बिलासपुर में रेलवे कोच फैक्ट्री की मांग,संसद में अरुण साव ने बुधवारी बाजार व्यापारियों का मामला उठाया, हमालों – महिला ट्रैक मेन की समस्या पर रखी बात

बिलासपुर/ नई दिल्ली—- शुक्रवार को लोकसभा में बिलासपुर से जुड़ी रेल सम्बधि  मांग और समस्याओं को सांसद अरूण साव ने पुख्ता तरीके से पेश किया। सदन में मंत्रालय से बिलासपुर की समस्याओं को जल्द से जल्द से निराकरण किए जाने की मांग की है। इस दौरान सांसद ने कहा कि बुधवारी बाजार के व्यापारियों की हालत बहुत ही खराब है। साव ने हमालों के लिए कहा कि उन्हें रेलवे के किसी विभाग में नियुक्ति की जाए। क्योंकि उन्हें साजिश के तहत हटाने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रैकमनों और खासकर महिला ट्रैकमनों की समस्याओं को पुख्ता तरीके से सदन में रखा।

            सदन में सांसद अरूण साव ने शुक्रवार को भारतीय रेलवे के अनुदान मामले में समर्थन में बोला। इस दौरान उन्होने बारी बारी से बिलासपुर से जुड़ी तमाम समस्याओं और मांगों को पेश किया। अरूण साव ने कहा कि लम्बे संघर्ष और पूर्व प्रधानममंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयास से  बिलासपुर रेलवे जोन की स्थापना हुई। पूर्व प्रधानमंत्री का बिलासपुर से गहरा नाता रहा है। उन्हें उम्मीद थी कि रेल जोन स्थापित होने के बाद क्षेत्र के युवा बेरोजगारों के सपनों को पंख लगेगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। निश्चित रूप से यह दुख की बात है। मांग करता हूं कि युवा बेरोजगारों को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर में रेल कोच फैक्ट्री लगाई जाए। ताकि स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार अवसर मिले।

नई गाडी की मांग

          अरूण साव ने कहा कि बिलासपुर छत्तीसगढ़ से राजधानी एक्स्पेरस सप्ताह में केवल एक दिन चलती है। हम चाहते हैं कि राजधानी एक्स्पेस प्रतिदिन चलाई जाए। क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग गायत्री परिवार से जुड़े हुए हैं। हमेशा हरिद्वार आना जाना होता है। हरिद्वार के लिए नियमित रूप से प्रत्येक दिन एक ट्रेन चलायी जाए। सारनाथ एक्सप्रेस प्रतिदिन प्रयागराज इलाहाबाद जाती है। लेकिन सबसे बड़ी समस्या उसकी टाइम को लेकर है। क्षेत्र की गरीब जनता को एक दिन अस्थि विसर्जन के लिए रूकना पड़ता है। सारनाथ की टाइम को कुछ इस तरह ठीक किया जाए कि लोग सुबह प्रयाग राज पहुंचे और अस्थि विसर्जन के बाद उसी दिन घर वापसी कर सके।  

                  साव ने कहा कि क्षेत्र के लोगों की लम्बे समय से मांग रही है कि जयरामनगर बिल्हा,करगी रोड़ कोटा और पेन्ड्रा रोड  में बड़ी गाड़ियों का स्टापेज दिया जाए। मैने भई कई बार निवेदन किया..मंत्रालय को पत्र भी लिखा। निवेदन और पत्र पर गंभीरता से विचार करते हुए लोगों की मांग को पूरा किया जाए।

बुधवारी बाजार की गूज

         सदन को अरूण साव ने बताया कि बिलासपुर की सबसे ब़ड़ी समस्याओं में से एक बुधवारी बाजार के व्यापारियों की है। सालों से बुधवारी बाजार के व्यापारी परेशान है।ना तो लायसेंस का नवीनीकरण किया जा रहा है। ना ही शुल्क लिया जा रहा है। नवीनीकरण आवेदन की प्रक्रिया उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी तीब्र गति से नहीं हो रहा है। आए दिन आरपीएफ के जवान डंडा लेकर पहुंच जाते है। व्यापारियों को परेशान करते हैं। रेलवे बोर्ड से आग्रह है कि व्यापारियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका निराकण करे। और बुधवारी बाजार को सुव्यवस्थित बनाए।

महिला ट्रैकमैन की समस्या

                   साव ने कहा कि रेलवे के संचालन मे ट्रैकमैनों की अहम भूमिका होती है। देश का कमोबेश हर जगह ट्रैकमैन परेशान है। बहुत ही आभाव की जिन्दगी जीते हैं। विभागीय परीक्षा में भी उन्हें मौका नहीं दिया जाता है। खासकर महिला टैकमैनों को बहुत ज्यादा समस्याओं को सामना करना पड़ता है। उनके लिए ना तो प्रसाधन है.. ना ही बैठने की ही उचित व्यवस्था ही है। जानकारी हो कि रेलवे संचालन में सबसे ज्यादा शहादत ट्रैकमैनों की होती है  मंत्रालय से आग्रह है कि ट्रैकमैनों की समस्याओं पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

                             साव ने कहा कि  राजनांदगांव बोरतालाब डोंगरगढ .यूनिट नागपुर मंडल का हिस्सा है। क्षेत्र को रायपुर मंडल में शामिल करने से ना केवल आम जनता की परेशानी दूर होगी। बल्कि प्रशासनिक सुविधा की नजर से उचित होगा। साव ने बताया कि दिव्यांग जनों के लिए भी रेलवे स्टेशनों में पर्याप्त व्यवस्थआ नहीं है…व्यवस्था किया जाना बहुत जरूरी है।

हमालों को निकालने की साजिश..चाहिए नौकरी

               सदन को सांसद ने बताया कि बिलासपुर में पार्सल यूनिट के हमालों  को निकालने की साजिश चल रही है। स्थानीय रेल प्रशासन सुनोयित  तरीके से हमालों को महीने  में 10-15 दिन काम देने का फैसला किया है।  मंत्रालय से निवेदन है कि सभी हमालों को रेलवे के अन्य विभागों में शामिल किया जाए।

मुंगेली73 साल पीछे

         साव ने मंत्रालय को बताया कि डोंगरगढ़ मुंगेली रेलवे लाइन के लिए रेलवे मंत्रालय ने 500 करोड़ रूपए दिए है। लेकिन अभी तक जमीन अधिग्रहण का काम पूरा नहीं हुआ है। राज्य सरकार बहुत सुस्त है। ऐसे में प्रोजेक्ट की लागत बढ़ना निश्चित है। क्षेत्र के लोग भी रेलवे की सुविधा वंचित हो जाएंगे। अपनी पीड़ा को जाहिर करते हुए अरूण साव ने कहा कि आजादी के 73 साल भी मुंगेली रेलवे की सुविधा से अछूता है। भारत सरकार राज्य सरकार को निर्देशित करे कि  योजना को शीघ्र क्रियान्यवयन के लिए जमीन अधिग्रहण का काम जल्द से जल्द पूरा करे।

 

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