साफ-सफाई से ही स्मार्ट बनेंगे शहरः डा. रमन

smart-cm

रायपुर ।    मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मंगलवार को  यहां प्रदेश के नगरीय निकायों के जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों के एक दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब शहरों का परिवेश साफ-सुथरा और बेहतर होगा, तो शहर भी स्मार्ट होगा। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों तथा कर्मचारियों को स्मार्ट और व्यवहार में विनम्र बनना होगा। यह जरुरी है कि योजनाओं का क्रियान्वयन जनभागीदारी से हो और नगरीय निकाय अपने आर्थिक संसाधन विकसित कर स्वावलंबी बनें। प्रबोधन कार्यक्रम में 12 नगर निगमों के महापौर, 44 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और सभापति तथा 112 नगर पंचायतों के अध्यक्ष शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के दो शहरों रायपुर और बिलासपुर का चयन स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत किया गया है। भिलाई शहर भी अपने संसाधनों से सुपर स्मार्ट सिटी के रुप में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अन्य नगरीय निकाय भी अपने संसाधनों से स्मार्ट शहर बन सकते हैं। नगरीय विकास मंत्री  अमर अग्रवाल विशेष अतिथि के रुप में प्रबोधन कार्यक्रम में उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा तैयार कराए गए ऑन लाइन भवन अनुज्ञा साफ्टवेयर का शुभारंभ किया। ऑन लाइन भवन अनुज्ञा का कार्य प्रदेश के दस नगर निगमों में प्रारंभ किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत सामुदायिक शौचालय, सामुदायिक सह सार्वजनिक शौचालयों और निजी शौचालयों के निर्माण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने सुपर स्मार्ट सिटी भिलाई के शुभंकर (लोगो) का विमोचन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वछता जन जागरूकता से जुड़ा विषय है। इस अभियान में नगरीय निकायों की जितनी जिम्मेदारी है, उतनी ही जिम्मेदारी शहरों के नागरिकों की है। योजनाओं के क्रियान्वयन में जन भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी बनने के लिए परिवेश का साफ-सुथरा होना जरुरी है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों कर्मचारियों का व्यवहार भी स्मार्ट होना चाहिए। वे आम जनता की बात सुने और शिष्टाचार से पेश आएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एअरपोर्ट, बाजारों और शमशान घाटों को साफ सुथरा रखा जाना चाहिए। इन स्थानों को बेहतर रखने से लोगों की नगरीय निकायों के प्रति अच्छी धारणा बनती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों और नालियों के निर्माण के साथ अपने संसाधन विकसित करने की तरफ निकायों को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों के विकास के लिए हर संभव सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए वचनबद्ध है।
नगरीय प्रशासन मंत्री  अमर अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश के सारे शहर व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित हो और नागरिकों को बेहतर से बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो, इस विषय पर विचार-विमर्श करने के लिए प्रबोधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा अपने संसाधनों से सुपर स्मार्ट सिटी बनने वाला भिलाई प्रदेश का पहला शहर होगा। भिलाई को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए विशेषज्ञ की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। प्रदेश के दूसरे नगरीय निकाय भी संसाधनों को जुटाने के मामले में आत्मनिर्भर बनने का प्रयास करें। नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव आर.पी. मंडल ने प्रबोधन कार्यक्रम में नगरीय निकायों में किए जाने वाले सुधार कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर शहर की अगले 20 वर्षों के लिए शहर विकास योजना तैयार की जाएगी, जिसमें किए जाने वाले कार्यों की प्राथमिकताएं तय होंगी। उन्होंने कहा कि निकायों को दिए जाने वाले वित्तीय संसाधनों के नियमानुसार उपयोग के लिए चार्टेड एकाउंटेंट नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के 169 नगरीय निकायों में 321 वाटर एटीएम लगाने के लिए राज्य शासन द्वारा 21 करोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं।
 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *