कोेर्ट परिसर में मारपीट..थाना पहुंचकर सुलहनामा..मिन्नत के बाद फरियादी ने ली शिकायत वापस

बिलासपुर— जिला सत्र न्यायालय परिसर में वकील और पीड़ित में मरापीट हुई। मामला सिविल लाइन थाने तक पहुंचा। फरियादी ने लिखित शिकायत कर बताया कि चार पहिया बैक करने के दौरान वकील की गाड़ी से उसकी गाड़ी टकरा गयी। वकील गाली गलौच करने लगा। इसी दौरान किसी धारदार वस्तु से हमला भी कर दिया। हमले में उसके नाक पर चोट पहुंची। इस दौरान पिताजी भी कार में बैठे। बीचबचाव के बाद मामला शांत हुआ। पीडित की शिकायत पर  सिविल लाइन पुलिस ने मुलायजा के बाद फरियादी की शिकायत को दर्ज किया। लेकिन वकीलों की तरफ से माफीनामे के बाद पीड़ित ने शिकायत को वापस ले लिया है।

                   जिला सत्र न्यायालय परिसर में गाड़ी बैक करने के दौरान पीछे एक वकील की गाड़ी से टक्कर हो गयी। इसके बाद वकील और फरियादी लक्ष्मीकांत के बीच वाद विवाद हुआ। इसी दौरान पीड़ित लक्ष्मीकांत के नाक पर चोट पहुंची। लक्ष्मीकांत ने मामले की शिकायत सिविल लाइन थाने में की। 

                                अपनी शिकायत में लक्ष्मीकांत शास्त्री ने बताया कि वह कोर्ट कचहरी के काम से पिता रूपचन्द्र शास्त्री के साथ जिला सत्र न्यायालय आया था। काम पूरा होने के बाद करीब एक बजे घर जाने के लिए पार्किंग से गाड़ी को बैक कर रहा था। इसी दौरान पीछे से पार्किंग के लिए आ रही वकील की गाड़ी से शायद उसकी गाड़ी हल्के में टकरा गयी। यद्यपि वकील की गाड़ी को नुकसान नहीं पहुंचा। उल्टे उसकी ही गाड़ी को नुकसान पहुंचा। 

                इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ। वकील ने पहले तो डराया धमकाया। इसके बाद हाथ में रखे किसी नुकली वस्तु से हमला कर दिया। हमले में उसके नाक पर चोट पहुंची। शिकायत करने पहुंचे लक्ष्मीकांत का पुलिस ने मुलायजा कराया। इसके बाद शिकायत को दर्ज किया।

झुूण्ड में पहुंचे वकील       

                 लक्ष्मीकांत शास्त्री की सिविल लाइन थाना पहुंचने और शिकायत की जानकारी मिलते ही एक दर्जन से अधिक संख्या में वकील भी थाना पहुंच गए। वकीलों ने बताया कि लक्ष्मीकांत ने विजय छावड़ा पर हाथ उठाया। बो टाई को छीना झपटा। इसके चलते विवाद बढ़ गया। शायद चाभई से नाक पर चोट पहुंची।

वकीलों ने किया सुलहनामा 

थाने में धीरे धीरे वकीलों की संख्या बढ़ती गयी। इस दौरान समझाने के बाद भी लक्ष्मीकांत शिकायत वापस लेने को तैयार नहीं हुए। इस बीच कुछ परिचय के भी वकील मौके पर पहुंच गए। वकीलों ने खासकर विजय छावड़ा ने भी माफी मांगते हुए मामले को रफादफा करने को कहा। परिचित वकीलों के प्रयास से लक्ष्मीकांत ने शिकायत को वापस लिया।                 

                          लक्ष्मीकांत ने बताया कि उस पर हमला किया गया था। थाना पहुंचकर मामले की शिकायत शिकायत की। परिचितों के कहने पर शिकायत को वापस लिया है। वकीलों ने भी मामले पर दुख जाहिर किया। इसके चलते पिता के कहने पर शिकायत को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *