मेरी नज़र में… Archive

बिलासपुर की सड़क का वायरल सच …! डॉक्टर ने बचाई वृद्धा की जान

बिलासपुर के डॉक्टर ने बचाई वृद्धा की जान …….. इस हैडिंग के साथ सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हो रही पोस्ट का भला बिलासपुर की खस्ताहाल सड़कों से क्या कनेक्शन हो सकता है। लेकिन है…और जिसने भी सोशल मीडिया पर इसे पढ़ा होगा उसे अच्छी तरह से पता होगा कि जिसने भी इस पोस्ट को

छत्तीसगढ़ के चांवल मिलर्स ने क्यों लिया कस्टम मिलिंग के बहिष्कार का फैसला….?चांवल उद्योग को बदहाली से उबारने तुरत कदम उठाने की जरूरत….

( सुरेश केडिया ) छत्तीसगढ़ में धान की फसल अब तैयार होने को है। धान की खरीदी के लिए तैयारियां शुरू हो गईं हैं। लेकिन धान की मीलिंग करने वाला छत्तीसगढ़ का चांवल उद्योग बदहाली से नहीं उबर पा रहा है और इस उद्योग से जुड़े लोगों के बीच अब भी सवालों का अंबार  है।

बिलासपुर में रावण पॉलिटिक्स..बुराई कहां..अच्छाई कहां और जीत किसकी….?इस बार एकदम अलग होगा नगर निगम का रावण दहन..महापौर नहीं होंगे शामिल

(गिरिजेय)।मंगलवार को दशहरा है। हर साल की तरह इस साल भी बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में रावण  के पुतले का दहन किया जाएगा। बिलासपुर में हर साल की तरह मुख्य समारोह पुलिस ग्राउंड में होगा । जिसे नगर निगम कराता है। आयोजन हर साल की तरह बड़ा और भव्य हो

कौन तय करेगा बिलासपुर महापौर का नाम…? स्मार्ट सिटी के पहले चुनाव में स्मार्ट महापौर की तलाश….?

(गिरिजेय)अपने कॉलेज के दिनों में 1981 के आस-पास एक हिंदी फिल्म काफी मशहूर हुई थी। जिसका नाम था ‘ एक दूजे के लिए ‘…..। अपने तरह की एक अलग प्रेम कहानी और गानों की वजह से उस जमाने की युवा पीढ़ी इस फिल्म की दीवानी थी। पूरी फिल्म सपना और वासू की प्रेम कहानी पर

बिलासपुर के सम्मान में एक आंदोलन…बड़ी लड़ाई जीत गए…अब माथा ऊंचा कीजिए साहेब…।

( गिरिजेय ) अपने बिलासपुर के लोगों के लिए इस हफ्ते एक बड़ी अच्छी खबर आई कि अटल युनिवर्सिटी में अतिथि बनाने को लेकर बड़ा आंदोलन – विरोध प्रदर्शन  किया गया । आंदोलन इतना धारदार था कि विश्वविद्यालय प्रबंधन को झुकना पड़ गया  और समारोह के न्यौते का कार्ड तीसरी बार छपवाकर आंदोलनकारियों की मांग

बिलासपुर का दायरा बड़ा हो गया …… अब दिल भी बड़ा कर लीजिए ….. साहेब

(गिरिजेय)कभी हम लोग ही इस तरह की खबरें लिखते – छापते रहे कि बिलासपुर में एसईसीएल का हेडक्वार्टर बनना चाहिए ….. मेडिकल कॉलेज खुलना चाहिए ….. हाईकोर्ट बनना चाहिए …. सेन्ट्रल युनिवर्सिटी स्थापित होना चाहिए…. अपोलो अस्पताल बनना चाहिए …। लोगों ने इसकी लड़ाई लड़ी और जो चाहिए था , वह बिलासपुर को मिल गया

पेण्ड्रा – गौरेला – मरवाही को बड़ी सौगात…बरसों पुरानी लड़ाई जीतने वालों का दिल जीत लिया भूपेश ने ….

