प्रतिबंधित ई.सिगरेट बेचते आरोपी पकड़ाया.. बिलासपुर में प्रदेश का पहला मामला… पुलिस कर रही पूछताछ…

बिलासपुर—- शहर के प्रताप चौक के पास एक जनरल सामाग्री की दुकान से पुलिस ने ई. सिगरेट बरामद किया है। बरामद ई.सिगरेट की संख्या कितनी है। फिलहाल खबर लिखे तक जानकारी नही मिल सकी है। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है। एफआईआर के पहले आरोपी पूछताछ की जा रही है। 

            पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर के प्रताप चौक से पुल की तरफ जाने वाले रास्ते के बीच एक जनरल सामाग्री की दुकान से ई.सिगरेट बरामद किया गया है। मुखबिर की सूचना के बाद पुलिस ने दुकान में छापामार कार्रवाई कर ई.सिगरेट को बरामद किया है। बरामद ई.सिगरेट की संख्या कितनी है। फिलहाल इस बात की जानकारी नहीं मिल सकी है।

              पुलिस को सूचना मिली कि प्रताप चौक के पास जनरल दुकान व्यवसायी प्रतिबंधित ई.सिगरेट का चोरी छिपे व्यवसाय कर रहा है। जानकारी के बाद पुलिस ने नजर रखना शुरू कर दिया। मौका देखने के बाद आरोपी दुकानदार को धर दबोचा गया। साथ ही आधा दर्जन के आस पास ई.सिगरेट को जब्त किया गया है। 

        सूत्र ने बताया कि आरोपी दुकानदार विशाल केशरवानी को फिलहाल सिविल लाइन लाकर पूछताछ की जा रही है। जानने का प्रयास किया जा रहा है कि वह प्रतिबंधित सिगरेट का व्यवसाय कब से कर रहा है। कहां लाना होता है। इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इसके बाद एफआईआर दर्ज किया जाएगा। जानकारी यह भी मिल रही है कि आरोपी को बचाने लोगों ने प्रयास भी शुरू कर दिया है। फिलहाल ऐसा होने की संभावना नजर नहीं आते दिख रही है।

क्या है ई.सिगरेट

 ई.सिगरेट एक ऐसा यंत्र है..जो देखने में साधारण सिगरेट जैसा लगता है। इसमें एक बैट्री और एक कारट्रिज होती है। कारट्रिज में निकोटीन युक्त तरल पदार्थ भरा होता है। बैट्री की सहायता से गर्म होकर निकोटिन युक्त भाप देता है। इसे सिगरेट के धुंए की तरह लोग पीते हैं। यह एक बैटरी से चलने वाला उपकरण है ।  जो निकोटीन या गैर.निकोटीन के वाष्पीकृत होने वाले घोल की सांस के साथ सेवन की जाने वाली खुराक देता है। ई.सिगरेट सिगार या पाइप जैसे धुम्रपान वाले तम्बाकू उत्पादों का एक विकल्प है।

ई.सिगरेट से कैंसर का खतरा
                          

              माना जा रहा है कि  ई.सिगरेट के उपयोग से  होने वाले फ्लेवरिंग लिक्विड दिल को नुकसान पहुंचाता है। इसके सेवन करने वालों को अहसास होता है कि वह सामान्य सिगरेट का सेवन कर रहे हैं। ऐसे उपकरणों को ईएनडीएस भी कहा जाता है। जानकारी के अनुसार इसमें कई बार निकोटिन की जगह खतरनाक रसायन फॉर्मलडिहाइड का इस्तेमाल होता है। जो सेहत के लिए निकोटिन से हजार गुना ज्यादा घातक होता है। जिससे कैंसर होने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है।

भारत सरकार ने लगाया बैन

भारत सरकार ने ई.सिगरेट को पूरी तरह से प्रतिबंधित किया है। सरकार ने ई-सिगरेट 18 सितंबर, 2019 से उत्पादन, बिक्री, निर्यात, आयात, विज्ञापन, भंडारण पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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