कर्मचारी-पेंशनर्स के DA-DR में वृद्धि को कैबिनेट ने दी मंजूरी, वित्त विभाग को निर्देश

भोपाल।प्रदेश में शिवराज कैबिनेट (shivraj cabinet) की बैठक में 6th-7th pay commission अधिकारी कर्मचारियों (Employees) को बड़ी राहत दी गई है। दरअसल एक तरफ जहां महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को मंत्रिपरिषद की बैठक में अनुसमर्थित किया गया है। वहीं शासकीय सेवकों को सातवें वेतनमान के तहत महंगाई भत्ते का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। 1 अगस्त 2022 से उनके DA और DR में 3 फीसद की वृद्धि की गई है। जिसके साथ ही वह बढ़कर 34% हो गए हैं।

वहीं इसका भुगतान अधिकारी कर्मचारियों को सितंबर महीने में किया जाना है। इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा छठे वेतनमान में कार्यरत शासकीय कर्मचारी और पेंशनरों सहित राज्य शासन के उपक्रम निगम मंडल और अनुदान प्राप्त संस्थान में कार्यरत चौथे और पांचवे वेतनमान की अनुपातिक आधार पर महंगाई भत्ते में वृद्धि भी 18 अगस्त को जारी की गई थी। कैबिनेट में इसका अनु समर्थन किया गया है, साथ ही मध्य प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 के तहत सभी पेंशनर्स और परिवारिक पेंशनर्स को महंगाई राहत ने वृद्धि के आदेश जारी किए गए हैं। इसके लिए व्ययभार मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियत अनुपात में वहन किया जाना है।

कैबिनेट की बैठक में छत्तीसगढ़ शासन की सहमति के बाद महंगाई राहत का आदेश जारी करने के लिए वित्त विभाग को निर्देश दिए गए हैं।मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अगस्त महीने में कर्मचारियों को बड़ा लाभ देते हुए उनके महंगाई भत्ते में 3 फीसद की वृद्धि की घोषणा की गई थी। जिसके साथ ही उनके महंगाई भत्ता 31% से बढ़कर केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान 34 फीसद हो गए हैं।

वहीं सितंबर महीने में कर्मचारियों को इसका लाभ उपलब्ध कराया जाना है। 3 फीसद की वृद्धि के बाद मध्य प्रदेश के वित्तीय भार बढ़कर 625 करोड रुपए अतिरिक्त अनुमान बताए गए हैं। इसके अलावा पेंशनर्स और पारिवारिक पेंशनर्स को छत्तीसगढ़ शासन से सहमति प्राप्त होने के बाद महंगाई राहत में 3 फीसद की वृद्धि की जाएगी। इस वित्तीय वृद्धि से राज्य शासन पर 304 करोड रुपए का अनुमानित व्यय भार बढ़ने की संभावना जताई गई है।

वही मंत्री परिषद ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिसके तहत मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी। इसके लिए नई तकनीकों में दक्ष आईटी विशेषज्ञ की उपलब्धता के लिए संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं ली जाएगी। मध्य प्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं में स्वीकृत पद परिवर्तन किए गए हैं। जिसके साथ ही अब संविदा और आउट सोर्स के कर्मचारियों को भी इसमें सेवा देने का मौका उपलब्ध कराया जाएगा।

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