वेलेन्टाइन डे को होगा अध्यक्ष का चुनाव…पढ़ें..किसने कहा था..आप अध्यक्ष के लिए करें मतदान..फिर भी अरूण और जितेन्द्र आमने सामने

बिलासपुर—- जिला पंचायत अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव 14 फरवरी को होना है। कांग्रेस समर्थित सदस्यों की संख्या 15 और भाजपा के कुल 6 है। बहरहाल भाजपा की तरफ से दावेदारी सामने नहीं आयी है। लेकिन वरिष्ठ नेता पल पल की गतिविधियों पर नजर बनाकर रखे है। कांग्रेस ने भी अधिकारिक रूप से प्रत्याशी के नाम का एलान नहीं किया है। लेकिन अरूण चौहान और जितेन्द्र पाण्डेय आमने सामने है। दोनों के अपनी दावेदारी को लेकर अलग अलग तर्क हैं। मजेदार बात है कि चार सदस्यों के साथ अंकित गौरहा भी मैदान में बने हुए हैं।

वेलेन्टाइन डे को चुनाव

                   14 फरवरी यानि वेलेन्टाइन डे को  जिला पंचायत का पहला सम्मेलन होगा।  अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव होगा। कांग्रेस इस समय 15 सदस्यों के साथ अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का दावा कर रही है। संभावना जाहिर की जा रही है कि भाजपा निगम की तरह जिला पंचायत में भी प्रत्याशी को मैदान में नहीं उतारेगी। लेकिन कांग्रेसियों में भी एक राय नहीं बन पा रही है कि आखिर अध्यक्ष की ताजपोशी के लिए किसके नाम का एलान करें। बहरहाल अभी एक दिन बाकी है। कांग्रेस नेता रणनीति के तहत बगावत से बचने अंतिम घड़ी में ही नाम का एलान करेंगे। 

पुरी से लौट रहे अरूण समर्थक

                   जानकारी मिल रही है कि दूर दराज पर्यटन के लिए गए कांग्रेसी जिला पंचायत सदस्य बिलासपुर लौटने लगे है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेता अभिषेक सिंह की अगुवाई में 8 सदस्यों का अरूण चौहान के समर्थक सदस्य पुरी से बिलासुपर के लिए रवाना हो चुके हैं। अभिषेक ने बताया कि सच है कि कुछ सदस्य प्रथम सम्मेलन में शामिल होने से पहले पुरी गए है। लेकिन इसे चुनाव से जोड़कर देखना ठीक नहीं होगा।

                  जिला पंचायत के एक सदस्य ने नाम जाहिर करने की सूरत में बताया कि अरूण चौहान 12 सदस्यों के साथ अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार हैं। उन्हें पीसीसी महामंत्री अटल श्रीवास्तव का समर्थन हासिल है। चुनाव से ठीक पहले एक निर्दलीय सदस्य का भी समर्थन मिल जाएगा। संगठन से भी अरूण चौहान को आशीर्वाद मिल गया है।

आप सदस्य नहीं..अध्यक्ष के लिए करें मतदान

                मामले में जितेन्द्र पाण्डेय के खास लोगों ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री का आशीर्वाद है। जितेन्द्र पाण्डेय ही अध्यक्ष बनेंगे। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस महामत्री ने लिमहा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि यहां की जनता सदस्य नहीं बल्कि अध्यक्ष चुनेगी। समझने वाली बात है कि जितेन्द्र पाण्डेय को संगठन ने पहले से ही अध्यक्ष पद के लिए फैसला कर लिया है। जितेन्द्र पाण्डेय को 14 सदस्यों का समर्थन हासिल है।  इसके अलावा 2 निर्दलीय सदस्य भी साथ में है।

             जितेन्द्र के समर्थक ने बताया कि जितेन्द्र पाण्डेय की राजनीति भी साफ सुथरी है। वह 1985 से राजनीति कर रहे हैं। खेमेवाजी से हमेशा दूरी बनाकर रखा। उन्होने भाजपा  के मजबूत नेता और पूर्व विधायक की पत्नी सुनीता सिंह को रिकार्ड मतों से हराया है। आशीष सिंह और रश्मि सिंह का भी समर्थन हासिल है। सबसे बड़ी बात कि पिछले 25 जिला पंचायत सदस्यों में से केवल जितेन्द्र पाण्डेय ही एक नाम है जो इस बार जीतकर आया है। हजाहिर सी बात है कि जितेन्द्र का अध्यक्ष पद की दावेदारी मजबूत है।

              मामले में जितेन्द्र पाण्डेय ने बताया कि संगठन के आदेश का पालन किया जाएगा। उन्हें पूरा विश्वास है कि संगठन के प्रति वफादारी का इनाम मिलेगा। लेकिन जितेन्द्र ने बताने से इँकार कर दिया कि उनके 14 समर्थक सदस्य कौन कौन हैं। 

अंकित की दावेदारी..

              जानकारी के अनुसार अंकित गौरहा ने भी पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव के दरबार में अध्यक्ष बनने के लिए आवेदन लगाया है। अंकित को भरोसा है कि मौका जरूर मिलेगा। अंकित ने बताया कि पांच सदस्यों का समर्थक हासिल है। अंकित ने बताया कि हां मैं दावेदार हूं। लेकिन संगठन का निर्णय सर्वोपरि है।             

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