इस साल रिकार्ड धान की खरीदी, किसानों ने 82 लाख 81 हजार मीट्रिन टन धान बेचा

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के अपने 20 सालों में इस खरीफ विपणन वर्ष में प्रदेश में सबसे ज्यादा किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान बेचकर एक नया रिकार्ड कायम किया है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के किसानों को धान बेचने में किसी भी प्रकार समस्या न हो इसके लिए की गई चाॅक चौबंद व्यवस्था से प्रदेश में इस साल रिकार्ड धान की खरीदी हो सकी है. यदि हम आकड़ों की बात करें तो छत्तीसगढ़ में वर्ष 2012-13 में 14 लाख 79 हजार 152 किसानों ने अपना पंजीयन कराया था. सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

जिसमें से 10 लाख 8 हजार 562 किसानों से 71 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई थी. इसी तरह 2013-14 में 16 लाख 43 हजार 103 किसानों ने अपना पंजीयन कराया था जिसमें से 11 लाख 76 हजार 232 किसानों ने 79 लाख 72 हजार 156 मीट्रिक टन धान बेचा था.

वर्ष 2014-15 में राज्य के 12 लाख 52 हजार 355 किसानों का पंजीयन किया गया जिसमें 11 लाख 88 हजार 789 किसानों ने 63 लाख 10 हजार 424 मीट्रिक धान बेचा. इसके अगले साल 2015-16 में धान बेचने के लिए राज्य के 13 लाख 22 हजार 613 किसानों के पंजीयन के विरूद्ध 11 लाख 10 हजार 330 किसानों से 59 लाख 29 हजार 232 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई. वर्ष 2016-17 में 15 लाख 14 हजार 823 किसानों का पंजीयन कर 13 लाख 27 हजार 944 किसानों से 69 लाख 59 हजार 59 मीट्रिक टन धान खरीदा गया.

इसी तरह साल 2017-18 में राज्य के 15 लाख 77 हजार 332 किसानों का पंजीयन कर 12 लाख 6 हजार 264 किसानों से 56 लाख 88 हजार 938 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई. यदि हम देखे तो राज्य में नई सरकार के गठन के बाद साल 2018-19 में 16 लाख 98 हजार 5 किसानों का पंजीयन हुआ और इसमें से 15 लाख 71 हजार 414 किसानों से प्रदेश में 80 लाख 38 हजार 30 मीट्रिक टन धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया. वहीं चालू खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में प्रदेश में अभी तक के सबसे ज्यादा 19 लाख 55 हजार 554 किसानों का पंजीयन हुआ इसमें से अब तक के सबसे ज्यादा 18 लाख 20 हजार 914 किसानोें से 82 लाख 81 हजार 241 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। यह आकड़ा प्रदेश गठन के बाद अब तक का सबसे ज्यादा है.

यदि हम धान बेचने वाले किसानों का प्रतिशत देखे तो वर्ष 2012-13 मेें 68.19 प्रतिशत, वर्ष 2013-14 में 71.59 प्रतिशत, वर्ष 2014-15 में 94.92 प्रतिशत, वर्ष 2015-16 में 83.95 प्रतिशत, वर्ष 2016-17 में 87.66 प्रतिशत, वर्ष 2017-18 में 76.47 प्रतिशत, वर्ष 2018-19 में 92.11 प्रतिशत और वर्ष 2019-20 में 93.11 प्रतिशत किसानों ने धान बेचा है.

यदि राज्य में हम धान खरीदी की अवधि की बात करें तो साल 2012-13 में एक नवंबर से 15 फरवरी तक धान खरीदी की गई। इसी तरह 13-14 में 21 अक्टूबर से 15 फरवरी तक, 14-15 में एक दिसंबर से 31 जनवरी तक, 15-16 में 16 नवंबर से 31 जनवरी तक, साल 16-17 और 17-18 में 15 नवंबर से 31 जनवरी तक, 18-19 में एक नवंबर से 31 जनवरी तक जबकि इस साल 2019-20 में एक दिसंबर से 20 फरवरी तक किसानों से धान खरीदी का कार्य किया गया.

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