कोटा BEO का चार्ज व्याख्याता को, JD का आदेश जारी होने के बाद नियमों को लेकर उठ रहे सवाल

बिलासपुर।संयुक्त संचालक बिलासपुर के जारी आदेश के अनुसार कोटा विकासखंड में बीईओ के रिक्त पद पर शासन द्वारा स्थापना किए जाने तक चांटीडीह उ. माध्यमिक शाला के व्याख्याता संजीव शुक्ला को विकास खंड शिक्षा अधिकारी का प्रभार दिया गया है। नया आदेश जारी होने के बाद इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या व्याख्याता को बीओ का प्रभार देने के मामले में नियमों का पालन किया गया है .?सीजीवालडॉटकॉम के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए

कोटा बी.ई.ओ. एम.एल पटेल के एक मामले में निलंबित होने के बाद घुटकू प्राचार्य रजनीश तिवारी को बी.ई.ओ बनाया गया था। किंतु  संयुक्त संचालक लोक शिक्षण बिलासपुर द्वारा अपने आदेश को संशोधित करते हुए चांटीडीह उ.मा.शाला में व्याख्याता के पद पर पदस्थ संजीव शुक्ला को कोटा विकास खंड के बीईओ का प्रभार दिया गया है।

कोटा बीईओ के प्रभार को लेकर नया आदेश जारी होने के बाद इस बात की चर्चा सुनी जा रही है कि क्या इस मामले में नियमों का पालन किया गया है…? क्या व्याख्याता को बीईओ. का प्रभार दिया जा सकता है…? जानकार मानते हैं कि संयुक्त संचालक द्वारा अपने ही जारी आदेश को पलटते हुए उक्त मामले में छत्तीसगढ़ शैक्षिक सेवा भर्ती पदोन्नति नियम 2019 के अनुसूची 2 के विरुद्ध व्याख्याता को बीईओ का प्रभार दिया है। जबकि 5 वर्ष तक प्राचार्य वर्ग 2 को या एबीईओ कैडर से बीईओ के पद पर नियुक्ति की जानी चाहिए। इस प्रकार नियमों की अनदेखी कर चहेतों को उपकृत किए जाने का कार्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा लगातार किया जाना आम बात हो गई है।

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