कांग्रेस नेता का कानून मंत्री को ट्विट.. केन्द्र कब करेंगे आर्थिक मदद..हाईकोर्ट के सवाल पर विवेक तंखा का सवाल

बिलासपुर—-वकीलों को आर्थिक मदद वाली याचिका पर एक दिन पहले हाईकोर्ट बिलासपुर ने सरकार और बार कौंसिल से किया कि बताएं वकीलों के मदद में अभी तक क्या क्या किया गया। एक सप्ताह के अन्दर जवाब दे। हाईकोर्ट का सवाल अब राष्ट्रीय स्तर का बन गया है। कांग्रेस नेता विवेक तंखा ने केन्द्रीय कानून मंत्री को ट्विट कर सवाल किया है। उन्होने पूछा है कि केन्द्र सरकार बताए कि वकीलों के लिए अब तक कितनी आर्थिक मदद की गयी है। 
  
                   वकीलों का आर्थिक मदद मामला अब राष्ट्रीय बन चुका है। जानकारी हो कि एक दिन पहले राजेश केशरवानी की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अधिवक्ता संदीप दुबे ने बताया कि एक महीने से देश और प्रदेश में लाकडाउन है। इस दौरान वकीलों की खासकर जूनियर अधिवक्ताओं की आर्थिक स्थिति बदतर तक पहुंच चुकी है। जबकि बार कौंसिल में अधिनियम के तहत प्रावधान है कि हालात के मद्देनजर कमजोर वकीलों को मदद किया जाए। मदद की प्रक्रिया समिति के माध्यम से होगी। समिति में विधि विभाग के सचिव भी है।
 
             संदीप दुबे ने हाईकोर्ट को बताया कि  लाकडाउन यदि आगे नहीं भी बढ़ता है बावजूद इसके वकीलों की समस्या कम नहीं होगी। क्योंकि लाकडाउन खत्म होने के बाद मई जून में हाईकोर्ट का ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। इस दौरान भी कोर्ट का काम बन्द रहेगा। ऐसी सूरत में वकीलों का विधि व्यवसाय पूरी तरह से प्रभावित हो चुका होगा। क्योंकि पिछले एक महीने से कोरोना वायरस के मद्द्नेजर कोर्ट कचहरी फिलहाल बन्द है।
           
             राजेश केशरवानी की याचिका पर संदीप दुबे के तर्क को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता की तरफ मुखातिब होकर सवाल किया कि सरकार बताए अभी तक वकीलों के लिए क्या क्या किया गया।  आगे किस प्रकार से आर्थिक मदद की जाएगी। मामले में हाईकोर्ट ने बार कौंसिल से भी सवाल किया। साथ ही एक सप्ताह का समय देते हुए जवाब पेश करने को कहा।
 
 
        हाईकोर्ट के सवाल को देश के जाने माने वकील और कांग्रेस नेता विवेक तंखा ने मामले को लेकर केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रयास को ट्विट किया है। उन्होने ट्वीट करते कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय मे वकीलों की आर्थिक मदद को लेकर पूछा कि केन्द्र सरकार पूरे राष्ट्र के लाखो वकीलों को आर्थिक मदद दिलाये जाने को लेकर अब तक कोई कार्ययोजना क्यों नहीं बनायीं है। और ना ही ना ही आर्थिक रूप से कमजोर वकीलों के लिए कोई आर्थिक मदद का ऐलान किया है। बताएं एलान कब करेंगे।
loading...
loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading...