PHOTO-पाँच मालगाड़ियों को जोड़कर बनी साढ़े तीन किलोमीटर लंबी फ्रेट ट्रेन “वासुकी” बिलासपुर डिवीजन मे चली,सात घंटे मे तय कर ली भिलाई से कोरबा तक की दूरी

बिलासपुर-दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा भारतीय रेलवे के इतिहास में पहली बार आज रायपुर मंडल के भिलाई डी केबिन से बिलासपुर मण्डल के कोरबा तक 5 मालगाडियों को एक साथ जोड़कर चलाया गया ।इस मालगाड़ी की कुल लंबाई 3.5 किलोमीटर के लगभग है, इस ट्रेन का नाम वासुकी दिया गया है । फ्रेट ट्रेनों के परिचालन समय को कम करने, क्रू-स्टाफ की बचत एवं उपभोक्ताओं को त्वरित डिलीवरी प्रदान करने हेतु लगातार लॉन्ग हाल मालगाडियों का परिचालन किया जा रहा है । नये कीर्तिमान स्थापित करते हुए दिनांक 29 जून को तीन लोडेड मालगाड़ियों को एक साथ जोड़कर लॉन्ग हॉल सुपर एनाकोंडा गाडी का परिचालन किया गया था ।

इसी कडी को आगे बढाते हुये 22 जनवरी को रायपुर रेल मंडल के भिलाई डी केबिन से कोरबा तक पांच लॉन्ग हाल रैक (वासुकी) का परिचालन किया गया । इस मालगाड़ी में 300 वैगनो को जोड़कर इस लॉन्ग हाल रैक को चलाई गई । इस लॉन्ग हाल मालगाड़ी ने भिलाई दी केबिन से कोरबा स्टेशन तक का सफर 07 घंटे से भी कम समय में तय किया । इस प्रक्रिया में केवल 01 लोको पायलट, 01 सहायक लोको पायलट एवं 01 गार्ड की आवश्यकता पडी ।

सिंगल-सिंगल 05 रैक चलाने से 05 लोको पायलट, 05 सहायक लोको पायलट एवं 05 गार्ड की आवश्यकता होती। सुपर शेष नाग में 01 लोको पायलट, 01 सहायक लोको पायलट व 01 गार्ड द्वारा इस कार्य को अंजाम दिया जा रहा है । फोर्थ लॉन्ग हॉल रैक के परिचालन से क्रू-स्टाफ की बचत, रेलवे ट्रैक का सही इस्तेमाल तथा उपभोक्ताओं को त्वरित डिलीवरी प्राप्त होगी। इसप्रकार यह सराहनीय पहल प्रत्येक दृष्टिकोण से लाभकारी सिद्ध होगा ।

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