7 फेरे हम तेरे…महामाया दरबार में 95 जोड़ों का विवाह..CM को ढूंढती रहीं नव युगलों की आंखें…हजारों हाथ ने दिया आशीर्वाद..

बिलासपुर—रतनपुर स्थित मुख्यमंत्री सामुहिक विवाह कार्यक्रम में नवयुगल जोडों के बीच बातचीत करते सुना गया कि चाउर वाले बाबा विवाह में शामिल होते तो कितना अच्छा लगता। यद्यपि नव युगलों में खुशी थी..लेकिन इस बात की कसक थी कि जिसने 95 जोड़ों का माता पिता बनकर शादी करवाया..काश वह भी हमारे साथ होता तो उनसे भी आशीर्वाद लेते।

                      दरअसल बात रतनपुर स्थित माता महामाया के दरबार में सामुहिक विवाह कार्यक्रम की है। शनिवार को 95 जोड़़ों ने एक साथ माता महामायी को साक्षी मानकर वैदिक मंत्रों की बीच सात फेरे लिए। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आशीर्वाद दिया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री की तरफ से भेंटस्वरूप जीवन की गाड़ी खींचने के लिए नवयुगल जोड़ों को उपहार के रूप में सामाग्रियों को भेंट किया।

                               धार्मिक नगरी रतनपुर में 95 जोड़ों ने एक साथ महामाया मां को साक्षी मानकर सात फेरे लिए। पंडितों ने वैदिक मंत्रों का जाप किया। विधि विधान से शादी समारोह के बीच वर वधुओं के परिजनों ने नवयुगल दम्पत्ति को आशीर्वाद दिया। देखने में यह भी आया कि जिनके माता पिता या परिजन दुनिया में नही हैं…ऐसे वर वधु के सिर पर मुख्यमंत्री की तरफ से अधिकारियों ने न केवल हाथ रखा बल्कि कन्यादान का भी रस्म पूरा किया।

                महामया दरबार की छटा 12 महीने 365 दिन और 24 घंटे मंत्र और ऋचाओं के बीच हमेशा से न्यारी रहती है। लेकिन शनिवार को माता दर्शन करने दूर दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं के कदम कदम अपने आप ठहर गए। सभी लोगों ने मुख्यमंत्री के मानस बेटे बेटियों को आशीर्वाद दिया। लोग देखकर दंग रह गए कि चाउर वाले बाबा ने नव युगल जोड़ों के लिए उपहार भी भेजा है। सात फेरों के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने 95 जोड़ों के बीच गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने से पहले मुख्यमंत्री का उपहार दिया।

                                     सात फेरे लेने और उपहार पाने के बाद नव युगल जोड़ों के चेहरे पर असीम खुशियां देखने को मिली। कन्या और वर ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी। इसके पहले वर और वधु ने अग्नि के सात फेरे लेकर सात जन्मों तक साथ रहने का कसम को पूरा किया। एक दूसरे का सम्मान करते हुए मर्यादा में रहकर जीवन को सुखमय बनाने का संकल्प लिया। वर वधु ने शादी के बाद पंडित का आशीर्वाद लिया। माता महामायी के सामने मत्था टेकर सफल जीवन का वरदान मांगा।

                     कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सभापति जनपद पंचायत कोटा अरविन्द जायसवाल, त्रिवेणी,नीतू निरंजन सिंह, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष कन्हैया यदाव,जिला पंचायत सदस्य राजेश सूर्यवंशी, नगर पंचायत अध्यक्ष रतनपुर आशा सूर्यवंशी, अद्यक्ष किसान मोर्चा ड़.सुनील जायसवाल, जीएम कोर्टयार्ड बिलासपुर विजय अट्टी मौजूद थे।

                            नव युगल को एसड़ीएम कोटा किर्तीमान सिंह राठौर,महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुरेश सिंह ठाकुर, ड़ॉ.तारकेश्वर सिन्हा, सूर्यप्रकाश गुप्ता,सीपत तहसीलदार अमित सिन्हा ने स्नेह और आशीर्वाद दिया।

                              मु्ख्यमंत्री सामुहिक विवाद कार्यक्रम का आयोजन महिला एवं बाल विकास विभाग के सफल प्रयास से मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के विशेष निर्देश में किया गया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार नव दम्पत्तियों को गृहस्थ जीवन के लिए जरूरी सामान कुकर रसोई घर के सामान के अलावा गद्दा तकिया, चादर दिए। शासन निर्देश पर वर वधु को टाइटन की घड़ियां भी बांटी गयी।

महिला एवम् बाल विकास विभाग के सामुहिक विवाह कार्यक्रम में कोटा से 33,मस्तूरी के 19 और सकरी नगर पंचायत के 13 जोड़ों ने सात फेरे लिए। इसके अलावा तखतपुर के 5,बिल्हा के 8,सरकंडा से 5 सीपत से 7 और गौरेला 5 जोड़ों ने सात फेरे लिए।

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