सांसद साव ने बतायाः किसान और जनधन खाते में करोड़ों की सौगात ..राज्य को 1574 करोड़ की पहली किस्त

बिलासपुर— केंद्रीय कोयला और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन मेघवाल, विदेश राज्यमंत्री व्ही. मुरलीधरन, गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी और अनुसूचित जनजाति कल्याण राज्यमंत्री रेणुका सिंह ने मंगलवार को संयुक्त रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड के सांसदों के साथ  वीडियो कांफ्रेंस कर बैठक ली। बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 21 लाख 58 हजार 961 हितग्राहियों को 432 करोड़ रुपए और प्रधानमंत्री जनधन योजना के 78 लाख 57 हजार 12 हितग्राहियों को 393 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है।
 
                सांसद अरुण साव ने बताया कि बैठक में कोरोना महामारी के मद्देनजर छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य की स्थिति की समीक्षा की गयी है। संकट के इस दौर में केन्द्र  की मोदी सरकार दोनों ही राज्यों की जनता और सरकार के साथ खड़ी है। हर संभव मदद के लिए तत्पर है। गृह राज्य मंत्री रेड्डी ने दोनों राज्यों को भारत सरकार की तरफ दी गयी सहायता के बारे में बताया।
 
              बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 21 लाख 58 हजार 961 हितग्राहियों को 432 करोड़ रुपए और प्रधानमंत्री जन धन योजना के 78 लाख 57 हजार 12 हितग्राहियों को 393 करोड़ रुपए का भुगतान अब तक किया जा चुका है।राष्ट्रीय सामाजिक सहायता पेंशन योजना के प्रदेश के 8 लाख 52 हजार 275  हितग्राहियों को 43 करोड़ रुपए, राज्य आपदा राहत फंड में 216 करोड़ रुपए, स्वास्थ विभाग द्वारा 56 करोड़ रुपए, करों की प्रथम किस्त के रूप में 1574 करोड़ रुपए केन्द्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार को दिए हैं।
 
           सांसद ने जानकारी दी कि गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत एक करोड़ 96 लाख 506 हितग्राहियों के लिए 98 हजार 228 मैट्रिक टन चावल, 6 हजार 45 मैट्रिक टन चना, दाल और उज्जवला योजना के तहत 11 लाख 92 हजार 348 सिलेंडर प्रदेश के हितग्राहियों के लिए दिए गए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार को एन-95 मास्क 85 हजार 915, पीपीई किट 16 हजार 950 एवं 8 लाख एचसीक्यू टेबल दिया गया है।
 
             बैठक में रेड्डी ने कहा कि श्रमिकों और विद्यार्थियों को उनके राज्य भेजने के लिए रेल सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। 85 फीसदी किराया केंद्र सरकार वहन करेगी। केवल 15 प्रतिशत किराया संबंधित राज्य सरकार को वहन करना होगा। विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन ने बताया कि विदेश से भारत आने के इच्छुक विद्यार्थियों और अन्य लोगों को स्वदेश लाने का काम 7 मई से  प्राथमिकता के आधार पर वायु और जल मार्ग से किया जाएगा।
 
           बैठक में छत्तीसगढ़ एवं झारखंड के भाजपा सांसद शामिल हुए। सभी अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराते हुए विभिन्न सुझाव दिए।
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