता है। घटनाक्रम के समय तथाकथित भाजपा नेता हमेशा बड़े अधिकारियों के साथ बना रहा।  बताने मेंं कामयाब रहा कि गायों की मौत भूख से हुई है। मरने वाले सभी मवेशी आवरा हैं। इस बीच ग्रामीणों ने अधिकारियों को कुछ बताना चाहा तो उसने सभी का मुह बन्द करवा दिया।
                       स्थानीय निवासी ने बताया कि ठेकेदार ने अधिकारियों को गलत जानकारी दी है। मवेशियों की मौत भूख से नहीं हुई है। जबकि ठेकेदार ने ही बाहरी गांव से गायों को लाकर गौठान में रखा था। गायों की मौत गौठान में ही हुई है। मौत की जानकारी मिलने के बाद मृत मवेशियों को गौठान से निकालकर बाहर फेंका गया। इस दौरान मवेशियों की मांस को आवरा कुत्ते नोचते रहे।
रिपोर्ट जिला कांग्रेस के हवाले

                           गायों की मौत के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रदेश कांंग्रेस के निर्देश पर कमेटी गठन कर मामले में जांच का आदेश दिया। कमेटी में प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव रवि श्रीवास और ब्लाक काँग्रेस अध्यक्ष यादव को शामिल किया गया। रवि श्रीवास ने बताया कि रिपोर्ट को जिला कांग्रेस अध्यक्ष को सौंप दिया गया है। रिपोर्ट पर फैसला बड़े नेताओं को करना है। इतना जरूर है कि सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट को भाजपाई फ्लाफ करना चाहते हैं। सोनलोहर्सी गौठान इसका जीता जागता नमूना है।
                    रवि श्रीवास ने बताया कि रिपोर्ट में मवेशियों की मौत का कारण बता दिया गया है। इन सबके पीछे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से तथाकथित भाजपा नेता और ठेकेदार की लापरवाही सामने आयी है। मामले में अधिकारियों को भी जानकारी दी है। जानकारी मिली है कि तथाकथित ठेकेदार खुद को बचाने एड़ी चोटी का मेहनत कर रहा है। अधिकारियों के आगे पीछे घूम रहा है। संभव है कि अधिकारी तथाकथित ठेकेदार को बचा भी ले। लेकिन प्रदेश कांग्रेस कमेटी रिपोर्ट के आधार पर सरकार को कार्रवाई के लिए कहेगी।
                  मस्तूरी के पूर्व विधायक दिलीप लहरिया और कमेटी के अध्यक्ष रवि ने बताया कि इस बात से इंंकार नहीं किया जा सकता है कि तथाकथित व्यक्तिखुद को बचाने मे कामयाब हो जाए। यह जानते हुए भी कि उसी ने गायों को दूसरे गांव से लाकर गौठान मेंं रखा। जिसे अब अधिकारी आवारा मवेशी बता रहे हैं। इसलिए कहना उचित होगा कि मवेशियों की मौत को ध्यान में रखकर प्रशासन ने फांसी का फंदा तो तैयार
कर लिया है लेकिन उन्हें किसी नीरिह की गर्दन की तलाश है।
खाली रजिस्टर मेें पंच सरपंंच और ग्रामीणों के हस्ताक्षर
  
               जानकारी के अनुसार रसूखदार ठेकेदार खुद को बचाने पंंचायत की खाली रजिस्टर में पंंच सरपंच और ग्रामीणों का हस्ताक्षर करवा लिया है। जानकारी यह भी है कि उसने रजिस्टर को अधिकारियों के सामने बेगुनाही की तौर पर पेश भी कर दिया है।
कहां गयी उद्घाटन की पट्टिका
                      घटना के बाद तथाकथित ठेकेदार और विधायक समर्थकों ने उद्घाटन पट्टिका को गायब कर दिया है। जानेकारी हो कि सोन लोहर्सी गौठानका  उद्घाटन स्थानीय विधायक डॉ.कृष्णमूर्ति बांधी ने किया था। मजेदार बात है कि उद्घाटन कार्यक्रम में एक भी कांग्रेसी मौजूद नहीं थे। हादसे के बाद गौठान से बाहर दीवार मेंं लगी पट्टिका को ना केवल निकाल लिया गया। बल्कि कहां छिपाया गया फिलहाल इसकी जानकारी ना तो जनता को है ना ही अधिकारियों को ही है। स्थानीय निवासी ने बताया कि पट्टिका को ठेकेदार के इशारे पर ही हटाया गया है। चूंंकि ठेकेदार रसूखदार है…उस पर कार्रवाई होने का सवाल ही नहीं उठता है। इस बात के संकेत  निरीक्षण के दौरान जिला पंंचायत आलाधिकारी ने दे भी दिया है। 

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