( गिरिजेय ) हरे – भरे जंगल और  घाटियों से गुजरने वाली सर्पाकार सड़कों के उस पार…… कई पहाड़ों – खाइयों के पार बसे..  अपनी आबोहवा में मस्त …… पेण्ड्रा – गौरेला  – मरवाही इलाके को सही में एक जिला मुख्यालय बनाने की जरूरत थी। यह काम काफी पहले होना था , जो अब जाकर

वाह …. साहब जी … वाह …. लेकिन यह शहीद का सम्मान है या अपमान ?

(गिरिजेय)पूरे देश के साथ बिलासपुर में भी आजादी का पर्व बहुत उल्लास के साथ मनाया गया । इस मौके पर पूरे देश ने उन शहीदों को सम्मान के साथ याद किया जिन्होने देश के लिए अपनी कुर्बानी दी। बिलासपुर के पुलिस ग्राउन्ड में भी जलसे के दौरान शहीदों को नमन् किया गया। इसी दौरान शहीद

पत्रकार राजेश बादल की बिलासपुर यात्रा ( एक ) – उन्नीस बरस में कहां पहुंचा छत्तीसगढ़….?

उन्नीस बरस की उमर क्या होती है ? कम से कम एक राज्य के लिए तो कुछ भी नहीं। एक देश के रूप में हम अक्सर 70 साल की विकास यात्रा पर सवाल खड़े करते हैं। तो क्या नवजात प्रदेशों को भी अपने पैरों खड़े होने के लिए 70 साल देने चाहिए। छत्तीसगढ़ ने ऐसी

“घुमक्कड़ राम की डायरी” … हिमाचल के गांव में अब भी सुरक्षित है… कुदरत का अनमोल तोहफा…

 ट्रेड यूनियन – कर्मचारी नेता पी.आर. यादव पर्यटन के शौकीन हैं। हर साल किसी इलाके का सफर उनका शगल है। हाल के दिनों में उन्होने हिमाचल प्रदेश की यात्रा की है। घुमक्कड़ राम की डायरी के नाम से उन्होने अपनी इस  यात्रा  का संस्मरण सोशल मीडिया पर साझा किया है। जिसे हम यहां प्रकाशित कर

” मैं…बलराम….”जिंदादिल शख्सियत की एक बुलंद आवाज.. अब सिर्फ यादों में…

( गिरिजेय )  न्यायधानी बिलासपुर की मुख्य सड़क  जिस चाँटापारा – तिलकनगर से होकर गुजरती है….वहां काँचवाले खुले दरवाजे के उस पार अपनी बड़ी सी टेबल के सामने बैठे शख्स का अंदाज ही कुछ ऐसा होता था कि वहां से गुजरने वाले हर एक जान पहचान के व्यक्ति के हाथ अभिवादन में सहज ही  उठ

लोकसभा चुनाव 2019 – दुर्ग लोकसभा सीट पर शह और मात का खेल

सीजीवालडॉटकॉम।लोकसभा चुनाव में अधिक देरी नहीं है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद  सियासी पार्टियों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। फिलहाल इस बात को लेकर चर्चा है कि छत्तीसगढ़ की ग्यारह लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार कौन होगा। इसे लेकर सुगबुहाहट भी है और धीरे –धीरे नाम भी सामने आने लगे हैं। लेकिन इस

लोकसभा चुनाव 2019 – रायपुर लोकसभा सीट पर शह और मात का खेल…

सीजीवालडॉटकॉम।लोकसभा चुनाव में अधिक देरी नहीं है। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के बाद  सियासी पार्टियों ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। फिलहाल इस बात को लेकर चर्चा है कि छत्तीसगढ़ की ग्यारह लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार कौन होगा। इसे लेकर सुगबुहाहट भी है और धीरे –धीरे नाम भी सामने आने लगे हैं। लेकिन इस

लोकसभा चुनाव 2019 – बिलासपुर लोकसभा सीट- कौन कितने पानी में … ?

