50 % आरक्षण पर शासन को नोटिस.. हाईकोर्ट ने मांगा 8 सप्ताह में जवाब.. वकील ने बताया अधिनियम के खिलाफ

बिलासपुर—- हाईकोर्ट ने जितेन्द्र चौबे के माध्यम से पेश किए एली असगर की यचिका पर सुनवराई करते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी कर आठ सप्ताह में जवाब देने को कहा है। जितेन्द्र चौबे ने अपनी याचिका में बताया है कि पंचायती राज अधिनियम के अनुसार जिला,जनपद और पंचायत चुनाव में आरक्षण नियमों का पालन नहीं किया गया है।
 
          हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता जितेन्द्र चौबे की याचिका पर प्रारम्भिक सुनवाई के बाद राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा यहा है कि जवाब आठ सप्ताह के अन्दर पेश करें। जानकारी हो कि जितेन्द्र चौबे ने अपनी वकील अली असगर के माध्यम से पंचायत चुनाव में दिए गए आरक्षण के खिलाफ चुनौती दी है।
 
          याचिका कर्ता की तरफ से अपनी याचिता में वकील अली असगर ने कोर्ट को बताया कि जिला, जनपद और पंचायत चुनाव में पंचायती राज अधिनिय़म 1993 से परे जाकर आरक्षण दिया गया है। ऐसा करना विधि के खिलाफ है। अली असगर ने कोर्ट को जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम 1993 के अन्तर्गत त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव को सुप्रीम कोर्ट ने डॉक्टर कृष्ण मुर्ति विरुध यूनियन औफ़ इंडिया मे दिये गए निर्णय के खिलाफ है।
 
       न्यायमुर्ति पी सैम कोशि की एकल खंडपीठ को याचिका कर्ता के अधिवक्ता अली असगर ने बताया कि वर्तमान मे ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत मे 50 प्रतिशत की सीमा के परे सीटे आरक्षित किए गए हैं। ऐसा करना अधिनियम के खिलाफ और विधि विरुध है।  पंचायती राज अधिनियम में स्पष्ट है कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण लागू नही किया जा सकता है।
 
               प्रारम्भिक सुनवाई के बाद न्यायाधीश पी.सैम कोशी की खंडपीठ ने राज्य शसन को नोटिस जारी करते हुए  8 सप्ताह मे जवाब प्रस्तूत करने को कहा है।

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