संध्या के बाद योगिता ने थामा कांग्रेस का हाथ..शहजादी ने किया समर्थन.. निष्कासित नेता त्रिलोक की एन्ट्री

बिलासपुर—- चुनाव परिणाम आने के बाद धीरे धीरे कांग्रेस का पार्षद कुनबा बढ़ता जा रहा है। एक दिन पहले कांग्रेसी की बागी नेत्री और वार्ड क्रमांक 51 की निर्दलीय पार्षद संध्या तिवारी के बाद दो नाम कांग्रेस के साथ हो गए हैं। सोमवार को रायपुर स्थित राजीव भवन पहुंचकर कांग्रेस से निष्कासित नेता त्रिलोक श्रीवास की भाई बहू योगिता आनन्द श्रीवास को कांग्रेस को कांग्रेस में शामिल कर लिया गया है। इसके अलावा निष्कासित नेता त्रिकोक श्रीवास की भी घर वापसी हो गयी है।योगिता आनन्द वार्ड क्रमांक 68 से निर्दलीय पार्षद चुनकर आयी है।वहीं वार्ड क्रमांक 31 की निर्दलीय पार्षद शहजादी कुरैशी ने एलान किया है कि उनका समर्थन कांग्रेस को रहेगा। 
 
                           चुनाव परिणम कांग्रेस का पार्षद कुनबा धीरे धीरे बढ़ता दिखाई दे रहा है।एक दिन पहले बिना शर्त कांग्रेस में शामिल हुई निर्दलीय पार्षद संध्या तिवारी के बाद सोमवार को  वार्ड क्रमांक 68 से निर्दलीय योगिता आनन्द ने भी कांग्रेस का दामन थामा है।
 
               सोनवार को वार्ड क्रमांक 68 की निर्दलीय पार्षद योगिता आनन्द श्रीवास ने राजीव भवन रायपुर पहुंचकर पीसीसी प्रमुख मोहन मरकाम से कांग्रेस का समर्थन का एलान किया है। इस दौरान मोहन मरकाम ने योगिता आनन्द को कांग्रेस की सदस्यता देते हुए पार्टी में शामिल होने को लेकर स्वागत किया। साथ ही परिसीमन के समय विरोधी रूख के कारण कांग्रेस से 6 साल के लिए निष्कासित नेता त्रिलोक श्रीवास को भी पार्टी में वापस लिया गया है।
 
                         जानकारी हो कि कांग्रेस से निष्कासित होने के बाद त्रिलोक श्रीवास ने अपने भाई बहू योगिता आनन्द को वार्ड क्रमांक 68 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में  मैदान में उतारा। चुनाव में कांग्रेस और भाजपा की योगिता आनन्द के हाथों हार हुई। इधर समर्थन और पार्षद संख्या बढ़ाने को लेकर कांग्रेस के आला नेताओं ने हाथ पांव मारना शुरू किया। पहले तो कांग्रेस से इस्तीफा देकर वार्ड क्रमांक 51 से बागी बनकर चुनाव लड़ने और जीत हासिल करने वाली निर्दलीय प्रत्याशी संध्या तिवारी की कांग्रेस में वापसी हुई। फिर वार्ड क्रमांक 68 की निर्दलीय पार्षद योगिता आनन्द ने कांग्रेस में शामिल होने से पहले निष्कासित नेता त्रिलोक श्रीवास की वापसी की शर्त रखा। जिसे प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने माना ।
 
                 इसी क्रम में आज योगिता आनन्द ने समोवार को राजीव भवन पहुंचकर कांग्रेस की सदस्यता लेते हुए समर्थन किया। साथ ही पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित नेता त्रिलोक श्रीवास की घर वापसी हुई। इस दौरान जिला और प्रदेश कांग्रेस संगठन के आला नेता भी मौजूद थे। सभी ने त्रिलोक और योगिता का पार्टी में स्वागत किया।
 
घर वापसी के बाद त्रिलोक ने कहा–सम्मान की जीत
 
                 घर वापसी के बाद कांग्रेस नेता त्रिलोक श्रीवास ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मोहन मरकाम ने छत्तीसगढ़ प्रभारी पीएल पुनिया और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश कांग्रेस प्रवेश दिलवाया गया है। निर्दलीय पार्षद योगिता आनंद श्रीवास ने भी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। योगिता ने कांग्रेस को बिना शर्त समर्थन देना स्वीकार किया है। इस दौरान मोहन मरकाम ने कहा कि त्रिलोक श्रीवास अपने समाज के प्रदेश के अध्यक्ष हैं। कांग्रेस परिवार से जुड़े हैं उनके कांग्रेस परिवार आने से कांग्रेस को फायदा होगा। त्रिलोक श्रीवास ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में सम्मानजनक वापसी पर  बेलतरा विधानसभा समेत पूरे जिले में कांग्रेसजनों और युवा वर्ग ने खुशी जाहिर की है। समर्थकों के साथ पार्टी के लिए तन मन से काम करूंगा।
 
शहजादी कुरैशी ने कहा–कांग्रेस को हमारा समर्थन
  
             कांग्रेस से इस्तीफा देकर वार्ड क्रमांक 31 से चुनाव लड़कर निर्दलीय पार्षद बनी शहजादी कुरैशी ने कहा कि हमारा समर्थन कांग्रेस को है। फिलहाल मैं कांग्रेस में वापस नहीं  हुई हूं। लेकिन वार्ड विकास के लिए बिना शर्त कांग्रेस का समर्थन करती हूं। कल क्या हुआ..मैं उसको भूल चुकी हूं। मुझे पार्टी ने टिकट नहीं दिया। जनता ने चुनाव लड़ने के लिए कहा..और एक बार फिर सेवा करने का अवसर मिला। मुझे किसी से गिला शिकवा नहीं है। मैं अपने वार्ड का विकास चाहती हूं।इसलिए कांग्रेस का समर्थन करती हूं। जो हुआ..उसे पीछे छोड़कर आगे बढ़ चुकी हूं।
 
 कांग्रेस पार्षदों का कुनबा विस्तार
               
                 जानकारी हो कि निकाय चुनाव में कांग्रेस की कुल 35 वार्डो में  जीत हुई है। शेख गफ्पार के निधन के बाद कांग्रेस पार्षदों की संख्या 34 हो गयी है। 69 पार्षदों की संख्या में मेयर के लिए कांग्रेस पार्टी को कम से कम 35 पार्षदों की जरूरत है। योगिता और संध्या तिवारी के पार्टी में शामिल होने के बाद कांग्रेस पार्षदों की संख्या बढ़कर 36 हो गयी है। यदि शेख गफ्फार के वार्ड को शामिल किया जाता है तो संख्या बढ़कर 37 हो जाती है। दोनों ही सूरत में कांग्रेस को मेयर चुनने का बहुमत हासिल है। ऊपर से बिना पार्टी में शामिल हुए निर्दलीय पार्षद शहजादी कुरैशी का समर्थन कांग्रेस के लिए सोने पर सुहागा जैसा है। वहीं एक नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि शहजादी कुरैशी कांग्रेस में जरूर शामिल होंगी। उन्होने इस्तीफा देकर पार्टी छोड़ा है। उन्हें सम्मान के साथ पार्टी में लाया जाएगा। इसके अलावा दो अन्य निर्दलीयों भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं।उन्होने ने भी समर्थन का एलान किया है।

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