28 लाख की चोरी का खुलासा..पुलिस कप्तान ने बताया..प्रार्थी दम्पत्ति ने बुना झूठी चोरी का ताना बाना..माल बरामद..दोनों को किया गया गिरफ्तार

बिलासपुर— पुलिस ने मस्तुरी थाना क्षेत्र जयरामनगर बहुचर्चित 28 लाख की चोरी की वारदात का खुलासा किया है। मामले में प्रार्थी अग्रवाल दंपत्ति को चोरी की झूठी साजिश रचने के साथ गलत रिपोर्ट लिखाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 161 ग्राम ज्वेलरी समेत नकदी 19 लाख रूपए जब्त कर लिया है।
 
                पुलिस कप्तान दीपक कुमार झा ने बिलासागुढ़ी में पत्रकारों के सामने 4 दिनों पहले मस्तूरी थाना क्षेत्र बहुचर्चित चोरी काण्ड का खुलासा किया है। पत्रकारों को पुलिस कप्तान ने बताया कि मस्तुरी थाना क्षेत्र स्थित जयराम नगर निवासी कमल अग्रवाल पेशे से व्यापारी और पत्नी गिरिजा देवी सरपंच हैं।
 
             अग्रवाल दम्पत्ति ने थाना मस्तुरी को सुबह 5 बजे टेलीफोन पर बताया कि उनके घर में तारीख 3-4 अगस्त की दरमियानी अज्ञात लोगों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने 18 लाख नगदी और 10 लाख की ज्वैलरी पार किया है।
 
                       अग्रवाल दम्पत्ति ने पूछताछ के दौरान बताया कि इस समय घर में निर्माण कार्य चल रहा है। जिसके चलते घर काफी विखरा हुआ है। दरवाजा टूटा होने का चोरो ने फायदा उठाया। बेडरूम में  ताला लगा था..लेकिन चाबी वही लटक रही थी । चोर ताला खोलकर बेडरूम में दाखिल हुए और आलमारी खोलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
 
                बड़ी चोरी की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल टीम का गठन किया गया। एडिश्नल एसपी रोहित झा और सीएसपी चकरभाठा श्रृष्टि चंद्राकर के मार्गदर्शन में चार विशेष टीम का गठन किया गया। साइबर की टीम को भी मामले में छानबीन का आदेश दिया गया। मौके पर पहुचकर टीम ने  भौतिक और तकनिकी पहलुओ का अध्ययन कर आरोपियों की पतासाजी शुरू की। 
 
                आस पास के 100 से अधिक संदिग्धों, आदतन बदमाशो से पूछताछ की गयी। घर के सदस्यों और कामगारो के मोबाईल रिकार्ड को खंगाला गया। 50 से अधिक सीसीटीवी फूटेज का अध्ययन किया गया। लेकिन कोई ख़ास सफलता नहीं मिली।
 
                        पुलिस कप्तान ने बताया कि पतासाजी के दौरान जानकारी मिली कि घटना के दिन प्रार्थी अपने रिश्तेदार को करीबन 19 लाख रूपये दिए थे। पुलिस ने तत्काल मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच पड़ताल की। मामले में प्रार्थी और सरपंच पत्नी से भी पूछताछ हुई। पूछताछ के दौरान दोनों ने अलग अलग कहानी पेश कर गुमराह करने का प्रयास किया। लेकिन दोनों लगातार मनौवैज्ञानिक दबाव के सामने घुटने टेक दिए। 
 
             पुलिस टीम को प्रार्थी कमल अग्रवाल की पत्नी गिरिजा देवी और नौकर सूरज ने बताया कि 2 दिन पहले 16 तोले सोने को जांजगीर में 6 लाख रूपए में बेचा है। तस्दीक के बाद बिक्री के दस्तावेज और सोना बरामद किया गया। घटना दिनांक शाम को 19 लाख रूपये अपने रिश्तेदार को उधार चुकाने के उद्देश्य से देने की बात को प्रार्थी ने कबूल किया। पुलिस ने रिश्तेदार से रूपयों को भी बरामद किया है। 
 
             पुलिस कप्तान ने सम्पूर्ण घटना के पीछे की वास्तविक वजह प्रार्थी का रिश्तेदारों  और वयापार में लाखो की उधारी होना बताया। देनदारो से परेशान होकर प्रार्थी दम्पत्ति ने सुनियोजित साजिश कर चोरी की वारदात का ताना बाना बुना। ताकि उन्हें पारिवारिक अंतर्कलह और कर्जदारों से छुटकारा मिल सके।
      
               प्रार्थी और सरपंच पत्नी के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 457,380 का अपराध दर्ज किया। न्यायिक रिमाण्ड में जेल दाखिल कराया गया।

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