कटघोरा में किसान के साथ हुई उठाईगिरी मामले में MP से पकड़ा गया आरोपी,180 किलोमीटर तक खंगाले एक दर्जन CCTV फुटेज,SI मयंक मिश्रा की टीम को मिली कामयाबी

कटघोरा।कटघोरा थाना क्षेत्र के कटघोरा बस स्टैंड(Kar ghira) से एक किसान के बाइक से हुई रकम की उठाईगिरी के मामले को पुलिस(Police) ने सुलझाने में कामयाबी पाई है. इस वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपी में से एक ओमप्रकाश उर्फ बच्चा को पुलिस ने मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के भोलगढ़ से हिरासत में लिया गया है जबकि दूसरा आरोपी अरुण सिसोदिया उर्फ लदहा फरार होने में कामयाब रहा. इस वारदात के बाद एसपी जेएस मीणा के निर्देशन व एएसपी के मार्गदर्शन में एसडीओपी कटघोरा पंकज पटेल के अगुवाई में एक विशेष टीम गठित की गई थी.जिसमे एसआई मयंक मिश्रा के नेतृत्व में विशेष टीम ने हिस्ट्रीशीटर को अनूपपुर से गिरफ्तार किया।सीजीवालडॉटकॉम NEWS के व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए।

लगातार पड़ताल और जांच के बाद करीब एक पखवाड़े के बाद इनकी धरपकड़ सुनिश्चित की गई.हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी में कटघोरा थाने में पदस्थ एसआई मयंक मिश्रा, सउनि अफसर खान, प्र.आर. धनंजय नेटी, आर. विवेक तिर्की, आर. देवसिंह तंवर व आर. अनिल कर्ष की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

पुलिस के लिए इस वारदात को सुलझाने में जो सबसे बड़ी मददगार चीज साबित हुई वह निजी दुकानों में लगी सीसीटीवी रही. एसडीओपी ने बताया कि लगातार फुटेज खंगालने के बाद दोनों आरोपी और उनका चेहरा सामने आ गया था. पुलिस के मुताबिक आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद कटघोरा से सीधे जटगा होते हुए मरवाही और लरगिनी के बाद प्रदेश की सीमापार कर मध्यप्रदेश के अनूपपुर पहुँच गए. उन्होंने लूट की रकम की लेनदेन जटगा के एक ढाबे में की. यहां उन्होंने किसान के पासबुक और दूसरे कागजात को वही फेंक दिया.

बताया गया कि आरोपी पेशेवर अपराधी ही जिनपर पहले भी एमपी के अलग अलग जगहों पर दर्जनों मामले दर्ज है. वे कई प्रकरण में जेल की हवा भी खा चुके है. वे घूम-घूमकर वारदातों को संगठित तौर पर अंजाम देते थे. इसबार भी उन्होंने पूरी प्लानिंग के साथ कटघोरा में एक किसान को अपना शिकार बनाया था लेकिन पुलिस की तत्परता और सूक्ष्मता से की गई पड़ताल में आरोपियों के मंसूबे धरे के धरे रह गए.

एसडीओपी ने बताया कि आरोपी कटघोरा वारदात के ठीक पहले ही पहुंचे थे. कटघोरा उनके टारगेट पर था. यहाँ पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले बैंक का पता पूछा और फिर वह तहसील के पास मौजूद कोऑपरेटिव बैंक पहुंचे. यहां रामलाल नाम के किसान पर उनकी नजर ठहर गई. वह बैंक में रकम गिन रहा था. इसके बाद वह बस स्टैंड पहुंचा और फिर बाइक को छोड़ एक दुकान चला गया. इसी दौरान मौका पाते ही दोनो ने बाइक की डिग्गी से रकम समेत दूसरे कागजात को पार कर दिया. पुलिस का दावा है कि अपराध में प्रयुक्त बाइक, पार किये गए दूसरे कागजात जब्त कर लिए गए है जबकि जल्द ही रकम की रिकवरी भी कर ली जाएगी.

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