सीजीवालडॉटकॉम।लोकसभा चुनाव में अधिक देरी नहीं है। सियासी पार्टियों ने भी अपनी तैयारियां शुरू हैं। फिलहाल इस बात को लेकर चर्चा है कि छत्तीसगढ़ की ग्यारह लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार कौन होगा। इसे लेकर सुगबुहाहट भी है। लेकिन इस बीच एक अहम सवाल यह भी है कि कहां – किसकी स्थिति मजबूत है। इस सवाल

लोकसभा चुनाव 2019 – कोरबा लोकसभा सीट- कौन कितने पानी में … ?

सीजीवालडॉटकॉम।लोकसभा चुनाव में अधिक देरी नहीं है। सियासी पार्टियों ने भी अपनी तैयारियां शुरू हैं। फिलहाल इस बात को लेकर चर्चा है कि छत्तीसगढ़ की ग्यारह लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार कौन होगा। इसे लेकर सुगबुहाहट भी है। लेकिन इस बीच एक अहम सवाल यह भी है कि कहां – किसकी स्थिति मजबूत है। इस सवाल

लोकसभा चुनाव 2019–पढ़िए जाँजगीर लोकसभा सीट-कौन कितने पानी में … ?

सीजीवालडॉटकॉम।लोकसभा चुनाव में अधिक देरी नहीं है। सियासी पार्टियों ने भी अपनी तैयारियां शुरू हैं। फिलहाल इस बात को लेकर चर्चा है कि छत्तीसगढ़ की ग्यारह लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार कौन होगा। इसे लेकर सुगबुहाहट भी है। लेकिन इस बीच एक अहम सवाल यह भी है कि कहां – किसकी स्थिति मजबूत है। इस सवाल

लोकसभा चुनाव 2019 –पढिए रायगढ़ लोकसभा सीट – कौन कितने पानी में… ?

सीजीवालडॉटकॉम।लोकसभा चुनाव में अधिक देरी नहीं है। सियासी पार्टियों ने भी अपनी तैयारियां शुरू हैं। फिलहाल इस बात को लेकर चर्चा है कि छत्तीसगढ़ की ग्यारह लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार कौन होगा। इसे लेकर सुगबुहाहट भी है। लेकिन इस बीच एक अहम सवाल यह भी है कि कहां – किसकी स्थिति मजबूत है। इस सवाल

लोकसभा चुनाव 2019 –पढिए सरगुजा लोकसभा सीट – कौन कितने पानी में… ?

सीजीवालडॉटकॉम।लोकसभा चुनाव में अधिक देरी नहीं है। सियासी पार्टियों ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी  हैं। फिलहाल इस बात को लेकर चर्चा है कि छत्तीसगढ़ की ग्यारह लोकसभा सीटों पर उम्मीदवार कौन होगा। इसे लेकर सुगबुहाहट भी है। लेकिन इस बीच एक अहम सवाल यह भी है कि कहां किसकी स्थिति मजबूत है। इस

पढ़िए……अनूप रंजन पाण्डेय ने कैसे दी बस्तर बैंड को अलग पहचान…..? बिलासपुर की माटी के एक और लाल को पद्मश्री….

(गिरिजेय)सीजीवालडॉटकॉम।ऐसे समय में जब बंदूक की गोली और सुरंगों के बीच फटने वाले बारूद की गूंज की खबरों से छत्तीसगढ़ का बस्तर इलाका देश के मीडिया की सुर्खियां बनता है……। तब अगर कोई शख्स बस्तर की लोकपरंपराओँ और लोक वाद्यों से नकलने वाली गूंज…. उसमें रची – बसी धुन को सहेजने मे लगा हो ….

चुनावी गणितःपढिए तीसरी ताकत आखिर कितनी ताकतवर…? ”जोगी फैक्टर” पर टिकी चुनावी विसात..

(गिरिजेय)छत्तीसगढ़ में मौजूदा विधानसभा चुनाव के लिए पहले चरण की वोटिंग हो चुकी है। दूसरे और अँतिम चरण की वोटिंग के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। सरकारी तंत्र व्यवस्थित ढ़ंग से मतदान कराने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। वहीं तमाम राजनैतिक दलों के लोग भी अपनी पूरी ताकत झोंक रहे