कांग्रेस नेता ने लिखा सांसद अरूण को पत्र..कहा केन्द्रीय कानून मंत्री से मांगे मदद..अधिवक्ताओं की हालत खराब

बिलासपुर—- हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने संदीप दुबे की अगुवाई में सांसद अरूण साव को पत्र लिखकर कोरोना संकट में आर्थिक मदद दिलाए जाने की मांग की है। इसके अलावा कांग्रेस लीगल सेल  प्रदेश प्रमुख संदीप दुबे ने सांसद से बातचीत कर अधिवक्ताओं की वस्तुस्थिति से अवगत कराया। बातचीत के बाद संदीप दुबे ने बताया कि सांसद ने आश्वासन दिया है कि मामले को केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर के सामने रखेंगे।
 
          संदीप दुबे की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने सांसद और अधिवक्ता अरुण साव को  पत्र लिखकर वकीलों के लिए आर्थिक समर्थन की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस लीगल सेल प्रमुख उच्च न्यायालय अधिवक्ता संदीप दुबे ने अरूण साव से मोबाइल से बातचीत भी की। संदीप दुबे ने जानकारी दी कि कोरोना प्रकोप और लाकडाउन के बाद वकीलों की खासकर जूनियर अधिवक्ताओं की आर्थिक स्थित नाजुक दौर से गुजर रही है। अधिवक्ता होने के नाते केंद्रीय विधि मंत्री से अधिवताओ के लिए आर्थिक मदद दिलाने में सहयोग करें।
 
          संदीप दुबे ने जानकारी दी कि अरूण साव से अच्छी बातचीत हुई है। उन्होने बताया कि कोरोना लॉक डाउन के चलते अरूण दिल्ली निवास मे फंसे है। अधिवक्ताओं की आर्थिक मदद को लेकर केंद्रीय विधि मंत्री रविशंकर से बातचीत करेंगे। पुरजोर तरीके अधिवक्ताओं की बातों को रखेंगे। उम्मीद है कि केन्द्रीय मंत्री मामले को गंभीरता से लेंगे। 
 
                      जानकारी हो कि राजेश केशरवानी ने जूनियर वकीलों की आर्थिक स्थिति को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर किया है। हाईकोर्ट वकील संदीप दुबे ने पिछले दिनों कोर्ट को बताया कि लाकडाउन के बाद कोर्ट कचहरी बन्द है। इसके बाद मई जून में हाईकोर्ट की ग्रीष्मकालीन अवकाश हो जाएगा। इस दौरान विधि व्यवसाय पूरी तरह से ठप है। जूनियर वकीलों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। यद्यपि बार काउंसिल में मदद का प्रावधान है। बावजूद इसके वकीलों को आज तक मदद नहीं मिली है। मजेदार बात है कि विधि विभाग सचिव समिति के सदस्य भी हैं। मामले में सुुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार और कौंसिल को एक सप्ताह का मौक देते हुए कहा कि बताएं अभी तक वकीलों के हित को लेकर क्या क्या किए है। भविष्य में अधिवक्ताओं के हितों को लेकर क्या स्कीम है।
     
          बताते चलें कि आर्थिक सहायता वकीलों समेत, क्लर्क और फोटो कॉपी संचालक, टाइपिस्ट संगठन ने भी  हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मदद की गुहार लगायी है। सभी मामलों की सुनवाई एक साथ हो रही है। 
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